His twin’s foetus was growing in this boy’s stomach

embryoVaranasi: Doctors have removed an undeloped foetus of a twin from the stomach of a 6 years old child at Popular Hospital here. The case is called Fetus in Fetu in medical science.

वाराणसी.यहां के पॉपुलर हॉस्‍पिटल में डॉक्टरों की टीम ने 6 साल के बच्चे के पेट से ऑपरेशन कर 6 साल का अविकसित भ्रूण निकाला है। दिलचस्प बता ये है कि बच्चे के पेट में अविकसित भ्रूण उसके पिता के स्पर्म से बना था, जो उसका जुड़वां भाई था।क्‍या पढ़िए क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर्स...

 

-डॉ. ए कौशिक ने dainikbhaskar.com को बताया कि 6 साल के बच्चे पेट के अंदर 6 सालों से ये अविकसित भ्रूण डेवलप हो रहा था, जो उसी का ट्वीन्‍स (जुड़वां) था।

-अविकसित भ्रूण का सिर, ब्रेन, रीढ़ की हड्डी, स्पाइन और हाथ पांव का स्ट्रेचर विकसित हो रहा था। हालांकि, ये कभी स्वस्थ जन्म नहीं लेता।

 

मेडिकल साइंस में इसे कहते हैं Fetus in Fetu 
-टीम में शामिल डॉ. अलोक भारद्वाज ने बताया कि दो बच्चे एक साथ मां के गर्भ में थे।

-एक बच्चे का विकास हुआ, वहीं दूसरा भ्रूण उस विकसित जन्म लिए बच्चे के पेट में चला गया और धीरे-धीरे विकसित होने लगा।
-सीधे तौर पर कहा जाए तो उसका जुड़वा भाई उसके पेट में चला गया।

 

भ्रूण सिर्फ नाभि के नाल से जुड़ा था, इसलिए हो रहा था ब्‍लड सक्रुलेशन 
-उन्‍होंने बताया कि प्रेग्‍नेंट महिला के भीतर नाभि नली से दोनों बच्चे जुड़े थे।
-इसमें एक बच्चा बच्चेदानी में होने के कारण उसे सही प्रकार से ब्लड आदि मिलने लगा, जिससे वो नॉर्मल पैदा हुआ।
-उसी जगह दूसरा बच्चा किसी प्रकार से नॉर्मल बच्चे के पेट के ऊपरी हिस्से (ओमेंटम) में पहुंच गया।

-इस प्रकार यहां धीरे-धीरे विकसित होने लगा।
-मां का भ्रूण पेट में आहार नाल से भी जुड़ा होता है।
-ये भ्रूण केवल नाभि के नाल से जुड़ा था, जिससे ब्‍लड सक्रुलेशन हो रहा था।

 

करीब एक किलो था अनडेवलप भ्रूण का वजन 

-बच्चे का अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन कराया गया तो गांठनूमा चीज रिपोर्ट में आया था, जिसे टेरोटोमा कहते हैं।
-अम्लाइकल कॉर्ड (नाभि से जुड़ी नाल) के जरिये मां से गर्भ में भ्रूण में ब्‍लड सक्रुलेशन होता है।
-इस केस में 6 साल के अंशु (नाम बदला) से भ्रूण अम्लाइकल कॉर्ड से जुड़ा था, जहां से ब्‍लड सक्रुलेशन हो रहा था।
-भ्रूण का आट्री अंशु के अम्लाइकल कॉर्ड से जुड़ा था।

-इसमें ऑपरेशन का खर्च डेढ़ लाख रुपए तक आता है।

 

ऐसे होता रहा भ्रूण का विकास
-डॉक्टर का दावा है कि इस बच्चे के पेट में लगातार भ्रूण का विकास होता जा रहा था।

-डॉक्टर के अनुसार, मां के गर्भ में कभी-कभी दो बच्चों का भ्रूण होता है।

-ऐसे में हो सकता है कि एक भ्रूण का विकास तो हो जाता है, लेकिन दूसरे भ्रूण का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता है।

-ऐसे में विकसित भ्रूण के शरीर में दूसरे अविकसित भ्रूण का ट्रांसफर हो जाता है।

-धीरे-धीरे बच्चे के साथ भ्रूण का भी विकास होता जाता है।

 

