Son kills brutally mother on refusal to give money for gutkha

killerUjjain: A teenager was so much angry with his mother for her refusal to give money for gutkha that he brutally killed her with a stick made of babool (acacia tree) wood. He also ran after his father to kill him, but he managed to save his life.

The attacks were so brutal that in the first attack, eyes of the mother came out their sockets and in the second, her brain came out of her skull.

The police arrested the minor killer and sent him to juvenile home.

उज्जैन में एक बेटे के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि उसने अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया। फिर वह अपने पिता को मारने दौड़ पड़ा। पिता ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। दिनेश नामक इस बेटे को मां के कत्ल का बिलकुल भी अफसोस नहीं था।क्या है पूरा मामला...

– उज्जैन के राघवी थाना टीआई रमेशचंद्र रघुवंशी ने बताया कि दिल दहलाने वाली ये घटना उनके क्षेत्र के काना खेड़ी हरवंश गांव की है।

– गांव में बालाराम पटेल अपनी पत्नी और पुत्र के साथ रहते हैं। वो रात में टॉयलेट करने निकले। तभी उन्हें पत्नी की चीख सुनाई दी।
– वह तुरंत घर के अंदर आए। अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। अंदर बेटा दिनेश हाथ में बबूल की मोटी लकड़ी लिए खड़ा था।
– जमीन पर पत्नी धापूबाई खून से लथपथ पड़ी थी। उसकी आंखें बाहर निकल गई थी और सिर बिखरा पड़ा था।
– पिता को देख दिनेश उसी लकड़ी से उनको मारने के लिए दौड़ पड़ा। उसे आता देख तो बालाराम चीखते हुए बाहर भागा।
– चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए । दिनेश के सिर पर खून सवार देख वो लोग भी सहम गए। वो समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर मामला क्या है।
– पड़ोसियों ने किसी तरह से दिनेश को काबू में किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीआई रमेश रघुवंशी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
– दिनेश को हिरासत में लेकर वे उसे थाने ले आए। जब उन्होंने दिनेश से अपनी मां के कत्ल की वजह पूछी तो वो जोर-जोर से हंसने लगा। उसने पुलिस को हंसते हुए बताया कि एक वार में उसकी आंखें बाहर आ गईं और दूसरे में तो भेजा ही निकल गया।
गुटखा खाने के लिए पैसे नहीं दिए तो ले ली मां की जान
– टीआई के मुताबिक दिनेश ने पूछताछ में बताया कि वह खेड़ा खजूरिया गांव में हो रहे गरबे देखने जाना चाहता था।
– उसने दिन में मां से गुटखे के लिए पैसे मांगे थे लेकिन उसने इनकार कर दिया। पैसे नहीं होने से वह गरबा देखने नहीं गया इस कारण उसे बहुत गुस्सा आ रहा था ।
– उसने बताया कि उसकी मां उसे पैसे के लिए बहुत परेशान करती है। उसने तय कर लिया कि पिताजी के सोने के बाद वह मां का काम तमाम कर देगा।
– मां को मारने के लिए वह दिन में ही बबूल की लकड़ी ले आया था। उसने लकड़ी पहले से ही कमरे में छिपा दी थी। रात में मौका मिलते ही उसने मां के सिर पर लकड़ी से वार कर उसे मार दिया।
– पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है।

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