Youth gets father killed with Supari of Rs. 10 lakh, escapes to foreign country

murderAmritsar: A youth got his father killed with Supari of Rs. 10 lakh and escaped to foreign counttry. He also murdered one of the murderers since he was demanding money of contract killing.

The murder conspiracy hatched by Mannu to kill his father Dayal who refused to give money to his drug-addict son.

Meanwhile, the police have arrested Sushil who is among the contract killers.

अमृतसर। तरनतारन रोड पर अस्पताल के पास हुई अधेड़ की हत्या उसके बेटे ने ही कराई थी। पिता की हत्या कराने के बाद बेटा विदेश चला गया। इधर पैसे के विवाद एक आरोपी ने दूसरे को भी मौत के घाट उतार दिया। इस मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है और सुशील नाम के युवक को भी गिरफ्तार किया है। इस तरह कराया पिता का मर्डर…

– हत्या की की पूरी साजिश दियाल के बेटे मन्नू ने रची थी। इसका कारण यह है कि आरोपी मन्नू नशे का आदी है और पिता उसे इसके लिए पैसे नहीं देता था।

– उसने अपने 16 लाख रुपए की सुपारी देकर अपने पिता की हत्या करवा दी।

– हत्या के बाद आरोपी खुद विदेश भाग गया। हत्या करने वाले एक युवक सुशील को गिरफ्तार कर लिया गया है। इतना ही नहीं जाने से पहले आरोपी ने हत्या करने वाले दूसरे युवक हैप्पी को हिमाचल ले जाकर हत्या कर दी थी, क्योंकि वह सुपारी की रकम मांग रहा था। हैप्पी पहले भी हत्या प्रयास के एक केस में भगौड़ा था।

ये है पूरा मामला

26 मई की रात को सुरेंद्र अपनी सास को अस्पताल में मिलने के लिए तरनतारन रोड पर गया था। अभी वह अस्पताल में दाखिल ही होने लगा था कि एक गाड़ी और उसमें से दो युवकों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सुरेंद्र सिंह को दो गोलियां लगीं। वह काफी देर तक तड़पता रहा।

– पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता लगा कि सरेंद्र के बेटे मन्नू ने ही हत्या कराई है। जांच में पता चला कि मन्नू नशे का आदी है। बाप-बेटे में अक्सर झड़प होती थी, क्योंकि मन्नू को नशे के लिए पैसे नहीं मिलते थे। इस तहत उसने इस्लामाबाद में रहते हैप्पी और सुशील को हत्या की सुपारी दी।

– सौदा 16 लाख में तय हो गया। हैप्पी पहले ही पुलिस रिकार्ड में वांटेड था। हैप्पी और सुशील ने जाकर सुरेंद्र हत्या कर दी। आरोपी मन्नू ने आधे पैसे दे दिए। बाकी के पैसे देने पर उसकी नीयत बिगड़ गई। हैप्पी अक्सर अपने पैसों की मांग करता। इसके तहत मन्नू ने उसे भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 10 सितंबर को मन्नू चुपके से हैप्पी को अपने साथ हिमाचल ले गया। वहां पर उसका भी हत्या कर दी। दो दिन बाद सोलन जिले की पुलिस ने हैप्पी की लाश बरामद की।

– 19 सितंबर को पता चला कि हैप्पी अमृतसर का रहने वाला है। इसी समय दौरान मन्नू खुद विदेश भाग गया और पुलिस ने उसके साथी सुशील को गिरफ्तार कर लिया।

सुशील ने पुलिस के समक्ष सारी बात उगल दी। एसीपी प्रभज्योत विर्क ने कहा कि कत्ल को ट्रेस कर लिया है। मृतक के बेटे ने ही सारी योजना बनाई थी, मंगलवार तक प्रेस काॅन्फ्रेंस कर मामले को साफ कर दिया जाएगा।

امرتسر. ترنتارن روڈ پر ہسپتال کے پاس ہوئی ادھیڑ کے قتل اس کے بیٹے نے ہی کرائی تھی. والد کے قتل کرانے کے بعد بیٹا خارجہ چلا گیا. ادھر پیسے کے تنازعہ ایک ملزم نے دوسرے کو بھی موت کے گھاٹ اتار دیا. اس معاملے کو پولیس نے حل لیا ہے اور سشیل نام کے نوجوان کو بھی گرفتار کیا ہے. اس طرح کرایا والد کا قتل …

– قتل کی کی پوری سازش ديال کے بیٹے مننو نے رچی تھی. اس کی وجہ یہ ہے کہ ملزم مننو نشے کا عادی ہے اور باپ اسے اس لئے رقم نہیں دیتا تھا.

– اس نے اپنے 16 لاکھ روپے کی سپاری دے کر اپنے والد کے قتل کروا دی.

– قتل کے بعد ملزم خود وزیر بھاگ گیا. قتل کرنے والے ایک نوجوان سشیل کو گرفتار کر لیا گیا ہے. اتنا ہی نہیں جانے سے پہلے ملزم نے قتل کرنے والے دوسرے نوجوان مبارک کو ہماچل لے جاکر قتل کر دی تھی، کیونکہ وہ سپاری کی رقم مانگ رہا تھا. مبارک پہلے بھی قتل کی کوشش کے ایک کیس میں بھگوڑا تھا.

یہ ہے پورا معاملہ

26 مئی کی رات کو سریندر اپنی ساس کو ہسپتال میں ملنے کے لئے ترنتارن روڈ پر گیا تھا. ابھی وہ ہسپتال میں داخل ہی ہونے لگا تھا کہ ایک گاڑی اور اس میں سے دو نوجوانوں نے گولیاں چلانی شروع کر دیں. سریندر سنگھ کو دو گولیاں لگیں. وہ کافی دیر تک تڑپتا رہا.

– پولیس نے معاملے کی تحقیقات شروع کی تو پتہ لگا کہ سرےدر کے بیٹے مننو نے ہی قتل کرائی ہے. جانچ میں پتہ چلا کہ مننو نشے کا عادی ہے. باپ بیٹے میں اکثر جھڑپ ہوتی تھی، کیونکہ مننو کو نشے کے لئے پیسے نہیں ملتے تھے. اس تحت اس نے اسلام آباد میں رہتے خوش اور سشیل کو قتل کی سپاری دی.

– سودا 16 لاکھ میں طے ہو گیا. مبارک پہلے ہی پولیس ریکارڈ میں مطلوب تھا. خوش اور سشیل نے جا کر سریندر قتل کردیا. ملزم مننو نے نصف پیسے دے دیئے. باقی کے پیسے دینے پر اس کی نیت بگڑ گئی. مبارک اکثر اپنے پیسوں کا مطالبہ کرتا. اس کے تحت مننو نے اسے بھی راستے سے ہٹانے کا منصوبہ بنایا. 10 ستمبر کو مننو چپکے سے مبارک کو اپنے ساتھ HP لے گیا. وہاں پر اس کا بھی قتل کردیا. دو دن بعد سولن ضلع کی پولیس نے مبارک کی لاش برآمد کی.

– 19 ستمبر کو پتہ چلا کہ مبارک امرتسر کا رہنے والا ہے. اسی وقت دوران مننو خود وزیر بھاگ گیا اور پولیس نے اس کے ساتھی سشیل کو گرفتار کر لیا.

سشیل نے پولیس کے سامنے ساری بات اگل دی. اے سی پی پربھجيوت ورك نے کہا کہ قتل کو ٹریس کر لیا ہے. میت کے بیٹے نے ہی ساری منصوبہ بنایا تھا، منگل تک پریس كانپھرےس کر معاملے کو صاف کر دیا جائے گا.

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