Tonnes of black wealth found with this Bhajiyawalla!

bhajiyawalaSurat Income tax department officials Wednesday carried out search operations at a financier’s firm and seized cash worth Rs 23 lakh, comprising old demonetised notes and new 2,000 notes from his firm. The officials have started probing the three hree banks in which the suspect and his family have over 29 accounts.

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Acting on specific input, the Income Tax department officials carried out search operation at the firm owned by one Kishor Bhajiyawala at Udhna gam in Surat on Tuesday evening. The search continued till Wednesday night. The officials also seized computer, lap tops and investment documents from his firm.

Sources in Income Tax department claimed that Bhajiyawala and his family have over 29 accounts in different banks, like HDFC, Bank of Baroda and Surat People’s Co-Operative Bank. Among them, nine accounts are current while the remaining are saving. I-T officials also found that Bhajiyawala has more bank accounts under dummy names. They seized bank lockers operated by him and his family members. The officials suspect that the amount will reach crores at the end of investigations.

Reliable sources said that Bhajiyawala had got large amount of new currency on behalf of old currency from the bank. The I-T officials are also checking the role of the bank officials in this case. Bhajiyawala has been transferring money from one account to another account and also from banks to banks. This could be to mislead the investigating agency, said the I-T source.

Among the documents seized from Bhajiyawala’s office, the officials found many property documents of flats, bungalows and houses in Surat from his office. The officials have also started search operation at his house. The officials are carrying out the verification of the documents seized from his office.

सूरत. सूरत में कभी 25 पैसे में चाय बेचने वाला किशोर भजियावाला 31 साल में 400 करोड़ रुपए का आसामी बन गया। इनकम टैक्स (आईटी) डिपार्टमेंट को सर्च ऑपरेशन के दौरान इस फायनेंसर के यहां से मिले दस्तावेज में कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। फाइनेंसर के यहां सील किए गए 16 लॉकरों में से 5 किलो सोने के बार, 8 किलो सोने की ज्वेलरी, 1 किलो डायमंड ज्वेलरी, 1.25 किलो चांदी की ज्वेलरी और करोड़ों रुपए मिले हैं। कुल प्रॉपर्टी का अभी अनुमान नहीं

– आईटी अधिकारी भजियावाला की अभी कुल प्रॉपर्टी का पता नहीं लगा पाए हैं। दस्तावेजों से कयास लगाया जा रहा है कि यह करीब 400 करोड़ की हाेगी।

– भजियावाला के पास कितनी प्रॉपर्टी है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे हर महीने 3.5 करोड़ रुपए ब्याज और 4 करोड़ रुपए किराया मिलता है।

– 4 दिन की पड़ताल में इसके 16 लॉकरों का पता चला है। इनके अलावा कई अन्य प्रॉपर्टीज का पता चला है।

90 लाख रुपए नकद मिले

– बता दें कि भजियावाला के पहले बेनामी बैंक लॉकर से 90 लाख रुपए कैश मिले थे। सभी नोट दो हजार के थे।

– इनमें एक नंबर के दो नोट भी हैं। आईटी ऑफिसर्स ने इससकी जानकारी आरबीआई को दे दी गई है, ताकि पता चल सके कि ये नोट किस बैंक से जारी किए गए।

– अगर पैसों के इस हेरफेर में बैंकों की मिलीभगत का पता चला तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।

– भजियावाला के यहां 15 ऑफिसर्स की टीम लगातार जांच का कर रही है।

दो चाबियों का सुराग नहीं मिल रहा

– ऑफिसर्स को जांच में दो चाबियां भी मिली हैं। ये किसी तिजोरी की हो सकती हैं, लेकिन उस तिजोरी का पता नहीं चल पा रहा है।

– इन चाबियों के ताले की तलाश में आईटी की एक टीम पीपुल्स बैंक भी भेजी गई थी।

कितने खातों में ढाईढाई लाख रुपए जमा किए

– आॅफिसर्स के मुताबिक भजियावाला ने मंदिर के एक पुजारी, वॉचमैन और कई दूसरे लोगों के खाते में ढाई-ढाई लाख रुपए जमा कराए हैं।

– कुल कितने खातों में यह रकम जमा कराई गई है, इसका पता लगाया जा रहा है।

जुआ खेलने के लिए देता था रकम

– बताया जाता है कि भजियावाला पहले लोगों को जुआ खेलने के लिए उधार देता था। अगर वे रकम हार जाते तो उनकी प्रॉपर्टी अपने नाम करा लेता था।

– फिर दी गई रकम पर ब्याज लगाकर धीरे-धीरे पूरी प्रॉपर्टी हड़प लेता था। ऐसे कई लोग मिले हैं जो भजियावाला के चंगुल में एक बार फंसे, तो बाहर निकल ही नहीं पाए।

7 घंटे की नींद लेने की इजाजत

– आईटी ऑफिसर भजियावाला और उसके बेटे को सिर्फ 7 घंटे तक नींद की इजाजत देते हैं।

– बाद में उन्हें जगाकर फिर पूछताछ शुरू कर देते हैं। बैंकों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

 

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