Fraud by PayTM, see what comes out of packet sent through it

paytmCases of fraud by PayTM are coming to the fore repeatedly. In the latest case, a man sent toys for his child to his wife living in Dewas (Madhya Pradesh), but when she opened the packet, she found only waste paper in it.

Meanwhile in Bhopal, Madhya Pradesh police on Saturday booked the directors of Paytm – a mobile commerce platform – along with authorities of several other e portals in a case of alleged forgery with over 300 people across the state.

Case has also been registered against directors of Xenon Value Services India Private Limited, Vtech ventures, designing hub and apkacareer.com.

Police told media that Paytm’s directors Vijay Shekar Sharma and Harendra Pal Singh have been named in the FIR under sections of forgery and IT Act.

Sharma, 34, is the founder & CEO of One97 Communications – a growing mobile Internet companies. Paytm has recently launched a newly updated Wallet app for its android users.

Addressing press conference police officials said that the fraudsters used Paytm as gateway for monitory transactions. They said the company authorities are well aware of those the accounts to which transactions were made.

Modus operandi adopted by the fraudsters was that they call up gullible customers and identify themselves as a bank manager calling for providing easy loans or an executive of placement agencies with job opportunities by paying up small amount of money as registration fees through debit or credit cards.

During conversations accused claim that there is a problem with the ATM card of the customers and asked for the ATM and pin numbers on the pretext of changing the ATM card and pin number.

As soon as the ATM card and pin numbers are given, the customer gets an alert on his mobile about the amount debited from his account.

Police officers said after the getting ATM number the gang use mobile wallets such as “Paytm” as gateway to transfer money from the customer to their SIM card and use it for recharge, DTH and online shopping.

So far 313 people from all over the state have registered their complaint. Total of Rs 20 lakh have been duped so far.

एक पिता ने अपनी 3 माह की बेटी और उसकी मां को पेटीएम के जरिए एक सरप्राइज गिफ्ट भेजा, लेकिन जब डिलिवरी बॉक्स को पत्नी ने खोला तो उसके होश उड़ गए। बॉक्स में खिलौने की जगह ढेर सारा कागज भरा हुआ था। पढ़ें, 3 माह से मायके में है पत्नी..
– ऑनलाइन ठगी की यह घटना महू निवासी इंजीनियर रितेश परसवादिया के साथ हुई है।
– रितेश ने बताया कि पत्नी ने तीन माह पूर्व बालिका को जन्म दिया और वह उसके बाद से ही पालनगर (देवास) में अपने मायके में है।
– रितेश अपनी छोटी सी बेटी और पत्नी को काफी मिस कर रहे हैं। वे मां और बेटी को कुछ दिनों से सरप्राइज करना चाह रहे थे।
– कुछ दिन पहले उन्हें पेटीएम पर अपनी बेटी रूही के लिए एक खिलौना पसंद आया।
– उन्होंने तत्काल उसे बुक कर दिया और पेटीएम से करीब 150 रुपए का पैमेंट भी किया।
– खिलौना उन्होंने सीधे देवास स्थित सुसराल के पते पर पहुंचवा दिया।
– मंगलवार को डिलिवरी बॉय पार्सल लेकर पालनगर में यश चौधरी के घर पहुंचा।
– बॉक्स की डिलेवरी कर डिलिवरी बॉय जाने लगा तो उन्होंने उसे रोकते हुए बॉक्स खोला।
– बॉक्स खाेलते ही वे दंग रह गए। बॉक्स ढेर सारा कागज भरा हुआ था।
– कागज हटाने के बाद पूरा बॉक्स खाली था। जब डिलिवरी बॉय इस बारे में जानकारी चाही तो वह कुछ नहीं बता पाया।
– रितेश का कहना है कि खिलौना खरीदा और सोचा था कि जब रूही और उसकी मां देखेगी तो कितना खुश होगी।
– गिफ्ट देख उन्हें लगेगा कि मैं भी उन्हें बहुत मिस कर रहा हूं, लेकिन यहां मामला उलट हो गया।
– ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खिलौने की जगह कागज भेज कर मेरे कंपनी ने मुझे ठगा है।

ये सावधानी रखें ऑनलाइन शॉपिंग करते समय
अनजान साइट से करें शॉपिंग
ऑनलाइन खरीदारी के समय इंटरनेट सिक्यॉरिटी बेहद जरूरी है। भरोसेमंद साइट से ही शॉपिंग करें। अनजान साइट से पेमेंट करने पर आपका अकाउंट हैक हो सकता है। आप रकम पर क्लेम भी नहीं कर पाएंगी।

कंपनी की शर्तों को ढंग से समझें
कुछ साइट निश्चित मूल्य की खरीदारी पर फ्री डिलिवरी का ऑफर देती हैं। कभी-कभी फ्री डिलिवरी के साथ ही कुछ शर्तें भी लिखी रहती हैं, जिन पर कस्टमर ध्यान नहीं देते और इस वजह से बाद में उनको अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ती है।
सामान को तुरंत चेक करें
सामान को डिलिवरी बॉय के सामने ही चेक करें। अगर कुछ गड़बड़ लगे तो उसके सामने ही तस्वीर लें। इससे बाद में कंपनी से रकम क्लेम करने में आसानी होगी।

वेबसाइट की पूरी जानकारी लें
हमेशा यह चेक करें कि जहां से आप सामान खरीद रही हैं उनका पता, फोन नंबर और ईमेल ऐड्रेस वेबसाइट पर हो। पेमेंट सिस्टम ऐसी वेबसाइट का चुनें, जहां पेमेंट सिस्टम में वेरीफाइड बाई वीजा या मास्टरकार्ड सिक्योरर्ड के जरिए पेमेंट हो।

http और https में है फर्क
ऑनलाइन शॉपिंग के वेबसाइट अड्रेस में https हो, न कि http। यहां S का मतलब सिक्यॉरिटी से होता है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि कभी-कभी यह S लेटर वेबसाइट में तब जुड़ता है, जब ऑनलाइन पेमेंट करने की बारी आती है।

ये भी चल रहा मार्केट में
– कई लोगों ने ऑनलाइन खरीदारी की तो उन्हें वह प्रोडक्ट डिलिवर कर दिया गया जो उन्होंने मंगाया ही नहीं था।
– ऑनलाइन कंपनियां सामान की कोई गारंटी भी नहीं देतीं।
– डिफेक्टिव प्रोडक्ट को ठीक कर उसे नया बता कर भी बेचा जा रहा है।
– ग्राहक सस्ते के लिए ऑनलाइन कंपनियों के जाल में फंसते जा रहे हैं।

इस तरह ठगी से बचें
प्रतिष्ठित वेबसाइट से ही करें शॉपिंग, कैश ऑन डिलिवरी मंगाए उत्पाद, सस्ता उत्पाद या इनाम के लालच में भी ऑनलाइन बुकिंग करने से बचें। वेबसाइट की हेल्पलाइन और डिलिवरी मैन का मोबाइल नंबर अवश्य रखें। एचटीटीपीएस साइट से ही बुकिंग कर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करें भुगतान। ऑनलाइन उत्पाद के पॉलिसी की जानकारी रखें।

 

 

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