AMU Prof leaves wife of 11 years for new girlfriend, wife comes searching for him to Lucknow

husbandLucknow: Shabana, the wife of Aligarh Muslim University professor Mohammad Rizwan has come to Lucknow searching for him. After 11 years of marriage preceded by 4 years of courtship, Rizwan has left Shabana for his old girlfriend and is hiding somewhere in Lucknow. He has also taken with him the two daughters of Shabana.

She said that Prof Rizwan used to love his cousin sister before their marriage. But his mother was not ready for his marriage with cousin sister since she was a divorcee. He married Shabana and begot 2 daughters, but now his love for old girlfriend resurfaced and he fled away to her with 2 daughters.

Shabana wants justice and custody of her daughters. She has approached all higher authorities but to no avail.

लखनऊ. ‘मैंने तो लव मैरि‍ज की थी, लेकिन मुझे क्या पता था कि 11 साल में मेरी जिंदगी नर्क बन जाएगी।’ ये बात कहते हुए अलीगढ़ की शबाना रो पड़ीं। दरअसल, शबाना अपने पति और दो बच्चों को ढूंढने लखनऊ आई हुई हैं। उन्होंने बताया कि 4 साल के लव अफेयर के बाद उनकी 11 साल की शादी टूट गई है। क्योंकि, उनके पति का किसी और लड़की के साथ अफेयर चल रहा है। जब वो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ती थींं, तब उन्हें अपने प्रोफेसर रिजवान से प्यार हो गया था और दोनों ने शादी कर ली थी। शबाना ने न्‍याय के लिए राजधानी के महिला सम्मान प्रकोष्ठ में गुहार लगाई है।

4 साल के अफेयर के बाद हुई थी शादी

– अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन (2001 से 2004) कर रही शबाना को प्रोफेसर मोहम्मद रिजवान से प्यार हो गया।

– रिजवान राजधानी के सिसेंदी इलाके के रहने वाले हैं। धीरे-धीरे उनकी मुलाकातें क्लास के बाहर भी होने लगीं। उनका अफेयर करीब 4 साल तक चला।

– 1st जनवरी 2005 को दोनों ने शादी कर ली, लेकिन इसके बाद शबाना पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।

नहीं छोड़ पाया मामा की लड़की का साथ

– शबाना बताती हैं, शादी के बाद पता चला कि उनके पति अपने मामा की लड़की को पसंद करते थे, लेकिन मांं के दबाव के कारण उससे शादी नहीं कर पाए।

– लेकिन मेरी सास उसे पसंद नहीं करती थीं, क्‍योंकि वो तलाकशुदा थी।

– इस दौरान शबाना की 2 बेटियां भी हुई। इसके बाद रिजवान का झुकाव मामा की बेटी की तरफ बढ़ने लगा।

– 30 जून 2015 को रिजवान दोनों बेटियों को लेकर फरार हो गया।

पति और बच्चियों को ढूंढ़ने आई लखनऊ

– शबाना पति और बच्चियों को ढूंढ़ते-ढूंंढ़ते अलीगढ़ से लखनऊ पहुंची।

– यहांं पता चला कि सर्वोदय नगर में वो लोग किराए के मकान में रह रहे हैं और बच्चियां महानगर गर्ल्स कॉलेज में पढ़ रही हैं।

– जब उसने बच्चों से मिलना चाहा तो राजधानी के गाजीपुर थाने में रिजवान ने बच्चियों की मुलाकात उससे कराई।

– 30 जून 2015 से लेकर 29 अगस्त 2016 तक शबाना अपने बच्चों से हर दो तीन महीने पर मिलती रही। इसके बाद रिजवान यहां से भी गायब हो गया। बहुत ढूंंढ़ने पर भी वो नहीं मिला।

हज जैसे पवित्र स्थान पर मारा था उसने

– शबाना कहती है, रिजवान उसे शादी के बाद से ही बात-बात पर मारने-पीटने लगा था। उसने उनकी जिंदगी नर्क बना दी थी।

– यहांं तक कि जब दोनों हज पर गए, तो उस पवित्र स्थान पर भी उसने उनपर हाथ उठाया।

मिलने नहीं दिया बच्‍चों से

– शबाना ने बताया, 29 अप्रैल 2016 को वो सर्वोदय नगर के मकान पर बच्‍चों से मिलने गईं।

– वहां पर रिजवान ने अपने मकान मालिक से कहकर उसे घर से निकलवा दिया।

– इसके बाद 1 मई 2016 को उसने रिजवान के खिलाफ गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

– इसके बाद वो वहां से बच्‍चों को लेकर फरार हो गया।

– उनका कहना है कि उन्‍होंने अपनी कहानी राज्यपाल और महिला आयोग को मेल के जरिए बताई, लेकिन कुछ असर नहीं हुआ।

– फिलहाल शबाना यही चाहती हैं कि उनकी बच्चियां उसके पास रहेंं, लेकिन रिजवान ने बच्चियों को डरा धमका कर अपने पास रखा हुआ है।

