Dilip Kumar’s house may fall anytime

dilipThe dilapidated ancestral home of actor Dilip Kumar in Peshawar, Pakistan, is at risk of collapse

The Khyber-Pakthunkhwa government is yet to acquire the building despite it being declared a national heritage by the federal government

The local people of the Qissa Khawani Bazaar, where the house is located, contended that dispute over its ownership has also not been resolved by the local government yet

The house is located in a congested area and can be reached only through a narrow six feet wide street, making it difficult for visitors to approach it

There is also a dispute over money transaction

Dilip Kumar was born here as Yousuf Khan in 1922; popular in both countries, there have been requests in Pakistan for salvaging his ancestral home

In 1998, Pak conferred on him its highest civilian award, Nishan-e-Imtiaz

नई दिल्ली. पाकिस्तान के पेशावर में स्थित दिलीप कुमार का जर्जर पुश्तैनी घर कभी भी गिर सकता है। जुलाई 2013 में पीएम नवाज शरीफ ने उसे राष्ट्रीय विरासत घोषित किया था। इसके बावजूद खैबर-पख्तूनख्वा सरकार अब तक घर का कब्जा नहीं ले सकी है। घर को लेकर विवाद नहीं सुलझ सके हैं...

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार के लोगों ने बताया कि खैबर-पख्तूनख्वा सरकार अभी तक उस इमारत की ओनरशिप के विवाद को हल नहीं कर सकी है।

– दिलीप कुमार का पुश्तैनी घर काफी भीड़भाड़ वाले एरिया में है। वहां तक सिर्फ एक 6 फीट चौड़ी और 33 फीट लंबी सड़क से पहुंचा जा सकता है। जिससे घर तक जाना काफी मुश्किल है।

पैसे के लेनदेन का विवाद भी बरकरार

– लोकल लोगों ने रविवार को दिलीप कुमार का 94th बर्थडे मनाया।

– लोगों का कहना है, ‘घर के मालिक और पिछली प्रांतीय सरकार के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर जारी विवाद को भी अभी तक हल नहीं किया जा सका है।’
– ‘इसीलिए मौजूदा सरकार ने घर को खरीदने के लिए कोई फंड प्रोवाइड नहीं कराया है।’
– ‘घर जर्जर हालत में है और इसके चलते कभी भी गिर सकता है।’

घर को म्यूजियम बनाने की योजना थी
– लोगों ने यह भी कहा कि, ‘खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने राष्ट्रीय विरासत की देखरेख के लिए इसे जुलाई 2014 में Antiquity Act 1997 के तहत संरक्षित स्मारक घोषित किया था।’
– ‘फिर भी इस घर की देखरेख शुरू नहीं हो सकी है।’

– दरअसल, शरीफ सरकार की योजना घर को म्यूजियम बनाने की थी। दोनों देशों के बीच कल्चरल रिलेशंस को प्रमोट करने के मकसद से यह स्कीम बनाई गई थी।

पेशावर में 1922 में हुआ था जन्म
– दिलीप कुमार का जन्म 1922 में पेशावर में हुआ था। उनका असली नाम यूसुफ खान है। उनके पिता लाला गुलाम सरवर 1930 में पेशावर से मुंबई रहने चले आए थे।
– दिलीप कुमार दोनों देशों में समान रूप से पॉपुलर हैं। पाकिस्तान सरकार ने 1998 में उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया था।

 

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