“Papa forgive me, I couldn’t do anything”…. And then youth committed suicide

suicide Kota (Rajasthan): A youth was sitting on the banks of Chambal river. Then he started shooting video selfie addressing his father. He said, “Papa forgive me, I can’t do anything”…. And then youth committed suicide by jumping into the river.

Aman Gupta was a student hailing from Hajipir in Bihar who was undergoing coaching at Kota, which has become a hub for higher studies coaching in India. Over the last few months, a number of students have committed suicide here due to pressure of studies.

कोटा। मेडिकल प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे एक स्टूडेंट ने पहले दोस्तों से बात की। फिर चंबल नदी के किनारे पर जा बैठा। कुछ देर सोचने के बाद उसने सेल्फी वीडियो बनाया। रोता रहा, पापा-मम्मी और छोटे भाई को याद करता रहा। बोलता रहा- मुझे माफ कर देना। मैं वो नहीं कर पाया, जिसकी आपको उम्मीद थी। छोटू तू अच्छे से पढ़ना, कोई गलत काम मत करना। नाम कमाना। …और कहते-कहते नदी में कूद गया। क्या-क्या कहा सुसाइड वीडियो में…

– स्टूडेंट्स की सुसाइड के नाम पर राजस्थान के कोटा का बदनाम होने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा।
– गुरुवार आधी रात फिर एक स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। कारण वही औरों जैसा। पढ़ाई नहीं कर पाया। माता पिता का नाम रोशन नहीं कर पाया। उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। आदि।
– बिहार के हाजीपुर का रहने वाला अमन गुप्ता यहां एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में मेडिकल एंट्रेंस के लिए कोचिंग ले रहा था।
– पढ़ाई नहीं कर पाया। कमजोर निकला और आत्महत्या करने वालों की संख्या में एक का और इजाफा कर गया।
– बता दें कि इस साल कोटा में यह 14वां सुसाइड केस है। पिछले साल 31 स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की थी। अब तक सभी के आत्महत्या की वजह एक जैसी सामने आई हैं।

रोता गया, बोलता गया- बहुत आगे जाना चाहता था मैं, छोटू तू वो गलती मत करना, जो मैंने की
– अमन ने चंबल में कूदकर आत्महत्या की। उससे पहले उसने अपने दोस्तों से बात भी की।
– इसके बाद वह चंबल किनारे बैठ गया। कुछ देर राेता रहा।
– फिर मोबाइल निकालकर सोचता रहा। क्या करे क्या न करे।
– फिर कैमरा ऑन किया, सेल्फी वीडियो बनाने लगा।

बोला- मां मुझे माफ कर देना। बहुत आगे जाना चाहता था मैं। हमसे नहीं होगा अब। बहुत आगे जाना चाहता था। हम बहुत गलत हैं। हम गलत हों या सही, पिताजी ने हमेशा साथ दिया। लास्ट बार कह रहे हैं, हम गलत थे और कुछ नहीं कर पाए। छोटू मेरे भाई, तुम अच्छे से पढ़ना। मेरी तरह गलत काम मत करना। तुम्हें बहुत आगे जाना है। बिना कोई गलत काम किए। पढ़ाई करना, मन लगाकर। नाम कमाना। हम तो कभी नहीं पढ़ पाएंगे। कुछ नहीं कर पाएंगे मुझे माफ कर देना।

कोचिंग के ओरिएंटेशन का नहीं पड़ रहा प्रभाव
– अमन के माता-पिता को बिहार में सूचना दे दी गई है। उनकी सहमति के बाद मोर्चरी में रखी अमन की लाश का पोस्टमार्टम होगा।
– सवाल ये है कि लगातार हो रही आत्महत्याओं पर सरकार, सीएम, राज्यपाल, जिला प्रशासन सभी गंभीर हैं।
– कोचिंग संस्थाओं में ओरिएंटेशन के साथ अलग-अलग तरह की एक्टिविटीज शुरू हो गई हैं।
– फिल्में, बर्थडे पार्टी, फेयरवेल पार्टी, वीक ऑफ जैसे कई आयोजन। दोस्तों की गेट टुगेदर।
– इन सबके बावजूद कौनसा दबाव है जो स्टूडेंट्स को इस हद तक ले जा रहा है कि अपना जीवन ही समाप्त कर रहा है।
– विशेषज्ञों का कहना है कि यह पढ़ाई का दबाव है या सोशल स्टेटस का। इसी पर मंथन चल रहा है।
– कोई परिवार जमीन बेचकर बच्चों को कोचिंग करा रहे हैं तो कोई गहने गिरवी रख या कर्ज लेकर। क्या यही दबाव तो नहीं। अब इस पर मंथन लगातार चल रहा है।

