Youth tried to rapes and kills woman whom he used to address as aunty

murderUdaipur: In an unbelieving turn of events, a 22-year-old youth turned out to be the psycho killer who had brutally murdered a woman lawyer in her flat in New Bhupalpura area under Sukher police station in Udaipur on Thursday.

Divya, who lived in the 8th floor of the same apartment, had killed Ruchita Gupta under fits of depression he is suffering from some psychotic disorder, Udaipur SP Rajendra Prasad Goyal disclosed in a press conference on Saturday.

When Divya realized his mistake, he tried to kill himself out of guilt but failed in all attempts and finally surrendered before the police on Friday morning, Goyal said. Realizing his mental condition, the police pressed in the service of a psychiatrist who helped them in solving the murder mystery.

Ruchita’s blood soaked body was found inside the storeroom of her flat on the 7th floor of the apartment in the morning. “Divya was under severe depression after failing to clear the CA entrance examination. His mother had sarcastically remarked that he could not even secure a ‘guard’s job which Divya took seriously to heart and had developed short term ‘aggressiveness’ that lead to the murder of the woman,” Goyal said.

According to police, on Thursday morning, Ruchita was alone after her kids and husband left for school and college, respectively. Divya, who was under depression had consumed rat poison and walked in a drowsy state into the lift of the apartment.

“In a sequence of mistaken identity, Divya pressed the 7th floor button instead of the eighth floor and went to flat number 702 which was Ruchita’s flat. Seeing his condition, Ruchita let him in and tried to calm him down,” Chandra Purohit, SHO Ambamata police station said.

Ruchita supposedly patted hardly on his cheeks to bring him to normalcy which invigorated the dormant aggressiveness inside the youth. He pounced on the woman and hit her head with a tool that he found on the wash basin. “He committed the murder under fits of depression and later took a shower inside the bathroom after the incident. He tried to wash away the blood stains on his body and clothes in Ruchita’s bathroom,” Purohit said.

Later, Divya went back to his own flat and tried to hang himself with his mom’s saree but failed. He jumped into the Badi lake but didn’t drown. “He thought of jumping before a train but people prevented him. He brought two packets of rat poison but lost it. And finally when he felt that he could not succeed in killing himself, he surrendered,” Mangilal Punwar, SHO Sukher police station said.

The accused is suffering from short term memory loses and tend to forget what he has done. He would be produced before the court on Sunday, the officer said.

उदयपुर. रुचिता हत्याकांड की पूरी कहानी अब ‘टर्टल’ यानी कछुए के इर्दगिर्द घूम रही है। यह कछुआ अब इस हत्याकांड का न केवल अहम गवाह बन गया है, बल्कि इसके कई कोड वर्ड भी निकल रहे हैं। रुचिता की हत्या के आरोपी दिव्य कोठारी की रुचिता के घर में मौजूदगी का सबसे बड़ा प्रमाण यह ‘टर्टल’ ही है। दिव्य ने सबसे पहले इसी ‘टर्टल’ का फोटो अपने मोबाइल से लिया। लेकिन इस “टर्टल’ में कई और सुराग भी छिपे हुए हैं। जिस तरह सायबर सेक्स की वर्चुअल दुनिया में दिव्य कोठारी लिप्त था, उसकी स्लैंग भाषा में ‘टर्टल’ का अर्थ होता है असामान्य सेक्स।

– सोमवार को पुलिस आरोपी दिव्य को सुखेर थाने ले गई और उससे पहली बार कड़ी पूछताछ की गई।

– इसमें दिव्य ने पहली बार माना कि उसने रुचिता से दुष्कर्म का प्रयास किया था, लेकिन जब रुचिता ने कड़ी आपत्ति जताई और उसे रोका तो उसने उस पर टूल बॉक्स के एक पाने से जानलेवा हमला कर दिया।

– उसने उसे बिस्तर पर भी पटका और उसकी चिल्लाहट रोकने के लिए तकिए से उसका मुंह भी दबाया। लेकिन रुचिता फिर भी प्रतिरोध करती रही।

– रुचिता के चीखने की आवाजें बाहर नहीं जाएं, इसलिए उसने टीवी रिमोट से पहले ही तेज कर दिया था।

क्याटर्टलहै इस कांड काकीवर्ड

– इस हत्याकांड पर निगाह रख रहे एक उच्च पुलिस अधिकारी की मानें तो इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे बड़ा की-वर्ड ‘टर्टल’ है।

– इसका सामान्य अर्थ तो कछुआ है, लेकिन वर्चुअल रिश्तों की दुनिया में या स्लैंग के तौर पर इसका अर्थ है : ‘अ डेविएंट सेक्सुअल एक्ट।’

– यह पुलिस अधिकारी बताते हैं, कई ऑनलाइन इंग्लिश कहानियों में यह शब्द दो प्रेमियों के बीच सेक्सुअल एक्ट को लेकर भी प्रयुक्त होता है।

– इसलिए इस हत्याकांड में यह शब्द किसी कोड-वर्ड के तौर पर भी प्रयुक्त हुआ हो सकता है। लेकिन इसके लिए पुलिस को इस कांड के अभी और गहराई में उतरने की जरूरत है।

– सिर्फ दिव्य के अब तक के बयानों के आधार पर इस हत्याकांड को लेकर अभी भी बहुत से सवाल उठ रहे हैं।

आखिर कड़ी पूछताछ में आज क्या कहा पुलिस से दिव्य ने

– दिव्य ने बताया कि रुचिता आंटी हमारे घर के सामने फ्लैट में रहती थी। मुझे उनसे पहली नजर में ही प्यार हो गया था।

– पहले दिन से ही मुझे उन्हें पाने की चाहत हो गई थी। मैं अपनी चाहत को दबा नहीं पा रहा था।

– मैं उनके साथ बर्थ डे पार्टीज तक में जाया करता था। हम बहुत बार खाना भी साथ खाते थे़।

– वे मेरे साथ बैडमिंटन भी खेलती थी। वे योगा करती थीं तो बहुत अच्छी लगती थीं। हम संडे पार्टियों में भी साथ होते थे। मेरा उनके प्रति बड़ा स्ट्रांग एफेक्शन था।

– उनके घर में जब कभी कोई गड़बड़ होती थी तो वे मुझे बुलाती थीं। मैं टर्टल से खेलने भी जाता था, लेकिन ये तो एक बहाना था। ….(ये बयान हूबहू नहीं है।)

कॉल लोकेशन से किया वेरीफिकेशन

– आरोपी दिव्य से कड़ी पूछताछ की गई और मौका तस्दीक के लिए सोमवार को हर उस जगह ले गई, जहां उसने जाना बताया था और कॉल लोकेशन से भी वेरीफिकेशन किया।

– पुलिस ने बताया कि दिव्य पहले से पूरी प्लानिंग कर चुका था।

– पहले दिल्ली में होने वाली एक शादी में उसके पिता जाने वाले थे, लेकिन दिव्य ने इस षड़यंत्र के तहत पिता की जगह मां को भेजा कि पिता तो दुकान पर चले जाएंगे और वह घर पर अकेला होगा तो यह सब कर सकेगा।

– यह प्रमाण मिल गया है कि ट्रेन में रिजर्वेशन पिता के नाम से ही था, मां के नहीं। मां के जाने से पिता उदयपुर रुक गए और हर दिन की तरह उस दिन भी दुकान पर चले गए थे।

– अकेले में समय मिलते ही दिव्य ने वारदात को अंजाम तक पहुंचा दिया।

– एसएचओ मांगीलाल ने बताया कि आरोपी दिव्य के खिलाफ हर सबूत जुटा रहे हैं, ताकि उसे कोर्ट में किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल सके।

– शुरुआत में कुछ जगह मामला उलझ गया था, लेकिन अब कड़ी से कड़ी मिलाकर केस को इतना मजबूत कर देंगे कि आरोपी को हर हाल में सजा हो।

सबसे बड़ा सबूत आरोपी के मोबाइल में ही

– अब तक हुई पड़ताल में यह स्पष्ट हो चुका है कि आरोपी ने पूरे होशो-हवास में रुचिता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था और जब रुचिता ने विरोध किया तो उसने हत्या कर दी।

– आरोपी के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत उसके मोबाइल से ही मिला, जब उसने रुचिता के फ्लैट में कछुए की फोटो खींची थी।

– इस फोटो से ही यह पता चल जाता है कि आरोपी दिव्य उस समय पूरी तरफ होशो-हवास में था और उस समय उस कमरे में था।

रुचिता के हंसमुख स्वभाव को दिव्य ने गलत समझ लिया था

– रुचिता का हंसमुख स्वभाव था। दोनों के फ्लैट आमने-सामने थे तब दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर काफी आना-जाना था।

– रुचिता के हंसने-बोलने को ही दिव्य ने गलत समझ लिया और एक तरफा भावनाएं रखने लगा।

– यही भावनाएं उसकी कुंठाओं में तब्दील हुईं और वह इसी प्रकार के मर्डर-2 फिल्म, सावधान इंडिया क्राइम पेट्रोल जैसे धारावाहिक देखने लगा।

– वारदात को अंजाम देने के लिए भी वह इसी प्रकार के धारावाहिक और फिल्म से दुष्प्रेरित हुआ।

दिव्य कोठारी ही क्यों

– रुचिता के बैडरूम मेें घूम रहे टर्टल की फोटो सुबह 9.07 बजे हत्या से पहले दिव्य ने ली थी, वह उसके मोबाइल में मिल गई।
– दिव्य के कपड़ों-जूतों पर रुचिता के खून के धब्बे मिले हैं।
– दिव्य के खून से सने जूतों के निशान मौके पर मिले हैं।
– दिव्य घटनास्थल हर बार कनेक्ट होता मिला।
– दिव्य रुचिता का मोबाइल खुद का समझ ले गया था। दोनों के मोबाइल साथ ट्रैक हुए।
– एक अपराधी में असामान्य व्यवहार जरूरी होता है, वह असामान्यता दिव्य में पाई गई है।
– दिव्य ने जब से रुचिता आंटी को देखा था, उसका उसके प्रति आकर्षण था। दिव्य रुचिता को पाना चाहता था। दिव्य के पास मोटिव था।
– दिव्य ने रुचिता के पति को जाते देखा था, वह जानता था कि रुचिता आंटी घर पर अकेली है।

पति इसलिए नहीं

– पति सुबह साढ़े आठ बजे घटनास्थल से निकल गया था और साढ़े 11 बजे तक कॉलेज में रहा। यह कॉलेज के सीसीटीवी से भी पता चला। इसलिए वह घटना से कनेक्ट नहीं हुआ।
– पति की मोबाइल लोकेशन उसके बताए अनुसार सुबह 8.30 से 11.15 तक कॉलेज में रही, जो बीटीएस से मैच हो गई। इसलिए वह घटनास्थल से कनेक्ट नहीं हुआ।
– घटनास्थल के हालात (रुचिता के फटे और अस्त-व्यस्त कपड़े) से पति का जुड़ाव नहीं आ रहा था। हालां कि पुलिस पति पर भी नजर रखे हुए हैं।
– पति के पास कोई मोटिव नहीं था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *