Due to note ban, distressed farmers distribute one lakh kg vegetables free

vegetablesRaipur: Farmers from various districts joined hands to help people who are at the receiving end of demonetisation. By providing free vegetables to the people standing in long queues outside ATMs in city, these farmers have appeared as good samaritans. But actually, the distressed farmers distribute one lakh kg vegetables free since there were not getting even cost of their production.

Although they have the same output as earlier, demand has fallen sharply after currency notes of Rs 500 and Rs 1000 were demonetised by the Central government. The piled up vegetables in fields have left them with two options — either to sell them below market price or dispose of the vegetables.

“First we thought of giving the vegetables to cattle but after some discussion with our fellow farmers we decided to distribute the vegetable among the needy. As people lined up in long queues outside ATMs and banks are running out cash repeatedly leaving no time for people for buying vegetables from market, we have decided to give vegetables for free,” said Babulal, a farmer from Chomu.

Bhanwar Singh Pilibanga, an organic farmer from said, “I have 15 bighas land in which I produce 1.5 to 2 quintals of Zucchini (Turai) and bottle gourd every week as prices of organic products are higher and market consumption has fallen sharply, we got very low bid for our product. We used to sell vegetables door to door with our vehicles, but after government’s decision to scrap Rs 500 and Rs 1000 currency notes and shortage of Rs 100 currency notes, our sell have dipped. So, we have decided to give vegetable to the needy and help our Prime Minister Narendra Modi in building a strong economic nation”.

People queued up outside State Bank of Indis branch were very happy to get free vegetables and appreciated the initiative taken by these farmers. “My wife would be very happy to know that I brought fresh vegetables along with the money from bank,” said Manoj Saini. The group of more than 25 farmers claimed that they have distributed more than five quintals of vegetables in 11 centres in Vaishali Nagar area on the first day.

सब्जी की लागत भी नहीं मिली तो किसानों ने मुफ्त में ही बांट दी

रायपुर। बेहतर कीमत नहीं मिलने से नाराज किसानों ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लोगों को मुफ्त सब्जी बांट दिया। राज्य सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए जरूरी उपाय करने का आश्वासन दिया है। रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरनास्थल में आज छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ ने बेहतर कीमत नहीं मिलने के कारण एक लाख किलोग्राम सब्जी लोगों को मुफ्त बांट दिया। मुफ्त सब्जी मिलने की खबर के बाद धरनास्थल में लोगों की भीड़ लग गई थी। किसान संघ के मुताबिक लगभग 20 हजार लोगों ने मुफ्त सब्जी ली।

छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के अध्यक्ष हितेश वरू ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सब्जियों की भारी पैदावार के कारण कीमत में कमी आई है। राज्य में टमाटर, शिमला मिर्च, केला, मिर्च और बंदगोभी समेत अनेक सब्जियों के दाम गिर गए हैं। ऐसे में सब्जी उत्पादक किसानों को फसल की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है। वरू से जब पूछा गया कि क्या नोटबंदी के कारण ऐसा हुआ है तब उन्होंने कहा कि इस मौसम में प्रति वर्ष सब्जियों की भारी पैदावार होती है। लेकिन इस वर्ष किसानों को ज्यादा परेशानी हो रही है। इस बार के मौसम में किसान लागत के भी पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति को देखते हुए उनके संघ ने राज्य सरकार से इस वर्ष जुलाई महीने तक बिजली माफ करने, किसानों ने जिस किसी भी बैंक से कर्ज लिया है उसका ब्याज माफ करने और राज्य में कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ाने तथा फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जाने की मांग की है। किसान नेता ने कहा कि किसानों ने मांग की है कि सरकार ऐसे क्षेत्र में शक्कर के कारखाने लगाए जिससे किसान गन्ना उत्पादन की ओर बढ़ सकें।

इधर, राज्य के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सब्जी उत्पादक किसानों की यह स्थिति इस बार इसलिए बनी क्योंकि बाहर के व्यापारी सब्जी लेने छत्तीसगढ़ नहीं पहुंचे। हालांकि नोटबंदी का भी आंशिक असर रहा। अग्रवाल ने कहा कि किसानों की परेशानी दूर करने के लिए राज्य सरकार अलग अलग स्थानों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करने और राजधानी रायपुर में विशेष प्रकार के कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करने का फैसला किया है। इसके अलावा किसानों को सौर उर्जा आधारित कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

 

 

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