کوٹہ. میڈیکل رسائی کے لئے تیاری کر رہے ایک اسٹوڈنٹ نے پہلے دوستوں سے بات کی. پھر چمبل دریا کے کنارے پر جا بیٹھا. کچھ دیر سوچنے کے بعد اس نے سےلپھي ویڈیو بنا. روتا رہا، پاپا-ممی اور چھوٹے بھائی کو یاد کرتا رہا. بولتا رها- مجھے معاف کر دینا. میں وہ نہیں کر پایا، جس کی آپ کو امید تھی. چھوٹو تو اچھے سے پڑھنا، کوئی غلط کام مت کرنا. نام کمانا. … اور کہتے کہتے دریا میں کود گیا. کیا کیا کہا خودکشی ویڈیو میں …

– اسٹوڈنٹس کی خودکشی کے نام پر راجستھان کے کوٹہ کا بدنام ہونے کا سلسلہ ختم نہیں ہو رہا.

– جمعرات آدھی رات پھر ایک اسٹوڈنٹ نے خودکشی کر لی. وجہ وہی اوروں جیسا. پڑھائی نہیں کر پایا. والدین کا نام روشن نہیں کر پایا. امیدوں پر کھرا نہیں اترا. وغیرہ.

– بہار کے حاجی پور کا رہنے والا امن گپتا یہاں ایلن کوچنگ انسٹی ٹیوٹ میں میڈیکل انٹرنس کے لئے کوچنگ لے رہا تھا.

– تعلیم نہیں کر پایا. کمزور نکلا اور خود کشی کرنے والوں کی تعداد میں ایک کا اور اضافہ کر گیا.

– بتا دیں کہ اس سال کوٹہ میں یہ 14 واں خودکشی کیس ہے. گزشتہ سال 31 اسٹوڈنٹس نے خود کشی کی تھی. اب تک سب کے خود کشی کی وجہ ایک جیسی سامنے آئی ہیں.

روتا گیا، بولتا گیا- بہت آگے جانا چاہتا تھا میں، چھوٹو تو وہ غلطی مت کرنا، جو میں نے کی

– امن نے چمبل میں کود خودکشی کی. اس سے پہلے اس نے اپنے دوستوں سے بات بھی کی.

– اس کے بعد وہ چمبل کنارے بیٹھ گیا. کچھ دیر راےتا رہا.

– پھر موبائل نکال کر سوچتا رہا. کیا کرے کیا نہ کرے.

– پھر کیمرے آن کیا، سےلپھي ویڈیو بنانے لگا.

بولا ماں مجھے معاف کر دینا. بہت آگے جانا چاہتا تھا میں نے. ہم نہیں کریں گے اب. بہت آگے جانا چاہتا تھا. ہم بہت غلط ہیں. ہم غلط ہوں یا صحیح، والد صاحب نے ہمیشہ ساتھ دیا. لاسٹ بار کہہ رہے ہیں، ہم غلط تھے اور کچھ نہیں کر پائے. چھوٹو میرے بھائی، آپ اچھے سے پڑھنا. میری طرح غلط کام مت کرنا. تمہیں بہت آگے جانا ہے. بغیر کوئی غلط کام کئے. پڑھائی کرنا، دماغ لگا کر. نام کمانا. ہم تو کبھی نہیں پڑھ پائیں گے. کچھ نہیں کر پائیں گے مجھے معاف کر دینا.

کوچنگ کے واقفیت کا نہیں پڑ رہا اثرات

– امن کے والدین کو بہار میں اطلاع دے دی گئی ہے. ان کی رضامندی کے بعد مورچري میں رکھی امن کی لاش کا پوسٹ مارٹم گے.

– سوال یہ ہے کہ مسلسل ہو رہی خودکشی پر حکومت، وزیر اعلی، گورنر، ضلع انتظامیہ تمام سنگین ہیں.

– کوچنگ اداروں میں واقفیت کے ساتھ الگ الگ طرح کی اےكٹوٹيج شروع ہو گئی ہیں.

– فلموں، برتھڈے پارٹی، پھےيروےل پارٹی، ویک آف جیسے کئی منظم. دوستوں کی گیٹ ٹگےدر.

– ان سب کے باوجود کونسا دباؤ ہے جو سٹوڈنٹس کو اس حد تک لے جا رہا ہے کہ اپنی زندگی ہی ختم کر رہا ہے.

– ماہرین کا کہنا ہے کہ یہ پڑھائی کا دباؤ ہے یا سوشل اسٹیٹس کا. اسی پر ویچارمنتھن چل رہا ہے.

– کوئی خاندان زمین بیچ کر بچوں کو کوچنگ کرا رہے ہیں تو کوئی زیورات گروی رکھ یا قرض لے کر. کیا یہی دباؤ تو نہیں. اب اس پر ویچارمنتھن مسلسل چل رہا ہے.

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