This IAS was preparing for suicide for one month, writes details in suicide note

suicideLUCKNOW: An IAS officer of Uttar Pradesh committed suicide on Thursday evening at his residence. The 1987 batch UP cadre officer Sanjeev Dubey was at his Gautampalli house. Dubey was suffering from osteoporoses. In the suicide note, he has revealed that he was making preparations for the extreme step for last one month.

The officer hung himself to death from a ceiling fan. A suicide note was recovered from the house. As the matter was reported, senior officials started gathering at the house.

Dubey was posted as principal secretary at the Home Guard department. Police were making arrangements to take the body to KGMU’s mortuary in order to get an autopsy conducted. “We are in talks with the family and will decide when to conduct postmortem,” said additional superintendent of Lucknow (east) Shivram Yadav.

1 महीने से ये IAS कर रहा था मौत की तैयारी, सुसाइड नोट में लिखा डिटेल

ऑस्टियोपोरिसिस नामक बीमारी से पीड़ित थे आईएएस संजीव दुबे।

लखनऊ. यूपी सरकार के आईएएस अफसर और होमगार्ड के प्रमुख सचिव संजीव दुबे ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूबे 1987 बैच के आईएएस थे। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। उनके कमरे से एक डायरी भी मिली है, जिसमें लिखा है कि वो काफी समय से सुसाइड के तरीके पर रिसर्च कर रहे थे। आगे पढ़िए क्‍यों किया सुसाइड और क्‍या लिखा है डायरी में…

-एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि सुसाइड नोट में आईएएस संजीव दूबे ने अपनी बीमारियों का जिक्र किया है। वह फाइप्रोमाइलेजिया और ऑस्टियोपोरिसिस से पीड़ित थे।

-अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में यह भी लिखा है, वह जानते हैं कि इन बीमारियों से कुछ सालों में वह विकलांग हो सकते हैं। इसलिए विकलांग होने से बेहतर है कि मौत को चुन लें।

-वहीं, डीजीआई प्रवीण कुमार ने बताया कि संजीव दुबे ने काफी पहले ही सुसाइड का प्लान बना लिया था।

-करीब एक महीने पहले उन्होंने जहां सुसाइड करना था, वहां लोहे का एक एंगल लगवाया था।

-डायरी में वह अलग-अलग रस्सी के साइज और उससे फांसी लगाने से होने वाली मौत के रिसर्च को लिख रहे थे।

-इतना ही नहीं, उन्‍होंने आत्महत्या में इस्‍तेमाल होने वाली रस्सी का साइज भी लिखा है।

-नाइलोन की रस्सी और नारियल की रस्सी से फांसी लगाने पर किस तरह की स्थित होती है वह भी उन्होंने लिखा है।

बुधवार को नौकर ने आखिरी बार देखा

-पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उनका नौकर जय ने बताया कि बुधवार की रात तकरीबन 10 बजे संजीव दूबे खाना खाकर कमरे में चले गए थे।

-वहीं, उनका पीए ने बताया कि उन्‍होंने बुधवार और गुरुवार के लिए ऑफिशियल छुट्टी भी ली थी।

-सुबह होने पर भी वह कमरे से नहीं निकले, घंटों इंतजार करने के बाद शाम तकरीबन 4 बजे नौकर जय ने उनकी पत्नी को सूचना दी। फिर उसने पीए और डॉक्टर को सूचित किया।

-जानकारी होते ही मौके पर पीए और डॉक्टर धीरज तिवारी घर पहुंचे।

-फिर कम्प्यूटर का कारोबार करने वाले उनके भाई को सूचना देने के बाद उन्‍होंने पुलिस को जानकारी दी।

परिवार में हैं आईएफएस पत्नी और एक 12 साल की बेटी

-मृतक संजीव की पत्नी ममता दुबे भी आईएफएस हैं, जबकि उनकी 12 वर्षीय बेटी सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में कक्षा नौंवी की स्‍टूडेंट है।

-शनिवार को मां-बेटी दिल्ली गए थे। गुरुवार की शाम जब नौकर जय ने ममता को फोन कर सूचना दी, तब वह दिल्ली में ही थीं।

-बताते चलें कि संजीव दुबे ने राजधानी स्थित 14 कालीदास मार्ग पर अपने सरकारी आवास 14 गौतमपल्ली में सुसाइड किया है।

-उनका शव कमरे में नाइलान की रस्सी के सहारे लटकता मिला। गुरुवार देर शाम को उनके पीए से मिली सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उनकी लाश बरामद की गई।

-एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार, उनकी डेडबॉडी कमरे में बने लोहे के रॉड से बंधी नाइलान की रस्सी के सहारे लटक रही थी।

-पुलिस ने एफएसएल टीम को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्‍या है ऑस्टियोपोरिसिस बीमारी के लक्षण

-डॉक्‍टरों के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी शांत प्रकृति की बीमारी है जिसके लक्षण सामान्यत: जल्दी से दिखाई नहीं देते हैं।

-मरीज की ‘बोन मांस’ और ‘बोन टिश्यू’ (जो हड्डियों की ताकत होती है) का निरंतर ह्रास होता है। इस बीमारी में हड्डियों के फ्रैक्‍चर होने की संभावना अधिक होती है।

-इससे व्‍यक्‍ति असहनीय दर्द और लंगड़ेपन का शिकार हो जाता है। उम्र के अनुसार, हड्डियां काफी कमजोर हो जाती है।

 

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