PM Modi’s announcement on note ban on Nov 8 was pre-recorded

modiDoordarshan journalist and researcher Satyendra Murali has disclosed that Narendra Modi’s announcement on note ban on Nov 8 was pre-recorded and not live. He said that PM Modi has cheated people of India by portraying telecast of his recorded announcement as live telecast.

Satyendra Murali disclosed at Press Club of India that without consulting anyone in the cabinet made the unilateral announcement without complying with THE OVERNMENT OF INDIA (TRANSACTION OF BUSINESS) RULES, 1961 and RBI Act 193 which instructs to give its information to the President.

When this question was asked in an RTI (PMOIN/R/2016/53416), the PMO circumvented the question and transferred it to Department of Information and Broadcasting (DOEAF/R/2016/80904 and MOIAB/R/2016/80180 from where also no response has been given.

नोटबंदी पर पीएम मोदी ने देश को दिया धोखा, दूरदर्शन के पत्रकार का सनसनीखेज खुलासा

नोटबंदी पर पीएम मोदी ने देश को दिया धोखा, दूरदर्शन के पत्रकार का सनसनीखेज खुलासा

नोएडा, नोटबंदी पर पीएम मोदी ने देश की जनता के साथ धोखा किया है ये हम नहीं कह रहे है इसका खुलासा दूरदर्शन के एक पत्रकार ने किया है।

 

पेशे से पत्रकार और रिसर्चर सत्येन्द्र मुरली का आरोप है कि नोटबंदी का एकतरफा निर्णय लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को बरगलाने के लिए अचानक 8 नवंबर को रात 8 बजे घोषणा वाला नाटक किया। पत्रकार की मानें तो 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लाइव नहीं था, बल्कि पूर्व रिकॉर्डेड और एडिट किया हुआ था। इस भाषण को लाइव कहकर चलाया जाना न सिर्फ अनैतिक था, बल्कि देश की जनता के साथ धोखा भी था।

पत्रकार सत्येंद्र मुरली ने ‘प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया’ में पत्रकारों के सामने खुलासा किया कि यह लाइव सन्देश नही था बल्कि इसको पहले से ही रिकॉर्ड करके भेज गया था। जब यह टीवी चैनलों पर चला तो इसे दूरदर्शन ने लाइव के साथ चलाया। सत्येन्द्र मुरली ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ”मैं बतौर दूरदर्शन समाचार में कार्यरत पत्रकार सत्येन्द्र मुरली जिम्मेदारी पूर्वक दावा कर रहा हूं कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लाइव नहीं था, बल्कि पूर्व रिकॉर्डेड और एडिट किया हुआ था।

8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई का प्रस्ताव और शाम 7 बजे कैबिनेट को ब्रीफ किए जाने से कई दिनों पहले ही पीएम का ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ लिखा जा चुका था और इतना ही नहीं, मोदी ने इस भाषण को पढ़कर पहले ही रिकॉर्ड करवा लिया था। 8 नवंबर 2016 को शाम 6 बजे आरबीआई से प्रस्ताव मंगवा लेने के बाद शाम 7 बजे मात्र दिखावे के लिए कैबिनेट की बैठक बुलाई गई जिसे मोदी ने ब्रीफ किया। किसी मसले को ब्रीफ करना और उस पर गहन चर्चा करना, दोनों में स्पष्ट अंतर होता है।

मोदी ने कैबिनेट बैठक में बिना किसी से चर्चा किए ही अपना एकतरफा निर्णय सुना दिया। यह वही निर्णय था जिसे पीएम मोदी पहले ही ले चुके थे और कैमरे में रिकॉर्ड भी करवा चुके थे। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा THE GOVERNMENT OF INDIA (TRANSACTION OF BUSINESS) RULES, 1961 एवं RBI Act 1934 की अनुपालना किस प्रकार की गई होगी? क्या इस मामले में राष्ट्रपति महोदय को सूचना दी गई?”

”इस बारे में RTI के जरिए पूछे जाने पर (PMOIN/R/2016/53416), प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब देने की जगह टालमटोल कर दिया और आवेदन को आर्थिक मामलों के विभाग और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भेज दिया. RTI ट्रांसफर का नंबर है – DOEAF/R/2016/80904 तथा MOIAB/R/2016/80180. यह रिकॉर्डिंग पीएमओ में हुई थी, लिहाजा इस बारे में जवाब देने का दायित्व पीएमओ का है।”

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