Embassies in India feeling cash crunch due to note ban, considering counter action

linesRussia has lodged a protest with India on cash shortage affecting the working of its mission in New Delhi after the government’s move to scrap high-value banknotes last month, asking for a quick resolution of the issue — failing which it may explore options including summoning the Indian diplomat in Moscow.

In a letter, Russian ambassador Alaxander Kadakin has raised the issue of diplomats not being able to withdraw enough money hampering the normal functioning of the mission and sought intervention of the external affairs ministry so that the withdrawal restrictions for diplomatic staff are lifted.

“We are awaiting a reply from the MEA and hope that this is resolved quickly. Otherwise, we will be forced to explore other options which may include raising the issue in Moscow with your Embassy by summoning Indian Minister Counsellor,” a senior Russian embassy official said in New Delhi.

Other options may also include restriction on the cash withdrawals for Indian diplomats posted in Russia, the official indicated.

Meanwhile,

Pakistan had lodged a protest with India over its diplomats in the high commission in New Delhi allegedly not being allowed to withdraw their salaries, which is paid in US dollars, by the bank.

“As far as we understand, the matter was between Pakistan High Commission and a private banking entity. It had nothing to do with the government,” official sources said, adding that the matter had been resolved.

The mission asserted that not allowing its officials to withdraw their salaries was in breach of Vienna Protocol, and Pakistan threatened it might consider retaliatory action against salary disbursal for Indian diplomats in Islamabad if the matter wasn’t sorted.

Other embassies are also facing the same problem.

नोटबंदी की मार झेल रहे विदेशी राजनयिक, जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे कई देश

नई दिल्ली। पाकिस्तान उच्चायोग को नोटबंदी की वजह से हुई मुश्किलों का हल निकालने के बाद अब भारत में मौजूद बहुत से अन्य दूतावासों ने भी बैंकिंग विद्ड्रॉल लिमिट को लेकर नाराजगी जताई है। कुछ दूतावासों ने तो अपने देश में सरकारों को भआरतीय दूतावासों के लिए भी बैंक से कैश निकालने पर लिमिट लगाने का सुझाव भी दिया है।

ईटी के अनुसार, रूस, कजाकिस्तान, यूक्रेन, इथियोपिया औऱ सूडान के राजघरानों में मौजूद दूतावासों ने अपने बैंक अकाउंट्स से विदड्रॉल लिमिट के कारण हो रही परेशानी को लेकर एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री को कड़े शब्दों में पत्र लिखे हैं। कुछ अन्य दूतावास भी ऐसा कर सकते हैं।

कजाकिस्तान के दूतावास ने पिछले सप्ताह अपना नेशनल डे मनाया था और कैश की कमी की वजह से उसे इंतजाम करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग को हुई मुश्किल की वजह उच्चायोग और एक प्राइवेट बैंकिंग अऑरिटी के बीच का मामला था। इसे केंद्र सरकार ने सुलझा दिया है।

एक विदेशी डिप्लोमेट ने ईटी को बताया कि 500 और 1000 के पुराने नोट बंद हो जाने के बाद बैंक विदड्रॉल लिमिट को लागू हुए एक महीना बीत चुका है। इसे लेकर एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री ने इसका कोई समाधान नहीं निकाला है।

दूतावासों का मानना है कि उनके अपने फंड पर लिमिट तय करना विएना कन्वेंशन का उल्लंघन है। कुछ देश भारत को कड़ा संदेश देने के लिए अपने यहां मौजूद भारतीय दूतावासों पर भी बैंक विदड्रॉल लिमिट लगाने की सोच रहे हैं। ईटी ने रिपोर्ट दी थी कि दिल्ली में पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स ने अपने सैलरी अकाउंट वाले भारतीय बैंक से डॉलर में दी जाने वाली सैलरी लेने से इंकार कर दिया है।

पाकिस्तान ने इस बारे में इसे लेकर केंद्र सरकार से नाराजगी जताई थी और चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के स्टाफ की सैलरी पर भी असर पड़ सकता है। वहीं रूसी एंबेसडर ने विदेश मंत्रालय को लिखी चिट्ठी में धमकी दी है कि अगर एसबीआई का यह ऑर्डर मास्को में आता है तो 50 हजार रूबल एक रेस्टोरेंट में डिनर के लिए भी पर्याप्त नहीं होंगे हमारे जैसे बड़े दूतावास के खर्च की बात तो भूल ही जाइये।

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