Supreme Court rebukes BJP spokesman for sponsored PIL activism

supremeNEW DELHI: Ashwini Upadhyay, a Delhi BJP spokesperson, was rapped by the Supreme Court today for filing multiple Public Interest litigations (PILs), after which the court wondered if the “BJP is financing you to do political activism in court.”

“Is this the job that BJP has given you? Is BJP financing you to carry campaign for party in courts,” the Supreme Court asked the BJP spokesperson.

Ashwini Upadhyay had apparently filed four PILs and the apex court was hearing one of them, which it dismissed.

“You have become a professional PIL activist and we see you everyday filing PIL. It’s your party which is in power at Centre so why don’t you approach the government for your grievances,” the Supreme Court asked the BJP spokesperson.

The top court was firm that it doesn’t encourage political activism in the courtroom.

“We don’t want to encourage practice of political activist trying to use the judicial forum for political gain,” the court said, as it dismissed the BJP member’s PIL.

The Supreme Court and the hig courts have been cracking down on what it calls frivolous PILs.

Last month, the Bombay high court observed that a large majority of PILs do not seem to have been filed for genuine reasons.

“Over 80% of the PILs seem to have been filed by people who are put up by some individuals or for the purpose of blackmail,” said a division bench of the high court.

BJP प्रवक्ता को SC की फटकार- ‘दूसरी पार्टियों को कोर्ट में घसीटने के लिए बीजेपी देती है पैसा?’

नई दिल्ली। दिल्ली बीजेपी के एक प्रवक्ता को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फटकार लगी है। यह फटकार सुप्रीम कोर्ट में बहुत सारी जनहित याचिकाएं डालने के लिए लगाई गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछा, ‘क्या बीजेपी ने आपको यही काम दिया हुआ है? पार्टियों के खिलाफ कैंपेन चलाकर उन्हें कोर्ट में घसीटने के लिए क्या बीजेपी आपको पैसा देती है?’

सुप्रीम कोर्ट ने सवालिया अंदाज में कहा, ‘कोर्ट में इस ऐक्टिविज्म के लिए आपको क्या बीजेपी फाइनैंस कर रही है।’ शीर्ष अदालत की बेंच ने कहा, ‘क्या बीजेपी की ओर से आपको यही काम दिया गया है। अदालत में पार्टी के प्रचार के लिए क्या बीजेपी आपको फाइनैंस कर रही है?’

आपको बता दें कि बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने अदालत में 4 जनहित याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें से एक की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह टिप्पणी की। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को भी खारिज कर दिया।

शीर्ष अदालत ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछा, ‘आप पेशेवर जनहित याचिका ऐक्टिविस्ट बन गए हैं। हम हर दिन आपको अदालत में पीआईएल करते देखते हैं। आपकी पार्टी केंद्र की सत्ता में है फिर आप अपनी समस्याओं के लिए सरकार से संपर्क क्यों नहीं करते।’

कोर्ट ने कहा कि बीजेपी पावर में है और आप मंत्री के पास जाकर जो भी दिक्कतें हैं, उन्हें दूर कर सकते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं गया जब हमने आपको कोर्ट में न देखा हो, आपके पास दूसरा काम नहीं है। आप कपिल सिब्बल पर आरोप लगाते हैं कि वह राजनीतिक हस्ती हैं और अब आज आप खुद बता रहे हैं कि आप BJP के प्रवक्ता हैं।

दरअसल अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर देश में शराब को लेकर नेशनल लीकर पॉलिसी बनाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *