Yesterday’s film hero, today’s newspaper hawker

damulPatna: It is a great tragedy that Prakash Jha’s first film “Damul” had achieved great success and his career graph is on the rise since then, but hero of this film Om Kumar alias Budhwa is living in penury. To meet his expenses, he is forced to sell newspapers.

After success of Damul, Om Kumar had been offered many roles, but he could not go to Mumbai due to lack of funds. Thus, he career was nipped in the bud

पटना. फिल्म निर्माता और निर्देशक प्रकाश झा के सितारें इन दिनों बुलंदियों पर है। 31/12/1984 को आई करियर की पहली फिल्म ‘दामुल’ ने उन्हें ऐसा नाम दिया कि वे देखते ही देखते कामयाब हस्ती बन गए, लेकिन इसी फिल्म में काम करने वाला हीरो ओम कुमार उर्फ बुधवा आज गरीबी में दिन गुजार रहा है। पिछले कई सालों से वह पटना में अखबार बांटकर गुजारा कर रहा है। प्रकाश झा की पत्नी थी लीड रोल में…

– इस फिल्म में प्रकाश झा की पत्नी और अपने जमाने की चर्चित अभिनेत्री दीप्ति नवल ओमप्रकाश के साथ मुख्य भूमिका में थी।

– नेशनल अवार्ड पाने वाले फिल्म ‘दामुल’ से बुधवा ने भी काफी नाम कमाया था, लेकिन पैसे की तंगी से ओम कुमार का करियर आगे नहीं बढ़ पाया।

– ओम कुमार कहते हैं कि इस फिल्म की सफलता के बाद कई अवसर भी मिले थे।
– डायरेक्टरों से मिलने के लिए बार-बार मुंबई जाने और आने के लिए मेरे पास पैसे नहीं थे।
– इस कारण मुझे आगे कोई मौका नहीं मिला। अवसर रहते हुए भी मैं कोई और फिल्म नहीं कर सका।

शादी ने तोड़ दिए सपने
– ओम कुमार ने कहा कि शादी और फिर बच्चे जल्द होने से उनके सारे सपने टूट गए।
– मुझे घर चलाना था, बच्चों के लिए जरूरी सामान जुटाने थे। इसलिए अपने करियर के लिए बहुत संघर्ष नहीं कर सका।
– मजबूरी में अभिनय से नाता तोड़ कर अखबार बांटने का काम शुरू कर दिया। तब से अब तक बस संघर्ष ही कर रहा हूं।

प्रकाश झा की पहली फिल्म थी दामुल
– ‘दामुल’ प्रकाश झा की पहली फिल्म थी। इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवार्ड से नवाजा गया था।
– यह फिल्म बंधुआ मजदूर के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में बुधवा उर्फ ओम कुमार के अभिनय की हर किसी ने तारीफ की थी।
– देश भर के सिनेप्रेमी, समीक्षक और सिनेमा के पंडित बुधवा के अभिनय को देखकर हैरान हो गए थे।
– तब बड़े-बडे समीक्षकों ने सार्वजनिक तौर पर यह घोषणा की कि हिंदी पट्टी की समस्या पर, हिंदी भाषा में, हिंदी वालों के द्वारा बनी इस फिल्म में बुधवा से अच्छा अभिनय और कोई नहीं कर सकता है।

پٹنہ. فلم ساز اور ہدایتکار پرکاش جھا کے ستارے ان دنوں بلندیوں پر ہے. 31/12/1984 کو آئی کیریئر کی پہلی فلم ‘دامل’ نے انہیں ایسا نام دیا کہ وہ دیکھتے ہی دیکھتے کامیاب ہستی بن گئے، لیکن اسی فلم میں کام کرنے والا ہیرو اوم کمار عرف بدھوا آج غربت میں دن گزار رہا ہے. گزشتہ کئی سالوں سے وہ پٹنہ میں اخبار بانٹ کر گزارا کر رہا ہے. پرکاش جھا کی بیوی تھی لیڈ رول میں …

– اس فلم میں پرکاش جھا کی بیوی اور اپنے زمانے کی مشہور اداکارہ دیپتی نول اوم پرکاش کے ساتھ اہم کردار میں تھی.

– نیشنل ایوارڈ پانے والے فلم ‘دامل’ سے بدھوا نے بھی کافی نام کمایا تھا، لیکن پیسے کی تنگی سے اوم کمار کا کیریئر آگے نہیں بڑھ پایا.

– اوم کمار کہتے ہیں کہ اس فلم کی کامیابی کے بعد بہت سے مواقع بھی ملے تھے.

– ڈائریکٹروں سے ملنے کے لئے بار بار ممبئی جانے اور آنے کے لئے میرے پاس پیسے نہیں تھے.

– اس وجہ سے مجھے کوئی مزید موقع نہیں ملا. موقع رہتے ہوئے بھی میں کوئی اور فلم نہیں کر سکا.

شادی نے توڑ دیے خواب

– اوم کمار نے کہا کہ شادی اور پھر بچے جلد ہونے سے ان کے سارے خواب ٹوٹ گئے.

– مجھے گھر چلانا تھا، بچوں کے لئے ضروری سامان جمع کرنے تھے. اس لئے اپنے کیریئر کے لئے بہت جدوجہد نہیں کر سکا.

– مجبوری میں اداکاری سے ناطہ توڑ کر اخبار بانٹنے کا کام شروع کر دیا. تب سے اب تک بس جدوجہد ہی کر رہا ہوں.

پرکاش جھا کی پہلی فلم تھی دامل

– ‘دامل’ پرکاش جھا کی پہلی فلم تھی. اس فلم کو نیشنل فلم ایوارڈ سے نوازا گیا تھا.

– یہ فلم بندوا مزدور کی زندگی پر مبنی تھی. فلم میں بدھوا عرف اوم کمار کی اداکاری کی ہر کسی نے تعریف کی تھی.

– ملک بھر کے سنےپرےمي، مبصرین اور سنیما کے پنڈت بدھوا کی اداکاری کو دیکھ کر حیران ہو گئے تھے.

– پھر بڑے بڑے مبصرین نے عوامی طور پر یہ اعلان کیا کہ ہندی پٹی کے مسئلے پر، ہندی زبان میں، ہندی والوں کی طرف سے بنی اس فلم میں بدھوا سے اچھا اداکاری اور کوئی نہیں کر سکتا ہے.

 

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