Ram Singh’s wife gives birth to 16 girls in quest of son, now apply for family planning

childrenDahod: (Gujarat): After birth of 17th child, Ram Singh and his wife have got ready to undergo family planning operation on villagers’ advice. The tribal couple wanted two male children, but their attempt failed and ended up with 16 girl children and a son, 14 of which are alive. Ram Singh has two bigha land while wife works as labourer to feed themselves and the fleet of children. Their lone son was born in year 2013.

दाहोद.गुजरात में बेटों की चाह रखने वाले कपल ने 16 बेटियां समेत 17 बच्चे पैदा कर दिए। बताया जा रहा है कि अब गांववालों के समझाने पर पति-पत्नी नसबंदी के लिए राजी हुए। आदिवासी कम्युनिटी से आने वाले राम सिंह ने कुछ दिन पहले पत्नी का ऑपरेशन कराया है। सरपंच ने क्या कहा...

– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झरिबुड़ी गांव का राम सिंह 14 जीवित बेटियों की जिम्मेदारी संभालने के लिए दो बेटे चाहता था। वह दो बीघा जमीन पर मक्के और गेंहू की खेती कर पत्नी कानू संगोट और बच्चों का पेट पालता है। जबकि एक्सट्रा इनकम के लिए पत्नी मजदूरी करती है।

– सरकार के नारे (हम दो हमारे दो) को दरकिनार कर राम सिंह ने ‘हम दो हमारे 17 कर दिए’। करीब दो साल पहले जब 16वीं बार कानू प्रेग्नेंट हुई तो उसे एक और लड़के की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

– सरपंच वियरल बेन ने बताया, ”गांववालों ने रामसिंह और कानू को समझाया कि वह अपनी फैमिली पर अब रोक लगाएं। क्योंकि महंगाई के जमाने में इतने बच्चों को पालना बहुत मुश्किल है। कैसे उनकी पढ़ाई और शादियां होंगी?”

17 बच्चों की डिलिवरी डेट पता नहीं

– राम सिंह ने एक अंग्रेजी अखबार से फोन पर कहा, ”उसे 17 बच्चों की डिलिवरी डेट का पता नहीं है। कई का नामकरण तो अभी तक नहीं किया गया है।”

– ”इकलौते बेटे विजय का जन्म 2013 में हुआ था। 16 में से 2 बेटियों की मौत हो गई, जबकि दो की शादी हो चुकी है। दो बेटियां राजकोट में काम करती हैं।”

– पत्नी ने कहा, ”पति के लिए खास था कि दो बेटे हों। हमारे समाज में बहनों के प्रति भाइयों को कई जिम्‍मेदारियां निभानी पड़ती हैं। मेरा इकलौता बेटा इस बोझ को उठाने के लायक नहीं है।”

 

 

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