Man marries minor sister with moneylender in lieu of loan: How she saved herself from clutches of muscleman

girlIndore: A minor girl was married off by her own brother moneylender in lieu of loan which he was unable to repay. The girl begot a girl child from this marriage. But the man did not accept the girl child. Due to this the girl ran away from his house, where she was being treated as a domestic servant.

Monisha Yadav wife of Jeet Kumar informed childline that her in-laws live at scheme number 51. Her father has passed away. Her brother has taken huge loan from Sagar resident Jeet Kumar. When he was unable to repay loan, Jeet Kumar pressurized her brother to marry her with him in liu of loan when she was already engaged to someone else.

Everything was fine for some months after marriage. But after that, Jeet Kumar married another girl, kept her as maid servant and started subjecting her to a number of atrocities. Meanwhile, she begot a girl child. Jeet Kumar and his other wife started teasing her and her newborn child. Due to this, she contacted her previous fiancé and ran away with her leaving the girl child at Jeet’s home,

इंदौर। वक्त और हालात ने इसके साथ ऐसा खेल खेला कि वह मासूम बेटी को छोड़कर भाग गई। पुलिस की पड़ताल में जो कहानी सामने आई वह दिलदहलाने वाली है। उसके भाई ने अपना कर्जा चुकाने के लिए एक सूदखोर के साथ जबरदस्ती उसकी शादी कर दी थी। जिसने उसे नौकरानी बनाकर रखा। पुराने मंगेतर से शादी के लिए छोड़ा था बेटी को...
– मोनिशा यादव पति जीत कुमार ने चाइल्ड-लाइन को बताया कि उसका मायका स्कीम नंबर 51 में है, उसके पिता नहीं है।

– उसके बड़े भाई ने सागर निवासी जीत कुमार से काफी कर्जा ले रखा था। जीत कर्जा उतारने के लिए बहुत दबाव बना रहा था। उसने भैया को कहा या तो मेरे पैसे चुकाओं या अपनी बहन से मेरी शादी करा दो।
– उस समय मेरा रिश्ता मेरी मामी के एक रिश्तेदार से तय हो गया था, लेकिन जीत से डरकर भैया ने वह रिश्ता तोड़कर उससे मेरी शादी करवा दी।
– हमारी शादी मंदिर में हुई थी। शादी के बाद कुछ दिन तक तो सब ठीक चला फिर जीत ने मेरे साथ मार-पीट शुरू कर दी। वह मुझे नौकरानी की तरह रखता था।
– बेटी होने के बाद उसका व्यवहार और खराब हो गया, फिर उसने दूसरी शादी कर ली और उस लड़की को घर ले आया। दोनों मुझे और मेरी बेटी को खूब परेशान करते थे।
– मजबूर होकर मैं अपने मायके आ गई, लेकिन यहां भैया का व्यवहार भी ठीक नहीं था। इसलिए मैं उनके घर के पास एक कमरा लेकर रहने लगी।
– मैंने एक बुटिक में नौकरी कर ली, लेकिन वेतन इतना कम मिल रहा है कि गुजारा करना भी मुश्किल था। तंग आकर मैंने वापस अपने मंगेतर से बात की।
– उसकी शादी नहीं हुई थी। वह मुझसे शादी करने को तो तैयार हो गया, लेकिन अंशिता को अपनाने को तैयार नहीं था।
– मैं अपनी मम्मी का इलाज करवाने डॉ. बार्गल के यहां आती हूं। मुझे वो काफी भले इंसान लगे। मुझे पता चला कि उनका कोई बच्चा नहीं है, इसलिए मैंने अंशिता को उनके पास छोडने का फैसला किया।
कर रहे हैं पुनर्वास की कोशिश
-चाइल्ड लाइन के अविनाश वर्मा ने बताया कि हमने ये मामला बाल विकास समिति के सामने रखा है। फिलहाल अंशिता चाइल्ड लाइन में ही है।
– अंशिता के पुनर्वास के लिए कुछ समाजसेवी और दानदाता भी हमारे संपर्क में हैं। हम ये कोशिश कर रहे हैं कि या तो उसे मोनिशा को कोई अच्छा रोजगार मिल जाए या उसे किसी ऐसी संस्था में भेज दिया जाए, जहां उसके और अंशिता के रहने की व्यवस्था भी हो जाए और उसे वोकेशनल ट्रेनिंग भी मिल सके।
– हम मोनिशा के पुराने मंगेतर को भी ये समझाने का प्रयास करेंगे कि वह उसे अंशिता के साथ अपना ले।
ये था मामला
– बुधवार को सुविधि नगर स्थित डॉ. सीएस बार्गल के क्लीनिक में एक महिला ढाई साल की एक बच्ची को छोडकर चली गई थी।
– महिला ने डॉ. की पत्नी से कहा कि वह उसकी मां का ट्रीटमेंट करवाने आई है। वह मां को चौराहे से लेकर आ रही है तब तक आप बच्ची को संभाल लो।
– लेकिन उसके बाद वह महिला गायब हो गई। इस पर डॉ. बार्गल ने एरोड्रम थाने को सूचना दी। पुलिस ने अंशिता नामक बच्ची को चाइल्ड-लाइन संस्था को सौंप दिया था।
– मोबाइल नम्बर्स के आधार पर पुलिस ने उसकी मां मोनिशा यादव (22) निवासी नंबर 51 को ढूंढ निकाला।
– मोनिशा ने स्वीकार किया कि वह खुद अपनी बेटी को डाॅक्टर के क्लिनिक पर छोडकर गई थी। उसने कहा कि डाॅक्टर भले आदमी है उसे लगा था वो उसकी बेटी को अपना लेंगे और उसकी अच्छे से देखभाल करेंगे।

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