Man remarries wife in police station for sake of 14 years old daughter

daughterIn a rare case, a person agreed to remarry his wife after 14 years of divorce. Shashikant Shrivastava had married Vandana 16 years ago. Due to frequent domestic fights, he divorced her after birth of a girl child 2 years after the marriage.

On Sunday, the divorcee approached the police and urged them to make the ex-husband bear expenses of the daughter who is now 14 years old. On her application, Shashikant was called to police station.

After counseling, he agreed to live with the woman again. On this, the police asked him to remarry Vandana. Thus Shashikant and Vandana’s remarriage was solemnised in the police station itself in the presence of their daughter.

ग्वालियर। शादी के 3 साल बाद पति-पत्नी में झगड़े होने लगे। आखिरकार बेटी को साथ लेकर पत्नी मायके में रहने लगी। कोर्ट केस के बाद 2012 में दोनों के बीच तलाक हो गया। तलाक के बाद पति-पत्नी दोनों को पछतावा होने लगा तो पत्नी एडीशनल एसपी के पास पति से मिलवाने की गुहार लगाने पहुंची। पति भी पुलिस के पास पहुंच गया। दोनों के बीच समझौता हुआ और थाने में ही दोबारा शादी कर ली।यह है मामला….

– भिंड में रहने वाली वंदना की शादी 16 साल पहले वीरेंद्र वाटिका निवासी शशिकांत श्रीवास्तव के साथ हुई थी।
– शादी के बाद 2 साल आराम से कटे, एक बेटी का जन्म भी हो गया, लेकिन इसके बाद पारिवारिक कलह बढ़ी और दोनों अलग-अलग रहने लगे।
– शशिकांत ने पत्नी को लाने की कोशिश भी की, लेकिन लड़ाई के चलते वंदना उसके साथ घर वापस नहीं लौटी।

2012 में दोनों का तलाक हो गया
– अंत में शशिकांत ने तलाक की अर्जी लगा दी, और 2012 में तलाक का आदेश जारी हो गया।

– अदालत के आदेश पर शशिकांत, वंदना और उसकी बेटी को भरण-पोषण हेतु हर माह 2 हजार रुपये देने लगा।
– शशिकांत ने पुनर्विचार याचिका लगाई और 2014 में कोर्ट के निर्देश पर वंदना को भरण-पोषण भत्ता मिलना भी बंद हो गया।
– उधर मायके वालों ने भी हाथ खींच लिया, वंदना को 14 साल की बेटी के साथ गुजारा करना भी मुश्किल हो गया।

तंग आकर वंदना ने पुलिस की मदद ली
– जब वंदना की गुजर-बसर मुश्किल हो गई तो वह बेटी के भविष्य की खातिर एडीशनल एसपी अमृत मीणा के दफ्तर पहुंच गई।

-वंदना का कहना था कि उसके पास कोई इनकम नहीं है। पति से बेटी के भविष्य के लिए कुछ समझौता कराया जाए।

-वंदना की कहानी सुनने के बाद ASP मीणा ने वंदना के पति शशिकांत को भी ऑफिस में बुला लिया।
– शशिकांत आया तो ASP ने बेटी के भविष्य की बात कही और उससे पूछा कि उनके झगड़े में बेटी का क्या कुसूर है।
– मीणा की लंबी काउंसिलिंग के बाद शशिकांत बेटी की खातिर वंदना को दोबारा साथ रखने के लिए तैयार हो गया।

दोबारा थाने में ही शादी करा दी एडीशनल एसपी ने
– समझौते के बाद ASP अमृत मीणा ने शशिकांत और वंदना को दोबारा शादी करने की नसीहत दी।
– ऑफिस में हीं 2 मालाएं मंगाई गईं और सबके सामने एक दूसरे को माला पहना कर शशिकांत और वंदना से शादी कर ली।

گوالیار. شادی کے 3 سال بعد میاں بیوی میں جھگڑے ہونے لگے. آخر کار بیٹی کو ساتھ لے کر بیوی میکے میں رہنے لگی. کورٹ کیس کے بعد 2012 میں دونوں کے درمیان طلاق ہو گیا. طلاق کے بعد میاں بیوی دونوں کو افسوس ہونے لگا تو بیوی ایڈیشنل ایس پی کے پاس شوہر سے ملوانے کی فریاد لگانے پہنچی. شوہر بھی پولیس کے پاس پہنچ گیا. دونوں کے درمیان معاہدہ ہوا اور تھانے میں ہی دوبارہ شادی کر لييه ہے معاملہ ….

– بھنڈ میں رہنے والی وندنا کی شادی 16 سال پہلے وریندر باغ رہائشی ششكات شریواستو کے ساتھ ہوئی تھی.

– شادی کے بعد 2 سال سکون سے کٹے، ایک بیٹی کی پیدائش بھی ہو گیا، لیکن اس کے بعد خاندانی اختلاف بڑھی اور دونوں الگ الگ رہنے لگے.

– ششكات نے بیوی کو لانے کی کوشش بھی کی، لیکن جنگ کے چلتے وندنا اس کے ساتھ گھر واپس نہیں لوٹی.

2012 میں دونوں کا طلاق ہو گیا

– آخر میں ششكات نے طلاق کی عرضی لگا دی، اور 2012 میں طلاق کا حکم جاری ہو گیا.

– عدالت کے حکم پر ششكات، وندنا اور اس کی بیٹی کو پرورش کیلئے ہر ماہ 2 ہزار روپے دینے لگا.

– ششكات نے نظر ثانی کی درخواست لگائی اور 2014 میں کورٹ کی ہدایت پر وندنا کو پرورش الاؤنس ملنا بھی بند ہو گیا.

– ادھر میکے والوں نے بھی ہاتھ کھینچ لیا، وندنا کو 14 سال کی بیٹی کے ساتھ گزارا کرنا بھی مشکل ہو گیا.

تنگ آکر وندنا نے پولیس کی مدد لی

– جب وندنا کی گزر بسر مشکل ہو گئی تو وہ بیٹی کے مستقبل کی خاطر ایڈیشنل ایس پی امرت مینا کے دفتر پہنچ گئی.

-ودنا کا کہنا تھا کہ اس کے پاس کوئی انکم نہیں ہے. شوہر سے بیٹی کے مستقبل کے لئے کچھ سمجھوتہ کرایا جائے.

-ودنا کی کہانی سننے کے بعد ASP مینا نے وندنا کے شوہر ششكات کو بھی آفس میں بلا لیا.

– ششكات آیا تو ASP نے بیٹی کے مستقبل کی بات کہی اور اس سے پوچھا کہ ان کے جھگڑے میں بیٹی کا کیا قصور ہے.

– مینا کی طویل مشورے کے بعد ششكات بیٹی کی خاطر وندنا کو دوبارہ ساتھ رکھنے کے لئے تیار ہو گیا.

دوبارہ تھانے میں ہی شادی کرا دی ایڈیشنل ایس پی نے

– معاہدے کے بعد ASP امرت مینا نے ششكات اور وندنا کو دوبارہ شادی کرنے کی نصیحت دی.

– آفس میں کہیں 2 مالاے floats کے گئیں اور سب کے سامنے ایک دوسرے کو مالا پہنا کر ششكات اور وندنا سے شادی کر لی.

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