Mother had thrown baby alive in bag in nullah, awarded life imprisonment

umr-qaidJabalpur: ADJ Rajiv Shrivastava has sentenced Reenu Ahuja who had thrown her six month old baby girl Arohi alive in bag in nullah resulting in her death. The judge has also imposed a fine of Rs. 5 thousand on Reenu, a resident of Jackson Compound, Jabalpur.
She was arrested on the basis of CCTV footage and on interrogation, had confessed to her crime.
भोपाल/जबलपुर। बहुचर्चित आरोही हत्याकांड की जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी हो गई है। दिल दहला देने वाले इस मामले में 6 माह की बच्ची की हत्या का आरोप उसकी ही मां पर था। बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए एडीजे राजीव श्रीवास्तव की अदालत ने हत्यारिन मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पढ़ें क्या था पूरा मामला…
 दोनों हाथों में मेहंदी लगाकर कोर्ट पहुंची थी हत्यारी मां
जेल से कोर्ट जाते वक्त इस हत्यारी मां ने महिला टीआई और एसआई से कहा था कि मैं आज रिहा होने वाली हूं।
– रिहाई की खुशी में रितु ने अपने दोनों हाथों में मेहंदी लगा रखी थी। मांग में सिंदूर, हाथों में चूड़ियां पहनकर रितु खुशी-खुशी कोर्ट पहुंची थी।
– बेटी की हत्या का अफसोस उसके चेहरे पर जरा भा नजर नहीं आ रहा था।
यह आया फैसला…
– जिला न्यायालय जबलपुर के अपर सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने धारा 302 के तहत हत्यारिन मां रितु आहूजा (26) जैक्सन कंपाउंड, सिविल लाइन को उम्रकैद की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है।
– सरकारी वकील एलएस ठाकुर के अनुसार, मां ने अपनी अबोध बेटी को 7 सितम्बर 2014 को जिंदा नयागांव के नाले मे फेंक दिया था।
– इससे उसकी मौत हो गई थी। बेटी को ले जाते वह एक ब्यूटी पार्लर के CCTV कैमरे में आ गई थी।
पहले दिन से ही संदेहास्पद थे मां के बयान
-7 सितम्बर 2014 को सिविल लाइन्स थानांतर्गत जेक्सन कम्पाउंड में रहने वाले सुशील आहूजा की 6 माह की बेटी आरोही रहस्यमय तरीके से घर से लापता हो गई थी।
-घटना के पहले दिन से ही लापता बच्ची की मां रितु के बयान संदेहास्पद नजर आ रहे थे, जिससे यह सनसनीखेज मामला उलझता चला गया था।
– घटना के दसवें दिन सुबह पुलिस ने रितु को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की।
– करीब एक घंटे चली पूछताछ में रितु ने पूरी घटना का सच उगल दिया था।
बेबी बैग में ले जाकर फेंका था नाले में
– इस मामले में जांच कर रही पुलिस ने सभी चौराहों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की थी।
– जबलपुर के रामपुर क्षेत्र के एक सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग ने मां को संदेह के घेरे में ला दिया था।
-दरअसल जब रितु से घटना वाले दिन की दिनचर्या के बारे में पुलिस ने पूछताछ कर उसे क्रॉस चेक किया तो सच्चाई सामने आ गई।
-बताए समय पर वह एक बेबी बैग के साथ घर से जाते हुए तो दिखी, लेकिन आते वक्त बैग साथ में नहीं था। यहीं से पुलिस का शक पुख्ता हो गया था।
-फुटेज के आधार पर पुलिस ने रितु से पूछताछ की और आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए आरोही को बरगी हिल्स ले जाकर जीवित अवस्था में एक नाले में फेंकना स्वीकार किया था।
-बयानों के आधार पर पुलिस ने 16 सितंबर को रितु को आरोही की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर घटना स्थल से 6 माह की बच्ची का शव बरामद किया था।

फुटेज साबित हुआ अहम सबूत
-इस मामले में 16 सितंबर 2014 से ही गिरफ्तार रितु आहूजा की हाईकोर्ट से दो बार जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी।
-पुलिस द्वारा पेश किए गए चालान पर जिला सत्र न्यायालय में 23 सितंबर 2016 को अंतिम सुनवाई हुई।
-आरोपी रितु आहूजा की ओर से अधिवक्ता नरेन्द्र निखारे और राज्य सरकार की ओर से एजीपी एलएस ठाकुर ने पक्ष रखा।
-प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अदालत ने हत्यारिन मां को उम्र कैद की सजा सुनाई।

بھوپال / جبل پور. سرخیوں میں چھائے صعودی قتل کی ضلع سیشن کورٹ میں سماعت مکمل ہو گئی ہے. دل دہلا دینے والے اس معاملے میں 6 ماہ کی بچی کے قتل کا الزام اس ہی ماں پر تھا. بدھ کو اپنا فیصلہ سناتے ہوئے اےڈيجے راجیو شریواستو کی عدالت نے هتيارن ماں کو عمر قید کی سزا سنائی ہے. پڑھیں کیا تھا پورا معاملہ …

