BJP to play new religious election card in Uttar Pradesh

yatraThis time, BJP is not going to raise Ram MAndir issue in Uttar Pradesh Elections. But it has decided to woo Hindu voters by constructing two-lane road spanning 275 kms of 84 kosi yatra connecting Gorakhpur, Balrampur, Shravasti and Bahraich districts with Faizabad district where Ayodhya is situated.

In this connection Union Minister Nitin Gadkari is going to announce a Rs. 750 crore project with the aim of placating Hindu voters.

अब राममंदिर नहीं, 84 कोसी यात्रा लगाएगी यूपी में भाजपा की नैया पार

केंद्र में सत्ताधारी पार्टी भाजपा की नजर अयोध्या पर है और चुनाव के समय पार्टी अपने अहम  राम मंदिर को भुनाने की कोशिश करेगी।

नई दिल्ली, जेएनएन। चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश में चुनावों की घोषणा कभी भी कर सकता है। सभी पार्टियों की नजर देश के सबसे बड़े राज्य में होने वाले चुनाव पर ही है। ऐसे में भाजपा मतदाताओं को अपने पाले में लेने के लिए यूपी में सड़क योजनाओं की झड़ी लगा सकती है।

केंद्र में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी की नजर अयोध्या पर है और चुनाव के समय पार्टी अपने अहम मुद्दे राम मंदिर को भुनाने की कोशिश करेगी। इस इलाके के विकास के लिए योजनाओं का पिटारा खोल सकती है। 21 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 84 कोसी परिक्रमा रूट के लिए 275 किमी की टू लेन रोड की घोषणा कर सकते हैं, जिसकी लागत 750 करोड़ के आसपास होगी। ये रोड बस्ती, गोरखपुर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और फैजाबाद जिलों को जोड़ेगी।

गडकरी का उत्तर प्रदेश दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान वे कई सड़क परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। इसमें प्रतापगढ़ से इलाहाबाद बाईपास रोड, इलाहाबाद से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा तक फोर लेन रोड शामिल हैं। इसके साथ ही ये उम्मीद भी की जा रही है कि गडकरी जगदीशपुर से फैजाबाद के लिए सड़क की घोषणा कर सकते हैं।

बीजेपी के लिए अहम है और मतदाताओं से जुड़ा हुआ है और 84 कोसी परिक्रमा रूट बनने से चुनावों में बीजेपी को फायदा हो सकता है। हर साल हजारों साधू देश के अलग-अलग कोनों से 84 कोसी परिक्रमा करने के लिए आते हैं।

हालांकि साल 2012 के पिछले चुनावों में बीजेपी अयोध्या विधानसभा सीट हार चुकी है और इस पर समाजवादी पार्टी का कब्जा है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लल्लू सिंह ने फैजाबाद सीट पर जीत हासिल की थी। इस मामले पर पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि बीजेपी ने अयोध्या और इसके आस-पास के इलाकों में विकास नहीं कराया और यही पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजह है। इस मामले पर लल्लू सिंह का कहना है कि राम मंदिर बनने से पहले इलाके का विकास जरूरी है।

शायद इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी इलाके में पहले विकास की नींव रख रही है।

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