 

لکھنؤ. ‘میں نے تو لو میرج کی تھی، لیکن مجھے کیا پتہ تھا کہ 11 سال میں میری زندگی جہنم بن جائے گی.’ یہ بات کہتے ہوئے علی گڑھ کی شبانہ رو پڑیں. دراصل، شبانہ اپنے شوہر اور دو بچوں کو ڈھونڈنے لکھنؤ آئی ہوئی ہیں. انہوں نے بتایا کہ 4 سال کے لو افیئر کے بعد ان کی 11 سال کی شادی ٹوٹ گئی ہے. کیونکہ، ان کے شوہر کا کسی اور لڑکی کے ساتھ افیئر چل رہا ہے. جب وہ علی گڑھ مسلم یونیورسٹی میں پڑھتی تھي، تب انہیں اپنے پروفیسر رضوان سے پیار ہو گیا تھا اور دونوں نے شادی کر لی تھی. شبانہ نے انصاف کے لئے دارالحکومت خاتون احترام سیل میں فریاد ہے.

4 سال کے افیئر کے بعد ہوئی تھی شادی

– علی گڑھ مسلم یونیورسٹی سے گرےجےشن (2001 سے 2004) کر رہی شبانہ کو پروفیسر محمد رضوان سے پیار ہو گیا.

– رضوان دارالحکومت کے سسےدي علاقے کے رہنے والے ہیں. آہستہ آہستہ ان کی ملاقاتیں کلاس کے باہر بھی ہونے لگیں. ان کا افیئر قریب 4 سال تک چلا.

– 1st جنوری 2005 کو دونوں نے شادی کر لی، لیکن اس کے بعد شبانہ پر مصیبتوں کا پہاڑ ٹوٹ پڑا.

نہیں چھوڑ پایا ماما کی لڑکی کا ساتھ

– شبانہ بتاتی ہیں، شادی کے بعد پتہ چلا کہ ان کے شوہر آپ ماما کی لڑکی کو پسند کرتے تھے، لیکن ما کے دباؤ کی وجہ سے اس سے شادی نہیں کر پائے.

– لیکن میری ساس اسے پسند نہیں کرتی تھیں، کیونکہ وہ طلاق تھی.

– اس دوران شبانہ کے 2 بیٹیاں بھی ہوئی. اس کے بعد رضوان کا جھکاؤ ماما کی بیٹی کی طرف بڑھنے لگا.

– 30 جون 2015 کو رضوان دونوں بیٹیوں کو لے کر فرار ہو گیا.

شوہر اور بچیوں کو ڈھونڈنے آئی لکھنؤ

– شبانہ شوہر اور بچیوں کو ڈھونڈتے-ڈھوڑھتے علی گڑھ سے لکھنؤ پہنچی.

– يها پتہ چلا کہ سروودیہ شہر میں وہ لوگ کرائے کے مکان میں رہ رہے ہیں اور بچیاں شہر کی لڑکیوں کالج میں پڑھ رہی ہیں.

– جب اس نے بچوں سے ملنا چاہا تو دارالحکومت کے غازی پور تھانے میں رضوان نے بچیوں کی ملاقات اس کرائی.

– 30 جون 2015 سے لے کر 29 اگست 2016 تک شبانہ اپنے بچوں سے ہر دو تین ماہ پر ملتی رہی. اس کے بعد رضوان یہاں سے بھی غائب ہو گیا. بہت ڈھوڑھنے پر بھی وہ نہیں ملا.

حج جیسے مقدس مقام پر مارا تھا اس نے

– شبانہ کہتی ہے، رضوان اس کی شادی کے بعد سے ہی بات بات پر مارنے پیٹنے لگا تھا. اس نے ان کی زندگی جہنم بنا دی تھی.

– يها تک کہ جب دونوں حج پر گئے، تو اس مقدس مقام پر بھی اس نے ان پر ہاتھ اٹھایا.

ملنے نہیں دیا بچوں سے

– شبانہ نے بتایا، 29 اپریل 2016 کو وہ سروودیہ شہر کے مکان پر بچوں سے ملنے گئیں.

– وہاں پر رضوان نے اپنے مالک مکان سے کہہ کر اسے گھر سے نکلوا دیا.

– اس کے بعد 1 مئی 2016 کو اس نے رضوان کے خلاف غازی پور تھانے میں ایف آئی آر درج کرائی.

– اس کے بعد وہ وہاں سے بچوں کو لے کر فرار ہو گیا.

– ان کا کہنا ہے کہ انہوں نے اپنی کہانی گورنر اور عورت کمیشن کو میل کے ذریعے بتائی، لیکن کچھ اثر نہیں ہوا.

– فی الحال شبانہ یہی چاہتی ہیں کہ ان کی بچیاں اس کے پاس رهے، لیکن رضوان نے بچیوں کو ڈرا دھمکا کر اپنے پاس رکھا ہوا ہے.

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