Liquor mafia kidnaps and cuts legs of youth, broke both hands too

Liquor and drug mafia have become fearless in Punjab state of India. This has become evident by their atrocities on people who defy or oppose them. On Monday night, the mafia kidnapped and cut legs of youth, broke both hands too. Later, the youth passed away. The mafia took away of his the youth’s cut leg. Family members are saying that they would cremate the youth only after his leg is recovered.

mafiaThe police have filed a case against 6 persons including including Akali sarpanch Sardul Singh and CM’s driver Niranjan Singh.

The youth had left liquor mafia 4 months ago. That is why the mafia got angered with him and took revenge in this brutal way.

लुधियाना.पंजाब में डोडा कांड के 10 महीने बाद एक बार फिर वैसी ही वारदात सामने आई है। मानसा के गांव घरागणां में सोमवार रात 20 साल के दलित युवक सुखचैन सिंह को शराब माफिया ने अगवा किया। फिर दोनों पांव काट डाले। दोनों हाथ भी तोड़ दिए। इस वजह से युवक ने तड़पकर दम तोड़ दिया। आरोपियों को शक था कि सुखचैन अवैध शराब की तस्करी की खबर पुलिस को देता है। आरोपी उसकी कटी हुई एक टांग भी साथ ले गए। घरवालों ने कहा – कटे अंग मिलने के बाद करेंगे अंतिम संस्कार…

– पुलिस ने जिन 6 आरोपियों पर कत्ल का केस दर्ज किया, उनमें से अकाली सरपंच सरदूल सिंह और सीएम के ड्राइवर निरंजन सिंह के रिश्तेदार भी हैं।

– पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहले पुलिस ने केस दर्ज करने में आनाकानी की और अब आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।

– मृतक के घरवालों ने शव को मानसा अस्पताल में रखकर धरना भी दिया। उनका कहना है कि जब तक शव के बाकी हिस्से नहीं मिलते और आरोपी पकड़े नहीं जाते, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

– बता दें कि 10 महीने पहले अबोहर में ठीक इसी तरह शराब कारोबारी नेता शिवलाल डोडा के फार्म हाउस में दलित युवक भीम टांक की हाथ-पांव काटकर हत्या कर दी गई थी।

मृतक ने 4 महीने पहले छोड़ा था अवैध शराब का धंधा

– सुखबीर सिंह ने बताया कि उसका भाई सुखचैन अवैध शराब बेचता था। लेकिन करीब चार महीने पहले ही उसने ये धंधा छोड़ दिया था।

– इसलिए उसके पुराने साथी हरदीप सिंह, बिट्‌टा सिंह, साधू सिंह, बलवीर काला, बिट्‌टू सिंह और सीता सिंह के साथ अनबन थी।

– सोमवार रात 8.15 बजे जब सुखचैन बोलेरो गाड़ी में घर लौट रहा था तो हरदीप सिंह और बिट्‌टा सिंह ने साथियों के साथ मिलकर उसकी गाड़ी पर पथराव किया।

– जैसे ही गाड़ी रुकी, वे लोग सुखचैन को अगवा कर ले गए। उसके भाई की दोनों टांगें काट ली और उसके बाद दोनों बाजू भी तोड़ दी। इसके बाद सुखचैन ने दम तोड़ दिया।

– आरोपी लाश को सुखचैन के घर के पीछे एक गली में फेंक गए। यही नहीं, सुखचैन की कटी हुई एक टांग भी साथ ले गए। परिवार को लाश मंगलवार सुबह दशहरे के दिन मिली।

शराब माफिया को पॉलिटिकल सपोर्ट के दो बड़े केस

– 10 दिसंबर, 2015 को अबोहर में शराब कारोबारी व अकाली नेता शिवलाल डोडा के फार्म हाउस में दलित युवक भीम टांक का हाथ-पांव काटकर कत्ल कर दिया गया।

– 31 दिसंबर, 2015 को संगरूर में शिरोमणि अकाली दल यूथ विंग के जनरल सेक्टरी की शह पर पुलिस कानदार को उठा लाई और उसे बुरी तरह टाॅर्चर किया। ये केस भी पेंडिंग है।

अारोपी दूर के रिश्तेदार, लेकिन अब उनसे कोई संबंध नहीं

घरागणा के सरपंच सरदूल सिंह ने सफाई दी कि हरदीप और बिट्टू मेरे बाबे के पोते हैं, लेकिन हमारा उनसे लंबे अर्से से कोई संबंध नहीं। मेरे पिता सीएम साहब के साथ रहते हैं, पर केस के साथ इसका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन नहीं है।

