Businessman distributes 90 houses as daughter’s wedding gift

daughterAurangabad (Maharashtra): Businessman Ajay Munot residing in Lasar town in the district has distributed 90 houses as daughter Shreya’s wedding gift to needy people. He built these one BHK houses at a cost of Rs. 1.50 crore.

Wholesale trader of cloth and wheat, Ajay Munot constructed this colony on 2 acres of land.

औरंगाबाद (महाराष्ट्र)महाराष्ट्र के व्यापारी अजय मुनोत ने 90 मकान बनवाए और सभी मकान बेटी श्रेया की शादी में गरीबों को तोहफे में दे दिए हैं। ये मकान उन्होंने बेटी की शादी में होने वाले खर्च को बचाकर बनाए हैं। वन रूम किचन वाले इन घरों की कॉलोनी दो एकड़ जमीन पर दो माह में बनाई गई है। इनके निर्माण पर 1.5 करोड़ रुपए का खर्च आया है।जानें किसके कहने पर किया ये सब...

– औरंगाबाद जिले के लासूर में रहने वाले अजय एक साथ कई कारोबार करते हैं। उनकी कपड़े की दुकान है और अनाज का व्यापार भी करते हैं।

– उनके पास लासूर में 60 एकड़ जमीन भी है। जिन्हें घर दिया गया है, उनका चयन मुनोत परिवार के सदस्यों ने किया है।

– इसके लिए वे झुग्गी में रहने वालों और गरीबों के बीच गए थे।

इन शर्तों पर बाटे गरीबों को फ्री मकान
– इससे पहले उन्होंने मकान देने वालों के लिए तीन कसौटी तय की थी।

– पहला वह गरीब हो, दूसरा झुग्गी में रहता हो और तीसरा किसी प्रकार का नशा नहीं करता हो।

– दुल्हन श्रेया का कहना है कि परिवार का मानना है कि समाज को कुछ देना चाहिए।

– बस इसी विचार से परिवार ने गरीबों को मकान बनाकर देने का फैसला किया। उनके पति बादल जैन को भी यह विचार पसंद आया है।

फिल्टर पानी मिलेगा मकान में रहने वालों को :

– प्रत्येक घर 12 बाय 20 फीट आकार का वन रूम किचन वाला है। इसमें दो खिड़कियां, दो दरवाजे, लाइट फिटिंग और कलर कराया गया है।

– यहां रहने वालों को फिल्टर पानी पीने को मिलेगा। इसकी व्यवस्था भी अजय मुनोत ने कराई है।

– प्रत्येक घर की कीमत सवा लाख रुपए हैं। उनका लक्ष्य 108 घर बनाने का था। लेकिन शादी तक 90 घर ही बन पाए थे। इसलिए 90 घर बांट दिए गए।

विधायक ने दिया था सुझाव :

– मुनोत परिवार और गंगापुर विधायक प्रकाश बंब के बीच पारिवारिक संबंध है। अजय मुनोत शादी में फिजूल खर्ची नहीं करना चाहते थे।

– इसके लिए उन्होंने प्रकाश बंब के सुझाव मांगा था। विधायक बंब ने कहा, अगर वे गरीबों को मकान बनाकर देते हैं तो उनके पैसों का वास्तविक सदुपयोग होगा।

– यह विचार मुनोत परिवार को पसंद आया और वे इसे पूरा करने में जुट गए।

 

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