Mother finds children lost in train 17 months ago

trainMorena: Joy of a mother knew no bound as she was reunited with her son and two daughters who were lost during a train journey. These children were housed in a juvenile home at Morena after they were lost by their parents belonging to Ratnagiri, Maharashtra.
Children were lost when some anti social elements had fought with their parents in the train. After the incident and missing of children mother Sita had lost mental balance.
मुरैना। ट्रेन में खोए बेटे व दो बेटियों के गम में मानसिक खो संतुलन खो चुकी मां ने 17 माह बाद जब उन्हें देखा तो उनसे लिपटकर फफक-फफक कर रो पड़ी। मुरैना बालगृह में रह रहे इन बच्चों काे उनकी मां से मिलवाया विशेष किशोर इकाई पुलिस ने। मां सीता विश्वकर्मा महाराष्ट्र के रत्नागिरि से मुरैना आई, जो मंगलवार को बच्चों को लेकर महाराष्ट्र के लिए रवाना होगी। इस तरह मिली मां-बाप की पहचान
 – दरअसल, 28 अप्रैल 2015 को जीआरपी को मनीष और उसकी दो बहनें अंजलि, अनुराधा घूमते हुए मिले थे।
– उस वक्त मनीष 5 साल माह, अंजलि 3 वर्ष 6 माह और अनुराधा 2 वर्ष 3 माह की थी।
– काफी खोजने के बाद जब इन बच्चों के माता-पिता नहीं मिले तो जीआरपी ने उन्हें बालगृह पहुंचाया।
– मासूम बच्चों ने बालगृह के अधिकारियों को बताया कि ट्रेन में माता-पिता का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था और इसी दौरान वे बिछड़ गए।
– बच्चों ने मां का नाम सीता व पिता का नाम दीपक विक्का बताया था। लेकिन ये बच्चे घर का पता नहीं बता सके।
इस तरह मिली मां-बाप की पहचान
– विशेष किशोर इकाई पुलिस के निरीक्षक शिवकुमार शर्मा अक्सर बालगृह आकर बच्चों से बातचीत करते थे।
– 17 सितंबर को वे बच्चों से बात कर रहे थे। इसी दौरान मनीष ने बताया कि वह महाराष्ट्र रत्नागिरि में मारूति मंदिर के पास हयात नगर के रहने वाले हैं।
– इतनी जानकारी मिलने के बाद 19 सितंबर को शिवकुमार, लक्ष्मीनारायण दुबे, राकेश तिवारी व कमल सिंह गुर्जर के साथ महाराष्ट्र के लिए रवाना गए।
– पूछताछ करते-करते उनकी बच्चों के नाना हरि विश्वकर्मा से मुलाकात हुई। इस तरह बच्चों की मां का पता चला।
घबराई हुई थी बच्चों की मां पिता हैं लापता
– मासूम बच्चों को लेने सोमवार को मां सीता के साथ नानी व जीजा भी मुरैना आए। मां सीता बहुत घबराई हुई थी।
– उनके दामाद प्रकाश ने बताया कि बच्चों से बिछडऩे के बाद जब यह सीता पहुंची तो उनके सिर में चोट थी और बच्चों के पिता भी घायल थे।
– तभी से सीता दिमागी संतुलन खो चुकी है। प्रकाश के मुताबिक कुछ दिनों बाद बच्चों के पिता दीपक बच्चों के ढूंढने के लिए घर से निकले थे तब से वे भी घर नहीं पहुंचे हैं।
– पता चला है कि वे नेपाल में हैं। सीता का परिवार पहले नेपाल में रहकर मजदूरी कर चुका है।

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