Hospital staff demand bribe, let pregnant mother and newborn die

atretcherAt district government hospital at Banda in Uttar Pradesh, doctors and nurses allegedly demanded bribed of Rs. five thousand from husband of a pregnant woman. When not provided bribe money, doctors and nurses walked away during delivery process. Due to it both the woman and newborn died. Not only this, but the hospital management refused to provide ambulance. As a result, the husband had to carry the death body of his wife and newborn on a stretcher for one kilometer to seek assistance from district magistrate.

According to victim dalit peron Rajkiran Raidas had got admitted his pregnant wife Phool Kumar in hospital. She developed labour pains at 9 am and half of child came out during delivery process. But demanding bribery, doctors and nurses left the scene. Raidas collected Rs. 5 thousand from fellow patents and gave it to concerning nurse, but till then both mother and child had died.

His misery did not end here since hospital staff pushed the dead body on stretcher outside the hospital without providing ambulance. Raidas took the body one km away on the same stretcher to DM’s office. Sub-District Magistrate Kranti Singh arranged an ambulance to send them to their native place and ordered an investigation into the case.

बांदा. यहां एक सरकारी हॉस्‍पिटल में डि‍लिवरी के दौरान मां-बच्‍चे की मौत हो गई। आरोप है कि हॉस्‍पिटल स्‍टाफ ने डिलिवरी के लिए रुपयों की डि‍मांड की। डि‍मांड पूरी नहीं होने पर डॉक्‍टर और नर्स डि‍लिवरी बीच में छोड़कर चले गए। यहीं नहीं दोनों के शव ले जाने के लिए एम्‍बुलेंस तक नहीं दी गई, जिसके बाद पीड़ि‍त पति, पत्‍नी और बच्‍चे की लाश को स्‍ट्रेचर पर लादकर 1 किलोमीटर चलकर डीएम के पास मदद की गुहार लगाने पहुंचा।क्‍या है पूरा मामला…
– मामला यूपी के बांदा के जिला महिला अस्पताल का है।
– शुक्रवार की शाम महिला अस्पताल में बिसंडा थाना क्षेत्र की दलित राजकरण रैदास ने अपनी प्रेग्‍नेंट पत्नी फूलकुमारी को एडमिट कराया था।
– रिश्वत दे पाने में असमर्थ एक दलित की पत्नी को समय पर इलाज नहीं मिल सका और जच्चा-बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया।
– पीड़ित पति और अन्य परिजनों का आरोप है कि शाम से ही अस्पताल की डॉक्टर और नर्स उनसे इलाज के लिए 5 हजार रुपए की डि‍मांड कर रहे थे।

– पीड़ित परिजनों का कहना है शनिवार की सुबह 9 बजे डि‍लिवरी शुरू हुई और आधा बच्चा निकल आया, लेकिन अस्पताल का स्टाफ बिना पैसे के हाथ लगाने को तैयार नहीं था।
– कई लोगों से मांगकर नर्स को 5 हजार रुपए दिए, लेकिन तब तक बच्चा मर चुका था।
– पैसा मिलने के बाद डॉक्टर आई और मरे बच्चे को निकाला, लेकिन इसी दौरान मां ने भी दम तोड़ दिया।

नहीं दी एम्‍बुलेंस, स्‍ट्रेचर पर बाहर कर दिए दोनों शव
– संवेदनहीनता यहां भी नहीं रुकी, पीड़ित पति के कई बार गुहार लगाने के बाद भी उसे एम्बुलेंस नहीं दी गई और उसकी पत्नी और बच्चे का शव ट्रॉली स्ट्रेचर में रखकर अस्पताल के बाहर कर दिया गया।
– इस पर पीड़ित पति ने उसी ट्रॉली स्ट्रेचर को घसीटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा और डीएम के ऑफिस के बाहर रखकर अपने साथ हुए जुल्म की दास्तान एसडीएम क्रान्ति सिंह को सुनाई। उन्‍होंने एम्बुलेंस बुलवाकर शव उनके गांव तक भेजे और मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
– एसडीएम क्रान्ति सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

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