Was ransom money paid to secure Delhi businessmen’s release from kidnappers in Bihar?

abducted Two businessmen brothers from Delhi who were kidnapped from Patna were found on Wednesday from a jungle in Maoist-affected Lakhisarai district by a Special Investigating Team of police.

Both the brothers Suresh Sharma and Kapil Sharma were invited to Patna on the pretext of a tender and kidnapped from the Patna airport premises as soon as they reached there by evening flight on Friday.

In a joint operation by the Special Investigation Team (SIT) of Patna and Lakhisarai police both the abducted brothers were recovered from the forest areas of Lakhisarai. The area is being considered as Maoists stranglehold for long.

Police have also arrested five kidnappers.

Earlier, the family members of the brothers had received a ransom call of Rs 4 crore for their release.

Along with a relative the kidnapped siblings’ father Babulal Sharma, a well-know businessman dealing in marble industry of Rajasthan, Uttar Pradesh and Delhi, was camping in Patna for the last three days but on Tuesday he had left for Delhi.

The family members of the kidnapped brothers have expressed their heartfelt thanks to both Patna and Lakhisarai police.

Both the rescued brothers are on their way to Patna from Lakhisarai.

However, the buzz is that both the businessmen were released by the kidnappers after payment of a huge amount of ransom somewhere outside the state.

The police officials, though, refuted any such claim that ransom money has been paid.

पटना. 20 अक्टूबर को पटना एयरपोर्ट से किडनैप किए गए दिल्ली के 2 कारोबारी भाइयों को पुलिस ने छुड़ा लिया है। किडनैपर्स ने दोनों को छोड़ने के बदले 4 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। भाइयों को IIT खडगपुर में 12 करोड़ के मार्बल सप्लाई के लिए पटना बुलाया गया था। उन्होंने बताया- “हमें 5 दिन तक खाना-पानी नहीं दिया गया। किडनैपर इंजेक्शन देकर हमें बेहोश रखते थे जिससे भाग न सकें। हमारी बेरहमी से पिटाई भी की गई।” पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को अरेस्ट किया है। रंजीत डॉन के गैंग ने किया था अगवा…

– पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि दोनों भाइयों कपिल और सुरेश को मंगलवार रात करीब 2 बजे लखीसराय में एक ऑपरेशन चलाकर गिरोह से छुड़ाया गया।
– लखीसराय के कुख्यात अपराधी रंजीत डॉन के गिरोह ने इनको किडनैप किया था।
– दोनों भाई दिल्ली के मार्बल व्यवसायी बाबूलाल शर्मा के बेटे हैं।
– रंजीत गैंग ने इससे पहले मध्य प्रदेश के एक बिजनेसमैन को किडनैप किया था और पीरी बाजार थाना क्षेत्र से ही उसकी बरामदगी हुई थी।

कैसे किया था अपहरण?
– सुरेश शर्मा और कपिल शर्मा को आईआईटी खडगपुर में 12 करोड़ के मार्बल सप्लाई के नाम पर पटना बुलाया गया था।
– दोनों भाई 20 अक्टूबर की रात पटना एयरपोर्ट आए थे। फ्लाइट का टिकट भी गिरोह के लोगों ने ही दिया था।
– पटना एयरपोर्ट पर उतरने के बाद दोनों को बिना नंबर की कार से बख्तियारपुर-मोकामा ले जाया गया।
– रास्ते में दो और लोग सवार हुए। सभी मुंगेर के हवेली खडगपुर पहुंचे। वहां दोनों भाइयों से मोबाइल लेकर स्विच ऑफ कर दिया गया।
– इसके बाद उन्हें कजरा के जंगल में ले जाया गया, जहां इन्हें गिरोह के लोगों की निगरानी में रखा गया।

कैसे हुई बरामदगी?
– दोनों भाइयों को कजरा पहाड़ पर एक आश्रम के कमरे में रखा गया था। एक टीम कजरा जंगल में इनकी निगरानी कर रही थी।
– दूसरी टीम अलग-अलग जगहों से अलग-अलग नंबरों से फिरौती की मांग कर रही थी।
– जिन नंबरों का इस्तेमाल किया गया, उनमें से 2 नंबर पश्चिम बंगाल, एक नंबर दिल्ली और एक यूपी का था।
– पटना पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई थी। वहां उस टीम ने बाबूलाल शर्मा की कंपनी में काम करने वाले कई कर्मचारियों से पूछताछ की।
– वहीं पर मुंगेर के रहने वाले एक कर्मचारी पर शक हुआ और जब उससे पूछताछ की गई तो गिरोह के सरगना के बारे में जानकारी मिली।
– गिरोह के सदस्यों का भी नंबर उससे मिल गया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
– गिरोह की लोकेशन लखीसराय में मिलने के बाद पटना एसएसपी ने वहां के एसपी के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया। इनके साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे।
– एसएसपी मनु महाराज ने बताया- “पुलिस को देखते ही अपराधियों ने गोली चलाई, जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस मामले में 5 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।”

गिरोह इस तरह पहले भी कर चुका है अपहरण
– पूछताछ में यह सामने आया है कि गिरोह ने इस तरीके से अब तक अपहरण की 6 घटनाओं को अंजाम दिया है।
– इलाहबाद के भी एक बिजनेसमैन का कुछ दिन पहले अपहरण किया गया था, लेकिन वह भागकर लखीसराय थाना पहुंच गया था।
– हालांकि, थाने में उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

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