Modi govt spent Rs. 11,000 crore on advertisements to boost govt image

notenewReply to an RTI application has revealed that instead of depositing Rs  15 lakh in each citizen’s bank account by bringing black money, has spent more than Rs. 11,000 on its own publicity. Greater Noida’s RTI activist Ramveer Tanwar has disclosed this.

नोएडा, विदेशों से कालाधन वापस लाने और हर भारतीय के खाते में 15 लाख रूपये देने के वादे के साथ सत्ता में आर्इ मोदी सरकार पर एक आरटीआर्इ में पूछे गए सवालों ने मोदी सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिये हैं।

प्रचार प्रसार के इन माध्यमों पर किया गया इतना खर्च
प्रचार प्रसार का माध्यम-साल-रुपये

Yearwise breakup of eSMS एसएमएस– 2014-9. 07 करोड़, 2015-5.15 करोड़, अगस्त 2016-3. 86 करोड़
Internet इंटरनेट 2014-6. 61 करोड़, 2015-14.13 करोड़, अगस्त 2016-1.99 करोड़
Broadcast ब्राॅडकास्ट -2014-64. 39 करोड़, 2015-94.54 करोड़ , अगस्त 2016-40.63 करोड़
Community Radio कम्युनिटी रेडियो-2014 -88.40 लाख, 2015-2.27 करोड़, अगस्त 2016-81.45 लाख
Digital cinema डिजिटल सिनेमा-2014 -77 करोड़, 2015-1.06 अरब, अगस्त 2016-6.23 करोड़
Telecast टेलीकास्ट 2014-2.36 अरब, 2015-2.45 अरब, अगस्त 2016-38.71 करोड़
Production प्राॅडक्शन-2014-8.20 करोड़, 2015-13.90 करोड़, अगस्त 2016-1.29 करोड़

हर साल इतना किया खर्च

  • 2014- एक जून 2014 से 31 मार्च 2015 तक करीब 448 करोड़ रुपए खर्च
  • 2015- 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 तक 542 करोड़ रुपए खर्च
  • 2016- 1 अप्रैल 2016 से 31 अगस्‍त 2016 तक 120 करोड़ रुपए खर्च

नोटबंदी को लेकर विपक्ष के कठघरे में खड़ी भाजपा सरकार इस खुलासे के बाद आैर घिर सकती है। आरटीआर्इ के मुताबिक मोदी सरकार ने पिछले 3 सालों के भीतर अपने प्रचार-प्रसार पर देश की जनता के 1100 करोड़ रुपए से ज्‍यादा खर्च किए हैं।

ग्रेटर नोएडा के आरटीआई एक्टिविस्‍ट रामवीर तंवर ने 29 अगस्त 2016 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से सूचना के अधिकार के जरिए पूछा था कि केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार बनाने से लेकर अगस्‍त 2016 तक विज्ञापन पर कितना सरकारी पैसा खर्च किया है।

तीन माह बाद आरटीआर्इ के जरिए मिले इस जवाब को देखकर आप जरूर चौंक जाएंगे। इसमें बताया गया है कि जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तब से मोदी सरकार ने विज्ञापन पर 1100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा खर्च किये है।

आरटीआर्इ से यह मिला जवाब

आरटीआर्इ के जरिए मंत्रालय से मिले जवाब की जानकारी में बताया गया कि ब्रॉडकास्‍ड, कम्‍युनिटी रेडियो, इंटरनेट, दूरदर्शन, डिजिटल सिनेमा, प्रोडक्‍शन, टेलीकास्ट, एसएमएस के अलावा अन्‍य खर्च शामिल हैं। इनमें पिछले तीन सालों में मोदी सरकार की आेर से करीब 1100 करोड़ से भी ज्यादा रुपया खर्च किया गया है।

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