دونوں ہاتھوں میں مہندی لگا کر کورٹ پہنچی تھی هتياري ماں
جیل سے عدالت جاتے وقت اس هتياري ماں نے خواتین ٹياي اور SI سے کہا تھا کہ میں آج جاری ہونے والی ہوں.
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– ریلیز کی خوشی میں ریتو نے اپنے دونوں ہاتھوں میں مہندی لگا رکھی تھی. مانگ میں سندور، ہاتھوں میں چوڑیاں پہن کر ریتو خوشی خوشی کورٹ پہنچی تھی.
– بیٹی کے قتل کا افسوس اس کے چہرے پر ذرا بھا نظر نہیں آ رہا تھا.
یہ آیا فیصلہ …
– ڈسٹرکٹ کورٹ جبل پور کے ایڈیشنل سیشن جج راجیش شریواستو نے دفعہ 302 کے تحت هتيارن ماں ریتو آہوجا (26) جیکسن کمپاؤنڈ، سول لائن کو عمر قید کی سزا اور 5 ہزار روپے جرمانے سے سزا دی ہے.
– سرکاری وکیل اےلےس ٹھاکر کے مطابق، ماں نے اپنی معصوم بیٹی کو 7 ستمبر 2014 کو زندہ نياگاو کے نالے میں پھینک دیا تھا.
– اس سے اس کی موت ہو گئی تھی. بیٹی کو لے جاتے وہ ایک بیوٹی پارلر کے CCTV کیمرے میں آ گئی تھی.
پہلے دن سے ہی مشکوک تھے ماں کے بیان
-7 ستمبر 2014 کو سول لائنز تھاناترگت جےكسن کمپاؤنڈ میں رہنے والے سشیل آہوجا کی 6 ماہ کی بیٹی صعودی پراسرار طریقے سے گھر سے لاپتہ ہو گئی تھی.
-گھٹنا کے پہلے دن سے ہی لاپتہ بچی کی ماں ریتو کے بیان مشکوک نظر آ رہے تھے، جس سے یہ سنسنی خیز معاملہ الجھتا چلا گیا تھا.
– واقعہ کے دسویں دن صبح پولیس نے ریتو کو حراست میں لیا اور اس سے سختی سے پوچھ گچھ کی.
– تقریبا ایک گھنٹے تک جاری رہی پوچھ گچھ میں ریتو نے پوری واقعہ کا سچ اگل دیا تھا.

بچے بیگ میں لے جا کر پھینک دیا تھا نالے میں
– اس صورت میں تحقیقات کر رہی پولیس نے تمام چوکوں سی سی ٹی وی کیمروں کی تحقیقات کی تھی.
– جبل پور کے رام پور علاقے کے ایک سی سی ٹی وی کیمرے کی ریکارڈنگ نے ماں کو شک کے گھیرے میں لا دیا تھا.
-درسل جب ریتو ایونٹ والے دن معمول کے بارے میں پولیس نے پوچھ گچھ کر اسے کراس چیک کیا تو سچائی سامنے آ گئی.
-بتاے وقت پر وہ ایک بچے بیگ کے ساتھ گھر سے جاتے ہوئے تو نظر آئی، لیکن آتے وقت بیگ ساتھ میں نہیں تھا. یہیں سے پولیس کا شک پختہ ہو گیا تھا.
-پھٹےج کی بنیاد پر پولیس نے ریتو سے پوچھ گچھ کی اور آخر کار اس نے اپنا جرم قبول کرتے ہوئے صعودی کو برگي پہاڑیوں لے جاکر زندہ حالت میں ایک نالے میں پھینک قبول کیا تھا.
-بيانو کی بنیاد پر پولیس نے 16 ستمبر کو ریتو کو صعودی کے قتل کے الزام میں گرفتار کر واردات سے 6 ماہ کی بچی کی لاش برآمد کیا تھا.

فوٹیج ثابت ہوا اہم ثبوت
-وہ معاملے میں 16 ستمبر 2014 کی طرف سے ہی گرفتار ریتو آہوجا کی ہائی کورٹ سے دو بار ضمانت عرضی مسترد ہو چکی تھی.
-پلس کی طرف سے پیش کئے گئے بل پر ضلع سیشن کورٹ میں 23 ستمبر 2016 کو حتمی سماعت ہوئی.
-اروپي ریتو آہوجا کی جانب سے ایڈووکیٹ نریندر نكھارے اور ریاستی حکومت کی جانب سے اےجيپي اےلےس ٹھاکر نے موقف رکھا.
-پركر سے متعلق ثبوتوں اور سی سی ٹی وی فوٹیج کی بنیاد پر عدالت نے هتيارن ماں کو عمر قید کی سزا سنائی.

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