इस केस की होती है 2 थ्‍योरी 

-डॉ. कौशिक के मुताबिक ऐसे केस की दो थ्योरी होती है।

-पहली थ्योरी के मुताबिक इसे ‘फिटस इन फीटो’ या टेराटोमा बोलते हैं।

-उनके मुताबिक यह अविकसित गर्भ कि एक ऐसी अवस्था होती है जिसमें गर्भ की अबनार्मल ग्रोथ इंटरनल टीसू के कारण होती है।

-दूसरी थ्योरी के मुताबिक, टेराटोमा जो कि एक प्रकार की गांठ होती है जिसमें कई तरह कि कोशिकाएं आपस में एकत्रित होकर इसका निर्माण करती है।

 

5 लाख केसों में आता है एक ऐसा मामला 

-डॉक्‍टरों ने कहा कि ऐसा 5 लाख केसों में एक होता है।
-मेडिकल साइंस में जब तक भ्रूण पेट के अंदर होता है, तब तक जीवित माना जाता है।
-डॉक्टरों के मुताबिक, मेडिकल साइंस में ऐसी चीजें संभव है।

-यह भारत में जहां 10वां केस है, वहीं विश्व में शायद 100वां केस होगा।

 

ये है लक्ष्‍ण 

-इसके लक्ष्ण में मुख्य रूप से पेट का सूजन बढ़ता है।

-पेट में रह-रह कर दर्द होता है और शरीर सुस्त पड़ता है।

-पिता वीरेंद्र कुमार भारती की माने तो उनके बच्चे को कुछ साल पहले दर्द होना शुरू हुआ था।

-जिसे बाद में दवा आदि से ठीक कर लिया गया, लेकिन इधर 4 महीने से वो ढंग से खा-पी नहीं रहा था। उसके पेट में दर्द भी रहता था।

-हालांकि, जब डॉक्‍टरों ने उन्‍हें उनके बेटे के जुड़वां भाई होने की बात बताई तो वो शॉक्‍ड रह गए।

 

وارانسی. یہاں کے پاپولر اسپتال میں ڈاکٹروں کی ٹیم نے 6 سال کے بچے کے پیٹ سے آپریشن کر 6 سال کا پسماندہ جنین نکالا ہے. دلچسپ بتا یہ ہے کہ بچے کے پیٹ میں پسماندہ جنین اس کے والد کے اسپرم سے بنا تھا، جو اس کا جڑواں بھائی تھاكيا پڑھیے کیا کہتے ہیں ڈاکٹر …

-ڈ. اے کوشک نے dainikbhaskar.com کو بتایا کہ 6 سال کے بچے پیٹ کے اندر 6 سالوں سے یہ پسماندہ جنین ڈیولپ ہو رہا تھا، جو اسی کا ٹوينس (جڑواں) تھا.
-وكست جنین کا سر، دماغ، ریڑھ کی ہڈی، ریڑھ کی ہڈی اور ہاتھ پاؤں کا سٹریچر تیار ہو رہا تھا. تاہم، یہ کبھی صحت مند جنم نہیں لیتا.

میڈیکل سائنس میں یہ کہتے ہیں Fetus in Fetu
-ٹيم میں شامل ڈاکٹر الوك بھاردواج نے بتایا کہ دو بچے ایک ساتھ ماں کے پیٹ میں تھے.
-ایک بچے کا ترقی ہوئی، وہیں دوسرا جنین اس ترقی یافتہ پیدائش بچے کے پیٹ میں چلا گیا اور آہستہ آہستہ تیار ہونے لگا.
-براہ راست طور پر کہا جائے تو اس کا جڑواں بھائی اس کے پیٹ میں چلا گیا.

جنین صرف ناف کے نال سے منسلک کیا گیا تھا، اس لئے ہو رہا تھا بلڈ سكرلےشن
-نهونے بتایا کہ حاملہ عورت کے اندر اندر ناف نلی سے دونوں بچے منسلک تھے.
-سمے ایک بچہ بچہ دانی میں ہونے کی وجہ سے اسے صحیح طرح سے بلڈ وغیرہ ملنے لگا، جس سے وہ نارمل پیدا ہوا.
-سي جگہ دوسرا بچہ کسی قسم کی طرف سے نارمل بچے کے پیٹ کے اوپری حصے (اومےٹم) میں پہنچ گیا.
-وہ طرح یہاں آہستہ آہستہ تیار ہونے لگا.
-ما کا جنین پیٹ میں غذا نال سے بھی جڑا ہوتا ہے.
-يے جنین صرف ناف کے نال سے منسلک کیا گیا تھا، جس سے بلڈ سكرلےشن ہو رہا تھا.

