Doctor dies as he leaves rope thrown to save him to retrieve mobile

drownedA doctor’s car fell into a well on Indore-Dewas bypass. His wife and daughter were also in the car. People rushed to save them. They threw a rope to save the doctor. But he let go of the rope to retrieve mobile from water due to which he drowned.

Doctor Pushpendra Babulal Dixit (37) was a resident of Awadhpuri in Bhopal. His wife Mayura caught the rope and came out with her about 2 years old daughter. But the doctor lost his life due to his love for his mobile as he left the rope and drowned.

र. देवास बायपास पर एक डॉक्टर की कार कुएं में गिर गई। कार में डॉक्टर के साथ पत्नी और बेटी भी थे। बचाव के लिए आए लोगों ने रस्सी फेंककर पत्नी और बेटे को कुएं से निकाला, लेकिन मोबाइल बचाने के चक्कर में डॉक्टर ने रस्सी छोड़ दी, जिससे उनकी डूबकर मौत हो गई।
– भोपाल के अवधपुरी-सौम्या पार्कलैंड्स में रहने वाले पुष्पेंद्र बाबूलाल दीक्षित (37), पत्नी मयूरा और डेढ़ साल की बेटे आयांश के साथ दशहरा पर इंदौर में अपनी ससुराल आए थे।
– पुष्पेंद्र बुधवार को इंदौर से भोपाल के लिए कार से निकले। देवास बायपास पर शंकरगढ़ पहाड़ी (हनुमान मंदिर वाली) के सामने कार बेकाबू होकर रोड से उतर गई।

– कार खेत में बिना मुंडेर वाले कुएं में जा गिरी। कच्चे कुएं में गाद होने से कार पूरी तरह फंस गई थी।
– कार को कुएं में गिरता देख कुछ लोग मदद को आए। उन्होंने देखा कि कार आधी डूब गई थी।

– उन्होंने तत्काल रस्सी की जुगाड़ कर उसे कुएं में फेंका और पकड़ने के लिए आवाज देने लगे।
– इस पर पत्नी ने रस्सी पकड़ी और बेटी को गोद में लेकर बाहर निकल आई।
– इसके बाद डॉक्टर ने भी रस्सी थामकर ऊपर आने की कोशिश की। इसी दौरान उनका ध्यान मोबाइल की तरफ गया और उसे संभालने के चक्कर में रस्सी छूट गई।
– टीआई शैलेंद्र मुकाती ने बताया कि करीब 45 मिनट तक क्रेन से कार को निकालने की कोशिश की गई। लेकिन पिछला गेट ही बाहर आ पाया।
– आखिर में गांव के लोगों के साथ टीम ने पुष्पेंद्र को बाहर निकाला। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन वे नहीं बच पाए।

मुझे नहीं जाना है, परिवार वाले आ रहे हैं

– हादसे के बाद बदहवास पत्नी और बच्चे को पुलिस ने तुरंत कुएं से दूर किया और बाहर रोड पर लाए।

– उनसे अस्पताल जाने की गुजारिश की गई, लेकिन महिला बार-बार कहती रही कि मुझे नहीं जाना। परिवार वाले यहीं आ रहे हैं, यहीं रहना है।

– दरअसल, उनकी नजरों के सामने पति कार सहित अंदर डूब गए थे और उन्हें तब तक निकाला नहीं गया था।

اندور. دیواس نظرانداز پر ایک ڈاکٹر کی کار کنویں میں گر گئی. گاڑی میں ڈاکٹر کے ساتھ بیوی اور بیٹی بھی تھے. بچاؤ کے لئے آئے لوگوں نے رسی پھینک کر بیوی اور بیٹے کو کنویں سے نکالا، لیکن موبائل بچانے کے چکر میں ڈاکٹر نے رسی چھوڑ دی، جس سے ان کی ڈوب کر ہلاک ہو گئی.

– بھوپال کے اودھپري-سومیا پاركلےڈس میں رہنے والے پشپےدر بابو لال دکشت (37)، بیوی ميورا اور ڈیڑھ سال کی بیٹے اياش کے ساتھ دسہرہ پر اندور میں اپنی سسرال آئے تھے.
– پشپےدر بدھ کو اندور سے بھوپال کے لئے کار سے نکلے. دیواس نظرانداز پر شكرگڑھ پہاڑی (ہنومان مندر والی) کے سامنے گاڑی بے قابو ہوکر روڈ سے اتر گئی.
– کار کھیت میں بغیر منڈیر والے کنویں میں جا گری. خام کنویں میں جد ہونے سے گاڑی مکمل طرح پھنس گئی تھی.
– کار کو کنویں میں گرتا دیکھ کر کچھ لوگ مدد کے لیے آئے. انہوں نے دیکھا کہ کار آدھی ڈوب گئی تھی.
– انہوں نے فوری طور پر رسی کی جگاڑ کر اسے کنویں میں پھینکا اور پکڑنے کے لئے آواز دینے لگے.
– اس پر بیوی نے رسی پکڑی اور بیٹی کو گود میں لے کر باہر نکل آئی.
– اس کے بعد ڈاکٹر نے بھی رسی تھام کر اوپر آنے کی کوشش کی. اسی دوران ان کی توجہ موبائل کی طرف گیا اور اسے سنبھالنے کے چکر میں رسی چھوٹ گئی.
– ٹياي شیلیندر مكاتي نے بتایا کہ تقریبا 45 منٹ تک کرین سے گاڑی کو نکالنے کی کوشش کی گئی. لیکن گزشتہ گیٹ ہی باہر آ ملا.
– آخر میں گاؤں کے لوگوں کے ساتھ ٹیم نے پشپےدر کو باہر نکالا. انہیں ضلع ہسپتال لایا گیا، لیکن وہ نہیں بچ پائے.

مجھے نہیں جانا ہے، خاندان والے آ رہے ہیں
– حادثے کے بعد بدحواس بیوی اور بچے کو پولیس نے فوری طور پر کنویں سے دور کیا اور باہر روڈ پر لائے.
– ان ہسپتال جانے کی گزارش کی گئی، لیکن عورت بار بار کہتی رہی کہ مجھے نہیں جانا. خاندان والے یہیں آ رہے ہیں، یہیں رہنا ہے.
– بے شک، ان نظروں کے سامنے شوہر کار سمیت اندر ڈوب گئے تھے اور انہیں اس وقت تک نکالا نہیں گیا تھا.

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