Teacher commits suicide due to grave misbehaviour by police

teacherA teacher of government school committed suicide due to grave misbehaviour by police at Shivpuri city of Madhya Pradesh. Deceased Manoj Kumar Purohit has also left a suicide note addressed to Chief Minister.

He has written in the suicide note, first the police filed a fake case against him. Then during interrogation, he was beaten badly, forced to undress and lick bottom of shoes,

The police had filed case of gambling against six persons including the deceased.

शिवपुरी/भोपाल. मध्य प्रदेश में एक गवर्नमेंट टीचर ने पुलिस की बदसलूकी की वजह से सुसाइड कर लिया। सहायक अध्यापक मनोज कुमार पुरोहित ने सीएम के नाम एक नोट भी छोड़ा है, जिसमें खुद के साथ बर्बरता का जिक्र है। इस नोट में मनोज ने पुलिस पर कपड़े उतरवाने, जूते चटवाने और झूठा केस लगाने जैसे आरोप लगाए हैं।

– मनोज पुरोहित 29 अक्टूबर को जुआ एक्ट में अरेस्ट किए गए थे। सुसाइड नोट के मुताबिक इस दौरान उनके साथ बर्बरता हुई।

– उन्होंने सुसाइड से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान, कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एसपी मोहम्मद युसुफ कुरैशी, अपने दो भाइयों, पिता व मां के नाम अलग-अलग लेटर लिखे।

– इनमें लिखा कि थाने में बंद करके पुलिसवालों ने कपड़े उतरवाए, जूते से पीटा और जूते तक चटवाए। उनके ऊपर झूठा केस भी लगाया। (आगे की स्लाइड्स पर सुसाइड नोट)

– इस मामले में टीचर के पिता नारायणदास पुरोहित ने कहा, “पुलिस की बर्बरता से अपमानित होने की वजह से उनके बेटे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया।”

– “दुखी होकर उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सरकार को दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।”

6 लोगों पर की थी जुआ एक्ट में कार्रवाई

-जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 29 अक्टूबर को शाजापुर स्कूल के टीचर मनोज समेत 6 लोगों पर जुआ एक्ट के तहत कारवाई की थी।

– पुलिस का दावा है कि आरोपियों से 35 हजार 40 रुपए जब्त किए गए थे। गिरफ्तार होने के बाद आरोपियों ने पुलिस पर थाने में मारपीट करने का आरोप लगाया था।

लेटर में लिखा : मुझे माफ करना…कोई रोना मत, नैतिक चेष्ठा को समझना…

– मनोज ने भाई और पिता नारायणदास पुरोहित, मां और भाभी को लिखे लेटर में कहा, “मेरा निवेदन है कि मेरे दोनों बच्चे और पत्नी रूबी का ध्यान रखें। मैं उन्हें आप सभी के हवाले छोड़कर जा रहा हूं।”

– “सुरेश राजपूत, शारदा राजपूत आप भी मेरे बच्चों का ख्याल रखें। मेरी पत्नी रूबी को मेरा कहना है कि तुम इन सभी की बात मानना।”

– “अगर बच्चों का भविष्य बनाना है तो मेरी आखिरी बात यही है कि मेरे दोनों भाई तुम्हारे पिता के समान हैं। सभी से हाथ जोड़कर क्षमा चाहता हूं कि अपनी बेइज्जती की वजह से में यह कदम उठा रहा हूं।”

– “रजनी भाभी, मुझे माफ करना, दादा मुझे क्षमा करना, मैं आप सभी को छोड़कर जा रहा हूं। कोई रोना मत। नैतिक चेष्ठा को समझना, सभी खुश रहें।”

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *