Rs. 2000 counterfeit notes recovered, Jaali Notes worth 15 lakh seized

jaaliFour members of a gang were arrested in Sangrur on Saturday on charge of printing Fake Indian Currency Notes and conspiring to circulate the counterfeit notes including newly introduced Rs 2,000 notes. The Sangrur police Saturday busted the gang and recovered fake notes worth Rs 4.15 lakh. Of the total Rs 4.15 lakh, the police recovered 200 Rs 2000 fake notes worth Rs 4 lakh. The rest of the money was in fake Rs 100 notes.

The four accused were arrested from Bhawanigarh village in Sangrur. The police also recovered a scanner and a printer from them. According to the police, the accused had been printing printing fake Rs 100 notes and duping people for the past three months.

“Earlier, they were only circulating fake Rs 100 notes. But ever since new currency notes were introduced, they also started making Rs 2,000 notes,” said Pritpal Singh Thind, SSP Sangrur. The accused were identified as Harbhajan Dass of village Bhaliana, Jasvir Singh alias Jassi of Bhawanigarh, Bhagwan Dass and Jaidev alias Jajji from Sangrur city.

All four accused are under 25 years of age and belong to Sangrur added Dass.  A whit Zen car (PB-10P-0810) was also recovered along with the fake currency. The police said that accused used to hand over fake currency to other gang members including — Gulshan Kumar and Rajesh Sharma of Sangrur; Bagga of Chika; Barjesh Kumar and Dhanas of Chandigarh and Vijay Kumar of Mangwal.

“We have started the investigation and the other accused will also be arrested soon,” said Dass.

संगरूर।4 लाख 15 हजार रुपए की जाली करंसी के साथ पकड़े गए आरोपियों ने पहले 100 रुपए के जाली नोट छापे। जब नोट चलने लगा तो 500 और 1000 के नोट छापने शुरू कर दिए। आरोपी पिछले तीन माह से जाली करंसी छापने का काम कर रहे थे। नोटबंदी के बाद आरोपियों ने 2000 के नोट को भी छापना शुरू कर दिया था। कई राज्य में गैंग की तलाश...

– जिसे बाजार में चलाना काफी आसान था क्योंकि नए 2000 के नोट की अभी आम व्यक्ति को पूरी तरह पहचान नहीं हुई है।

– एसएसपी प्रितपाल सिंह थिंद ने कहा कि आरोपी जाली करंसी की सप्लाई करने के लिए पंजाब, बिहार, चंडीगढ़ समेत दूसरे कई राज्य में गैंग की तलाश कर ली गई।

– जिनके पास चारों युवक जाली करंसी छाप कर सप्लाई करते थे।

कुछ दिन पहले जाली नोट चलाते पकड़ा
– पुलिस को बाजार में जाली करंसी चलने की भनक पहले ही लग चुकी थी क्योंकि कुछ दिन पहले भवानीगढ़ में एक व्यक्ति सब्जी विक्रेता के पास जाली 100 रुपए का नोट चलाने का प्रयास कर रहा था।

– व्यक्ति 10 रुपए की मूली के बदले 100 रुपए का जाली नोट दे रहा था। सब्जी विक्रेता को नोट जाली होने की भनक लगी तो 100 का नोट लेने से इंकार कर दिया।

– बावजूद व्यक्ति 100 का नोट चलाने का दबाव बनाने लगा था तो मामला गरमा गया।

पांच आरोपी फरार
– पुलिस ने एक गैंग का तो पता लगा लिया है। जिन्हें आरोपी युवक नोट सप्लाई करते थे।

– हालांकि गैंग सदस्य गुलशन कुमार, राजेश शर्मा निवासी संगरूर, बगा निवासी चीका, प्रेम, ब्रजेश निवासी चंडीगढ़ और विजय कुमार निवासी मंगवाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

– पुलिस गैंग सदस्यों का भी पता लगाने में जुट गई है।

ज्यादा पढ़े लिखे नहीं
– आरोपी युवक हरभजन दास निवासी बलियाल, जसबीर सिंह निवासी भवानीगढ़, भगवान दास निवासी मैगजीन मोहल्ला संगरूर और जयदेव निवासी सरदार कालोनी संगरूर अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं।

– नोट छपाई में अधिक दिमाग का इस्तेमाल भी नहीं करते थे। एक ही सीरियल के कई-कई नोट छाप लेते थे।

 

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