They cheated people on pretext of employment as as CISF officers

Chhattisgarh police crime branch has busted a gang who cheated people on pretext of employment as as CISF officers. One of the aaccusedccused is a graduate and another an engineer. Both has swindled Rs. 12 lakh 35 thousand from unemployed youths and girls in this way. Both are residents of Durg. Their names are Ashish alias Solomon and Ajay Kahar.

Ajay used to mimic female voice to entice people and later issued fake appointment letters to them.

बालोद (छत्तीसगढ़) सीआईएसएफ (सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स) में ऑफिसर बनाने का लालच देकर लाखों रुपए ठगी करने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक ग्रैजुएट है जबकि दूसरा इंजीनियर। दोनों मिलकर बेरोजगार युवक व युवतियों को 12 लाख 35 हजार का चूना लगा चुके थे। लड़की की आवाज में बात करता था इंजीनियर…

– क्राइम ब्रांच ने ग्रैजुएट युवक आशीष उर्फ सालोमन (22) और इंजीनियर अजय कहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों दुर्ग के रहनेवाले हैं।
– आशीष खुद को सीआईएसएफ का बड़ा ऑफिसर बताता और साथी की मदद से एक साल तक भुक्तभोगियों से पैसे लूटता रहा।
– जब तक भुक्तभोगियों को मामले की जानकारी होती, तब तक आरोपी 12 लाख 35 हजार रुपए की ठगी कर चुके थे।

– अजय ने अपने लैपटॉप से भुक्तभोगियों के फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर बना रखा था।
– वह वोक्सवोक्स नाम के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर लड़की की आवाज में बात करता था।
– वह खुद को पुलिस विभाग की बड़ी महिला अधिकारी अनिता सिंह बताता था।
– मामले में शक होने पर पहले भुक्तभोगी युवती ने गुरुर थाने में रिपोर्ट लिखवाई थी।
– पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

फर्जी आईडी, चाकू समेत कई सामान जब्त

– आरोपियों के पास से पुलिस ने फर्जी आईडी, लैपटॉप, एक लाख 20 हजार रुपए नगद, मोबाइल फोन के अलावा एक 12 इंच का चाकू भी बरामद किया है।

– दोनों के खिलाफ बालोद थाना में धारा 467, 471, 420, 34, 427 आईपीसी व गुरुर थाने में 420, 468, 471, 120 बी, 34 तहत मामला दर्ज है।

भुक्तभोगी की जुबानी सुनिए ठगी की कहानी

– बालोद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने वाली युवती भीमा यादव बताती है कि 2014 में जब दुर्ग जुनवानी में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी, तब सीएएफ 7 वीं वाहिनी बटालियन में वैकेंसी देख अप्लाई किया था।

– इसी बीच आशीष उर्फ सालोमान से उसकी मुलाकात हुई। उन्होंने अपने आप को अधिकारी बताया और नौकरी लगाने के लिए पैसे लिए।
– एक रोज जब फोन पर ट्रेनिंग में ले जाने की बातें हो रही थी, तब क्लासमेट चंद्रप्रकाश भी आया और उससे भी बातें की।
– चंद्रप्रकाश से ‘लड़की’ ने कहा कि अभी आईटीबीपी (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) से दो लोग भाग गए हैं, आप को भी वहीं नौकरी दिलवाएंगे।
– इसके बाद उनसे भी चार लाख 45 हजार रुपए ले लिए। नौकरी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी लाकर दे दिया।
– घर पहुंचे आशीष ने वेरिफिकेशन के नाम पर एटीएम कार्ड मांगकर उसका कोड पूछ लिया।
– इसके बाद जब अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए तब जाकर चंद्रप्रकाश को ठगी की जानकारी हुई।

सामने सकते हैं और भी भुक्तभोगी
– पुलिस के मुताबिक अभी दो ही भुक्तभोगी सामने आए हैं लेकिन और भी आ सकते हैं।
– आरोपियों से पूछताछ जारी है। ठगी के और भी मामले सामने आए तो उसकी रकम भी बढ़ जाएगी।

 

 

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