تقریبا ایک کلو تھا انڈےولپ جنین کا وزن
-بچچے کا الٹراساؤنڈ، سٹی اسکین کرایا گیا تو گاٹھنوما چیز رپورٹ میں آیا تھا، جسے ٹےروٹوما کہتے ہیں.
-ملاكل ہڈی (ناف سے منسلک نال) کے ذریعے ماں سے پیٹ میں جنین میں بلڈ سكرلےشن ہوتا ہے.
-وہ کیس میں 6 سال کے اش (نام تبدیل) سے جنین املاكل ہڈی سے منسلک کیا گیا تھا جہاں سے بلڈ سكرلےشن ہو رہا تھا.
-بھرو کا اٹري اش کے املاكل ہڈی سے منسلک کیا گیا تھا.
-سمے آپریشن کا خرچ ڈیڑھ لاکھ روپے تک آتا ہے.

ایسے ہوتا رہا جنین کی ترقی
-ڈكٹر کا دعوی ہے کہ اس بچے کے پیٹ میں مسلسل جنین کی ترقی ہوتا جا رہا تھا.
-ڈكٹر کے مطابق، ماں کے پیٹ میں کبھی کبھی دو بچوں کا جنین ہوتا ہے.
-ےسے میں ہو سکتا ہے کہ ایک جنین کی ترقی تو ہو جاتا ہے، لیکن دوسرے جنین کی ترقی پوری طرح نہیں ہو پاتا ہے.
-ےسے میں تیار جنین کے جسم میں دوسرے پسماندہ جنین کا ٹرانسفر ہو جاتا ہے.
-دھيرے آہستہ بچے کے ساتھ جنین کا بھی ترقی ہوتی جاتی ہے.

اس کیس کی ہوتی ہے 2 تھیوری
-ڈ. کوشک کے مطابق ایسے کیس کے دو تھیوری ہوتی ہے.
-پهلي تھیوری کے مطابق اسے ‘پھٹس ان پھيٹو’ یا ٹےراٹوما بولتے ہیں.
-نكے مطابق یہ پسماندہ پیٹ کہ ایک ایسی حالت ہوتی ہے جس میں پیٹ کی ابنارمل ترقی انٹرنل ٹيسو کی وجہ ہوتی ہے.
-دوسري تھیوری کے مطابق، ٹےراٹوما جو کہ ایک قسم کی گانٹھ ہوتی ہے جس میں کئی طرح کہ خلیے آپس میں جمع ہو کر اس کی تعمیر کرتی ہے.

5 لاکھ کیسوں میں آتا ہے ایک ایسا معاملہ
-ڈكٹرو نے کہا کہ ایسا 5 لاکھ کیسوں میں ایک ہوتا ہے.
-مےڈكل سائنس میں جب تک جنین پیٹ کے اندر ہوتا ہے، تب تک زندہ سمجھا جاتا ہے.
-ڈكٹرو کے مطابق، میڈیکل سائنس میں ایسی چیزیں ممکن ہے.
-یہ بھارت میں جہاں 10 واں کیس ہے، وہیں دنیا میں شاید 100 واں کیس گے.

یہ ہے لكش
-سكے لكش میں بنیادی طور پر پیٹ کی سوجن اگتا ہے.
-پےٹ میں رہ رہ کر درد ہوتا ہے اور جسم سست پڑتا ہے.
-پتا وریندر کمار بھارتی کی مانے تو ان کے بچے کو کچھ سال پہلے درد ہونا شروع ہوا تھا.
-جسے بعد میں منشیات وغیرہ سے ٹھیک کر لیا گیا، لیکن ادھر 4 ماہ سے وہ طریقے سے کھا پی نہیں رہا تھا. اس کے پیٹ میں درد بھی رہتا تھا.
-هالاك جب ڈاکٹروں نے انہیں ان کے بیٹے کے جڑواں بھائی ہونے کی بات بتائی تو وہ شكڈ رہ گئے.

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