لدھياناپجاب میں ڈوڈہ سانحہ کے 10 ماہ بعد ایک بار پھر ویسی ہی واردات سامنے آئی ہے. مانسا کے گاؤں گھراگا میں پیر کی رات 20 سال کے دلت نوجوان سكھچےن سنگھ کو شراب مافیا نے اغوا کیا. پھر دونوں پاؤں کاٹ ڈالے. دونوں ہاتھ بھی توڑ دیے. اس وجہ سے نوجوان نے تڑپ کر دم توڑ دیا. ملزمان کو شک تھا کہ سكھچےن غیر قانونی شراب کی اسمگلنگ کی خبر پولیس کو دیتا ہے. ملزم اس کٹی ہوئی ایک ٹانگ بھی ساتھ لے گئے. گھر والوں نے کہا – کٹے عضو ملنے کے بعد کریں گے جنازہ …

– پولیس نے جن 6 ملزمان پر قتل کا کیس درج کیا، ان میں سے اکالی سرپنچ سردول سنگھ اور وزیر اعلی کے ڈرائیور نرنجن سنگھ کے رشتہ دار بھی ہیں.

– متاثرہ خاندان کا الزام ہے کہ پہلے پولیس نے کیس درج کرنے میں آنا کانی کی اور اب ملزمان کو گرفتار نہیں کررہی ہے.

– میت کے گھر والوں نے لاش کو مانسا ہسپتال میں رکھ کر دھرنا بھی دیا. ان کا کہنا ہے کہ جب تک لاش کے باقی حصے نہیں ملتے اور ملزم پکڑے نہیں جاتے، جنازہ نہیں کریں گے.

– بتا دیں کہ 10 ماہ قبل ابوهر میں ٹھیک اسی طرح شراب کاروباری رہنما شولال ڈوڈہ کے فارم ہاؤس میں دلت نوجوان بھیم ٹانک کی ہاتھ پاؤں کاٹ کر قتل کر دی گئی تھی.

میت نے 4 ماہ پہلے چھوڑا تھا غیر قانونی شراب کا دھندہ

– سکھبیر سنگھ نے بتایا کہ اس کا بھائی سكھچےن غیر قانونی شراب فروخت کرتا تھا. لیکن قریب چار ماہ پہلے ہی اس نے یہ دھندہ چھوڑ دیا تھا.

– اس وجہ سے اس کے پرانے ساتھی ہردیپ سنگھ، بٹا سنگھ، سادھو سنگھ، بلوير سیاہ، بٹو سنگھ اور سیتا سنگھ کے ساتھ ان بن تھی.

– پیر کی رات 8.15 بجے جب سكھچےن بولیرو گاڑی میں گھر واپس آ رہا تھا تو ہردیپ سنگھ اور بٹا سنگھ نے ساتھیوں کے ساتھ مل کر ان کی گاڑی پر پتھراؤ کیا.

– جیسے ہی گاڑی رکی، وہ لوگ سكھچےن کو اغوا کر لے گئے. اس کے بھائی کی دونوں ٹاںگیں کاٹ لی اور اس کے بعد دونوں بازو بھی توڑ دی. اس کے بعد سكھچےن نے دم توڑ دیا.

– ملزم زومبی سكھچےن کے گھر کے پیچھے ایک گلی میں پھینک گئے. یہی نہیں، سكھچےن کی کٹی ہوئی ایک ٹانگ بھی ساتھ لے گئے. خاندان کو لاش منگل کی صبح دشهرے کے دن ملی.

شراب مافیا کو پولیٹکل سپورٹ کے دو بڑے کیس

– 10 دسمبر، 2015 کو ابوهر میں شراب کاروباری اور اکالی لیڈر شولال ڈوڈہ کے فارم ہاؤس میں دلت نوجوان بھیم ٹانک کا ہاتھ پاؤں کاٹ کر قتل کر دیا گیا.

– 31 دسمبر، 2015 کو سگرور میں شرومنی اکالی دل یوتھ ونگ کے جنرل سےكٹري کی شہ پر پولیس كاندار کو اٹھا لائی اور اسے بری طرح ٹارچر کیا. یہ کیس بھی پینڈنگ ہے.

ااروپي دور کے رشتہ دار، لیکن اب ان سے کوئی تعلق نہیں

گھراگا کے سرپنچ سردول سنگھ نے صفائی دی کہ ہردیپ اور بٹو میرے بابے کے پوتے ہیں، لیکن ہمارا ان سے طویل عرصے سے کوئی تعلق نہیں. میرے والد وزیر اعلی صاحب کے ساتھ رہتے ہیں، پر کیس کے ساتھ اس کا کوئی پولیٹکل کنکشن نہیں ہے.

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