Girl fell in river, flows to district in other state 50 kms away. Now wants to live with family who rescued her

mahanadiA girl was washed away in Mahanadi river upto 50 kilometres away from Raigarh district of Chattisgarh. Now, she has refused to return home and wants of live with the family who had rescused her in another district which in Odisha district.

The 19 years old girl Sunita Yadav lived with Soni Yadav at Saranggarh. She informed that she had visited a timple. She was washing her face on the banks of the river when suddenly she fell in the river and washed away.

She informed that people of village Kusmool in Odisha rescued her and ensured her treatment. Therefore, she wants to live with them and refused to return home.

रायपुर (छत्तीसगढ़). रायगढ़ जिले की महानदी में फिसलकर गिरी लड़की करीब 50 किमी दूर बहने के बाद भी जिंदा बच गई। उसका जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। अब लड़की अपनी बाकी की जिंदगी उन्हीं लोगों के साथ बिताना चाहती है, जिन्होंने उसे बचाया। 15 घंटे लगातार नदी की धार में बहती रही...

छत्तीसगढ़ की सोनी को ओडिशा में दूसरी जिंदगी

 19 साल की सोनी यादव सारंगढ़ के पास छिंद गांव में अपनी मौसी के सुनीता यादव के साथ रहती है।

– सोनी ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब से वह सारंगढ़ से चंद्रपुर चंद्रहासिनी मंदिर आई हुई थी।

– शाम को करीब 5 बजे जब वो नाथलदाई पुल के नीचे मुंह धो रही थी, तो उसे अपने पैर में कुछ फंसने का अहसास हुआ।

– पैर झटकने के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नदी की धार में आ गिरी और डूबने लगी। इस बीच उसे याद नहीं की क्या हुआ।

– फिर बुधवार सुबह 5 से 5.30 बजे कुछ मछुआरों ने उसे कुसमुल में नदी की धार से निकाला। सोनी को कुछ भी याद नहीं कि वो वहां कैसे पहुंची।

– पुलिस के साथ चंद्रपुर पहुंची सोनी ने बताया कि कुसमुल गांव के लोगों ने उसकी बहुत सेवा की है।

– उसे बचाने के बाद वे लोग उसे डॉक्टर के पास ले गए और उसे दूसरी जिंदगी दी, इसलिए वह अपनी बाकी की जिंदगी कुसमुल (ओडिसा) के लोगों के बीच ही बिताना चाहेगी।

ऐसे बचाई जा सकी जान

– रातभर महानदी की धारा में लगातार 15 घंटे तक बहने के बाद सोनी बुधवार की सुबह ओड़िसा के हीराकुंड डैम के स्टोरेज एरिया में स्थित कुसमुल पहुंच गई।

– वहां दो मछ़ुआरे महानदी में मछली पकड़ रहे थे। मछुआरे संन्यासी कालो ने बताया कि नदी में काफी अंदर लड़की का थोड़ा-सा हाथ सुबह के धुंधलके में दिखा।

– मछुआरों ने तो पहले उसे लकड़ी समझा, बाद में हाथ जैसा दिखा तो उन्हें किसी इंसान के बहने का अंदेशा हुआ।

– इसके बाद उसने बिना ज्यादा सोचे-समझे 2 और साथियों के साथ नदी में कूदकर लड़की को निकाला।

मछुआरे भी मानते हैं इसे पानी का चमत्कार

– साेनी की जान बचाने वाले मछुआरो की पत्नी अहिल्या कालो ने कहा कि, हम मछुआरे हैं। हमें पता है कि लबालब नदी में सोनी का जिंदा मिलना बहुत बड़ा चमत्कार है। वह बिना सहारे ही बहे जा रही थी। ये देवी मां का आशीर्वाद ही है।

– अहिल्या के तीन बेटे हैं। वह साेनी को अपनी बेटी की तरह अपने साथ रखना चाहती है। इसके लिए उसे उसके पति और पूरे परिवार की परमीशन है।

