People of this tribe live upto 120 years, woman procreate even at 65

hunzaThis is the only cancer-free area in the world where Hunza tribe lives. People of this tribe never fall ill and live upto 120 years. their woman procreate even at 65. The tribe lives on Karakoram mountans in North Pakistan. They are thought to be descendants of Alexander the Great.

A British General and a garrison of solders on horseback investigated the Hunza River Valley in the 1870s. Hunza was a tiny kingdom located in a remote valley 100 miles (160 km) long and only one mile (1.6 km) wide, situated at an elevation of 8,500 feet (2590 m), and completely enclosed by mountain peaks. These peaks soar to a height of 25,550 feet (7788 m) and belong to the Karakoram Range, broadly known in the West as the Himalayas. Hunza is now part of Pakistan in the northern section bordering on Afghanistan, Russia, China, Kashmir, and India. The Kilik Pass leads to Russia and the Mintaka Pass to China.

The pass to reach Hunza from Gilgit, Pakistan, was 13,700 feet (4176 m) high, a difficult and treacherous trail. Upon entering the valley, the British found the steep, rocky sides of the valley lined with terraced garden plots, fruit trees, and animals being raised for meat and milk.

The story of Hunza is thought to have begun with Alexander III or Alexander the Great (July 356 BC to June 10, 323 BC), son of King Philip of Macedon (Ancient Macedonia northwest of Greece). Alexander was a brilliant warrior, more capable than his father. After his father’s murder, Alexander set out toward the east to conquer neighboring kingdoms. He conquered Greece in short fashion and continued toward Persia where he eventually burned the capital and the national library in a great defeat of the Persians.

Three generals in Alexander’s army are said to have married Persian women. The generals betrayed Alexander by giving the Persians his plans. When Alexander heard of the betrayal he sought to take revenge, but the generals, wives, and a band of many soldiers fled. The valley of Hunza is thought to have been their valley of refuge because of its remote and secure location.

It is likely that the Hunza valley was already sparsely inhabited when the Macedon generals arrived. Certainly these tough fighting warriors made quick work of slaughtering the ancient inhabitants of Hunza. Though this is purely speculation, it is highly probable. The desolate rocky valley could not have supported the Macedonians unless some farms had been slowly built by others over the preceding centuries.

Hunza became an independent kingdom with a monarchy. The King used the title of Mir. The British disrupted the ruling organization of the Hunza people.

क्या आपने कभी ऐसे लोगों के बारे में सुना है, जो बीमार नहीं पड़ते। सुनकर हैरानी हो रही होगी, शायद आप इस बात पर यकीन भी नहीं कर रहे होंगे, लेकिन ये बिल्कुल सच है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं हुंजा लोगों के बारे में। 120 साल तक जीना है आम बात…

नार्थ पाकिस्तान के काराकोरम माउंटेन्स पर रहने वाले हुन्जकूटस या हुंजा लोग बुरूषो समुदाय के लोग हैं जो हुंजा वैली में रहते हैं। ये लोग कभी बीमार नहीं पड़ते। हुंजा लोगों की गिनती चाहे कम है, लेकिन इन्हें दुनिया के सबसे लम्बी उम्र वाले, खुश रहने वाले और स्वस्थ लोगों में गिना जाता है। हुंजा लोगों को दुनिया के कैंसर फ्री पापुलेशन में गिना जाता है क्योंकि आजतक एक भी हुंजा कैंसर का शिकार नहीं हुआ है। इन लोगों ने कभी कैंसर का नाम भी नहीं सुना है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हुंजा महिलाएं 65 की उम्र में भी बच्चे पैदा कर सकती है।

इन्हें माना जाता है अलेक्जेंडर द ग्रेट की सेना के वंशज

इस कम्युनिटी के लोगों को बुरुशो भी कहते हैं। इनकी भाषा बुरुशास्की है। कहा जाता है कि ये कम्युनिटी अलेक्जेंटडर द ग्रेट की सेना के वंशज हैं, जो चौथी सदी में यहां आए थे। ये कम्युनिटी पूरी तरह मुस्लिम है।

इनकी सारी एक्टिविटीज मुस्लमानों जैसी ही हैं। ये कम्युनिटी पाकिस्तान की बाकी कम्युनिटीयों से कहीं ज्यादा एजुकेटेड है। हुंजा घाटी में इनकी पॉपुलेशन करीब 87 हजार ही है।

लम्बी उम्र के लिए डाइट में शामिल है एक चमत्कारी चीज

हुंजा अपनी लम्बी उम्र का क्रेडिट अपने डाइट को देते हैं। इनके डाइट चार्ट मेंव सिर्फ पौष्टिक आहार शामिल होते हैं। रिसर्चर्स ने अपनी रिपोर्ट में ये कहा है कि हुंजा लोग खाने में ज्यादा से ज्यादा अखरोट का इस्तेमाल करते हैं। धूप में सुखाए गए अखरोट में B-17 कंपाउंड पाया जाता है, जो लोगों के शरीर के अंदर मौजूद एंटी-कैंसर एजेंट को खत्म करता है। चूंकि, हुंजा काफी ज्यादा अखरोट का सेवन करते हैं, इसलिए उन्हें कैंसर नहीं होता।

डेली खाने में लेते हैं ये

और लोगों के मुकाबले हुंजा लोगों की डाइट काफी ज्यादा होती है। इसमें कच्ची सब्जियां, फल , अनाज, बारले, मेवे के अलावा दूध, अंडा और चीज भी शामिल हैं।
कैसी होती है इनकी लाइफस्टाइल

हुंजा लोग साल के 2 से 3 महीने खाना नहीं खाते हैं। इस दौरान वो सिर्फ जूस लेते हैं। थोड़ा सा खाने के बाद ये लोग वॉक पर निकल जाते हैं। इनकी औसत उम्र 120 साल है, जिसमें ये 70 साल तक जवान दिखते हैं।

एक किस्से ने किया हुंजा को मशहूर

बात 1984 की है। हुंजा कम्युनिटी के अब्दुल म्बुंदु जब लंदन एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी चेक करवाने पहुंचे, तो ऑफिसर्स उनका बर्थ इयर 1832 देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कई बार उनकी उम्र क्रॉसचेक की। इसके बाद से ही हुंजा लोगों का किस्सा मशहूर हो गया।

 

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