Depressed youth from Satna kills 10 years old sister and commits suicide

murderDEHRADUN: A 20-year-old boy and a minor girl were found dead under mysterious circumstances in a hotel room in Dehradun on Wednesday evening. The deceased hailed from Satna district in Madhya Pradesh.

“Prima facie, it seems that the deceased Alok Gautam and 10-year-old Anamika were siblings who had checked into a hotel on Rajpur Road at 11 am on Wednesday. The boy’s body had injury marks on the neck, but the girl’s body did not have any clear marks,” said Yudhbir Singh Bisht, in-charge of Dalanwala police station.

According to police officials, after checking in, they did not open the door or placed any order. The hotel management got suspicious after housekeeping staff went to the room in the evening for cleaning, and they did not open the door.

“The investigation is underway. We still have to ascertain whether it is a suicide case or there is some other angle involved in the incident,” said Bisht.

suicideLater. father of the youth informed police that the youth was despressed after death of his mother three months ago. After this, the police concluded that Alok would have killed Anamika and then killed himself.

भोपाल/सतना। देहरादून के एक होटल में मिली भाई-बहन की रक्तरंजित लाश के रहस्य से पर्दा उठ गया है। पहले पुलिस इस मामले को डबल मर्डर मानकर जांच कर रही थी। बाद में खुलासा हुआ कि मानसिक बीमार भाई ने ही बहन का मर्डर करके सुसाइड किया था। वो मां की कैंसर से मौत के बाद से डिप्रेशन में था। रची थी एयरफोर्स-ROW में सिलेक्शन की झूठी कहानी…
जानें पहले क्या है मामला…
देहरादून SSP स्वीटी अग्रवाल ने गुरुवार को इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मप्र के सतना जिले के मझगवां निवासी आलोक गौतम (20) अपनी बहन अनामिका गौतम (10) के साथ बुधवार को देहरादून के राजापुर रोड स्थित अजंता होटल में पहुंचा था। यहां उसने होटल का रूम नंबर 305 बुक कराया था। हालांकि चेक-इन के बाद से ही दोनों कमरे से बाहर नहीं आए और न ही उन्होंने खाने के लिए कुछ ऑर्डर किया था। देर शाम होटल का कर्मचारी रूम में गया। उसने देखा कि, आलोक का शव खून से लथपथ रूम में पड़ा है, जबकि अनामिका का शव बाथरूम में पड़ा था। पहले पुलिस इस मामले को डबल मर्डर मानकर जांच कर रही थी, लेकिन जब दोनों के पिता तक पुलिस पहुंची, तो हैरान करने वाला सच सामने आया।
कोतवाली पुलिस की पड़ताल में अब यह खुलासा…
-आलोक और उसकी बहन अनामिका 21 दिसंबर की सुबह 11 बजे अजंता होटल के कमरा नंबर 305 में ठहरे थे। इन्होंने इलाहाबाद बैंक के डेबिट कार्ड से 3973 रुपए जमा कराए थे।
-घटना स्थल से पुलिस को खून लगा चाकू और एक मोबाइल बरामद हुआ था।
-जब पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिये आलोक-अनामिका के पिता महेंद्र को कॉल किया, तो मालूम चला कि वे एक अन्य होटल मधुबन के कमरा नंबर-404 में ठहरे हैं। पुलिस को पता चला कि तीनों लोग 28 दिसंबर को देहरादून में इसी होटल में रुके थे। यहां से आलोक अजंता क्यों गया? इसका उनके पास कोई जवाब नहीं था।
-महेंद्र ने बताया कि आलोक उन्हें यह कहकर देहरादून लाया था कि, उसका सिलेक्शन एयरफोर्स में हुआ है। उसी की ज्वाइनिंग के लिए वे तीनों 27 दिसंबर को इलाहाबाद से ट्रेन से निकलकर अगले दिन देहरादून पहुंचे थे। -हालांकि आलोक ने यहां भी अपने पिता से झूठ बोला। उसने बताया कि वो ज्वाइनिंग करके आ गया है। इसके बाद वो तीनों देहरादून घूमने के लिए रुक गए।
-हालांकि महेंद्र ने यह भी खुलासा किया कि आलोक मानसिक बीमार हो गया था। मां की कैंसर से मौत के बाद वो डिप्रेशन में चला गया था।
-महेंद्र के अनुसार, आलोक ने 20-21 दिसंबर की रात करीब 2.30 बजे उनके ऊपर भी हमला किया था।
-पुलिस के अनुसार, आलोक ने ही अनामिका का मर्डर करके खुद सुसाइड कर ली।
-घटना के बाद जब पुलिस ने एयरफोर्स में पता किया, तो मालूम हुआ कि आलोक नाम के किसी युवक की एयरफोर्स में ज्वाइनिंग नहीं हुई है।
-आलोक के फोन की कॉल डिटेल से यह भी पता चला कि उसने अपने परिचितों को खुद के ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग(ROW)’ में सिलेक्ट होने की बात कहकर ट्रेनिंग के लिए इजरायल जाना भी बताया था।
-आलोक ने अपने एक रिश्तेदार रोहित से भी होटल का बिल चुकाने 1.50 लाख रुपए उधार मांगे थे। यह कॉल उसने सुबह 11.32 बजे किया था। उस वक्त वह होटल अजंता में एंट्री कर चुका था।
-आलोक के पिता महेंद्र दूसरी होटल मधुवन में ठहरे थे। होटल की CCTV फुटेज देखने पर पता चला कि वे 21 दिसंबर(घटना वाले दिन) को होटल से बाहर नहीं आए थे।
-वहीं अजंता होटल की CCTV फुटेज से भी पता चला कि आलोक और उसकी बहन अनामिका से मिलने भी कोई नहीं आया था।
आधार कार्ड से हुई थी पहचान
छानबीन में देहरादून पुलिस को कमरे से दो आधार कार्ड मिले थे। मृतक आलोक और अनामिका के आधार कार्ड पर पिता का नाम महेंद्र गौतम, जबकि मां का नाम सुमन गौतम लिखा है। पता ग्राम व पोस्ट माझी, मझगवां जिला सतना लिखा है। देहरादून SSP स्वीटी अग्रवाल के अनुसार, आलोक ने मानसिक बीमारी के चलते अपनी बहन का मर्डर करके खुद सुसाइड कर लिया।
तीन महीने पहले कैंसर से हो गई थी मां की मौत
आलोक-अनामिका के पिता महेंद्र मझगवां(सतना) के कृष्णादेवी आदिवासी वनवासी विद्यालय में कार्यरत रहे हैं। आलोक की मां सुमन भी वनवासी विद्यालय में वार्डन थीं। उनकी तीन महीने पहले कैंसर के चलते मौत हो गई है। हालांकि पुलिस ने पहले महेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में असलियत कुछ और सामने आई। महेंद्र के अनुसार, मां की मौत से आलोक डिप्रेशन में आ गया था।
पुलिस की किरकिरी..
इस घटना ने पुलिस की किरकिरी भी कराई। पुलिस ने बुधवार रात 8.27 बजे इस घटना को डबल मर्डर घोषित कर दिया था। लेकिन, करीब 11 बजे पुलिस अपने दावे से पलट गई। देहरादून की नई SSP स्वीटी अग्रवाल के लिए यह अग्नि परीक्षा साबित हुई, जिसमें वे सफल नहीं हो पाईं।

 

 

 

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