رائے پور (چھتیس گڑھ). رائے گڑھ ضلع کی مہاندی میں پھسل کر گری لڑکی تقریبا 50 کلومیٹر دور بہنے کے بعد بھی زندہ بچ گئی. اس کا زندہ بچنا کسی معجزہ سے کم نہیں ہے. اب لڑکی اپنی باقی کی زندگی انہی لوگوں کے ساتھ خرچ چاہتی ہے، جنہوں نے اس کو بچایا. 15 گھنٹے مسلسل دریا کے کنارے میں بہتی رہی …
چھتیس گڑھ کی سونی کو اڑیسہ میں دوسری زندگی
– 19 سال سونی یادو سارگڑھ کے پاس چھد گاؤں میں اپنی خالہ کے سنیتا یادو کے ساتھ رہتی ہے.
– سونی نے بتایا کہ منگل کی صبح 11 بجے کے قریب سے وہ سارگڑھ سے چندر پور چدرهاسني مندر آئی ہوئی تھی.
– شام کے قریب 5 بجے جب وہ ناتھلداي پل کے نیچے منہ دھو رہی تھی، تو اسے اپنے پاؤں میں کچھ پھنسنے کا احساس ہوا.
– پاؤں جھٹكنے کے دوران توازن بگڑنے سے وہ دریا کے کنارے میں آ گری اور ڈوبنے لگی. اس درمیان اسے یاد نہیں کیا ہوا.
– پھر بدھ کی صبح 5 سے 5.30 بجے کچھ ماہی گیروں نے اسے كسمل میں دریا کے کنارے سے نکالا. سونی کو کچھ بھی یاد نہیں کہ وہ وہاں کس طرح پہنچی.
– پولیس کے ساتھ چندر پور پہنچی سونی نے بتایا کہ كسمل گاؤں کے لوگوں نے اس کی بہت خدمت کی ہے.
– اسے بچانے کے بعد وہ لوگ اسے ڈاکٹر کے پاس لے گئے اور اسے دوسری زندگی دی، اس لئے وہ اپنی باقی کی زندگی كسمل (اوڈسا) کے لوگوں کے درمیان ہی خرچ چاہے گی.
ایسے بچائی جا سکی جان
– رات بھر مہاندی کی دفعہ میں مسلسل 15 گھنٹے تک بہنے کے بعد سونی بدھ کی صبح اوڑسا کے هيراكڈ ڈیم کے اسٹوریج ایریا میں واقع كسمل پہنچ گئی.
– وہاں دو مچھ़ارے مہاندی میں مچھلی پکڑ رہے تھے. مچھآری اولیاء کھاتے نے بتایا کہ دریا میں کافی اندر لڑکی کا تھوڑا سا ہاتھ صبح کے دھدھلكے میں دکھا.
– ماہی گیروں نے تو پہلے اس لکڑی سمجھا، بعد میں ہاتھ جیسا دیکھیے تو انہیں کسی انسان کے بہنے کا اندیشہ ہوا.
– اس کے بعد اس نے بغیر زیادہ سوچے سمجھے 2 اور ساتھیوں کے ساتھ دریا میں کود کر لڑکی کو نکالا.
مچھآری بھی مانتے ہیں اسے پانی کا معجزہ
– ساےني کی جان بچانے والے مچھارو کی بیوی اهليا کھاتے نے کہا کہ، ہم مچھآری ہیں. ہمیں پتہ ہے کہ لبالب دریا میں سونی کا زندہ ملنا بہت بڑا معجزہ ہے. وہ بغیر سہارے ہی بہے جا رہی تھی. یہ دیوی ماں کا مجزوب ہی ہے.
– اهليا کے تین بیٹے ہیں. وہ ساےني کو اپنی بیٹی کی طرح اپنے ساتھ رکھنا چاہتی ہے. اس کے لئے اسے اس کے شوہر اور پورے خاندان کی پرميشن ہے.

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