Actor Rajpal Yadav jumps into politics, forms his own party

rajpal-yadavActor Rajpal Yadav has jumpes into politics. He has formed his own party which will contest all 403 seats in next Assembly elections in Uttar Pradesh. Rajpal made this announcement at Lucknow.

Bollywood’s noted comic star Rajpal Yadav, who recently condemned the political outfits for promoting castism and communalism to swell their vote banks, has now decided to float his own party.

Sources close to the star informed that the actor will brief the press on Thursday about the name of the party and will also disclose further details.

It may be mentioned that Rajpal Yadav had in May announced that his younger brother Naurangi Yadav would contest from Tilhar assembly seat in the Shahjahanpur district during the upcoming Uttar Pradesh assembly elections.

He, then, kept under the wraps the name of the party his brother would contest the election from.

लखनऊ. बॉलीवुड एक्‍टर राजपाल यादव अब पॉलिटिक्‍स में उतर आए हैं। उन्‍होंने सर्व सम्‍भाव पार्टी (एसएसपी) के नाम से नई पार्टी बनाते हुए यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। राजपाल ने कहा, “मैं विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति करने आया हूं। हम चुनाव लड़ेंगे, लेकिन हमारा अंदाज अलग होगा। हम समाज को सिखाएंगे कि पॉलिटिक्स कैसे की जाती है। लोकतंत्र किस तरीके से मजबूत और पुख्ता होता है।” बता दें, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल के बड़े भाई श्रीपाल यादव होंगे। लाेगों की सेवा करना चाहता हूं…

– गुरुवार को लखनऊ में सर्व सम्‍भाव पार्टी बनाने का एलान करने पहुंचे कॉमेडी एक्‍टर ने कहा, “मैं अपनी पार्टी के जरिए लोगों की सेवा करना चाहता हूं।”

– “एक राजनीतिक दल का सपना लेकर आपके सामने आया हूं। मेरा दल सत्तामुखी नहीं है, स्वार्थमुखी नहीं है, बल्कि समाजोन्मुखी होगा।”
– “मैं इसके लिए प्रतिबद्ध रहूंगा, यही मेरा संकल्प है।”

मेरी पार्टी चुनावी मौसम का मेढक नहीं

– राजपाल ने आगे कहा, “मैं ये साफ करना चाहता हूं कि ये पार्टी चुनावी मौसम का मेढक नहीं है। चुनाव एक सही समय है, जब हम समाज के सामने अपनी भावना लेकर हाजिर हों।”
– “समाज को यह विचार करने के लिए प्रेरित करें कि वे सार्थक, सकारात्मक, रचनात्मक विकल्प के बारे में सोचें। यह एक लंबे कैम्‍पेन की शुरुआत है।”
– “हम आंदोलन का फैशन चलाकर सत्ता हासिल करने की जुगत करने वाली जमात नहीं हैं।”
– “हम आपस में सीधा संवाद करने, दर्द को साझा करने, समस्याओं का हल तलाशने और विवाद खत्म करने के लिए जूझने वाली जमात हैं।”
– “हम विकास के पक्षधर हैं, लेकिन मेट्रो बनने से पहले गन्ना किसानों के कर्ज की पाई-पाई चुकता होते देखना चाहते हैं।”
– “हमारी एक्सप्रेस-वे के लिए तो हामी है, लेकिन उससे पहले हम गांव-गांव तक सड़कें बनी देखना चाहते हैं।”

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