There was a time when Om Puri used to pick coal from railway track to eke income for family

om-puriVeteran actor Om Puri who passed away on January 6, 2017 had said in one of his recent interviews that even though Om had several popular and incredible projects to his credit, he knew that he wasn’t a ‘commercial star’, which is the key reason to why he had never bagged Rs 1 crore project till now.  He never got Rs one crore for a film, buy get Rs 40-50 lakh only, or Rs 15-25 lakh,” he added. However, this was much much better than his childhood when Om Puri used to pick coal from railway track to eke income for family and then adulthood when he used to do low-paid menial jobs.

Puri, who made his film debut in the 1976 Marathi film Ghashiram Kotwal, claimed that he was paid “peanuts” and not big paychecks for his best work. So even though his art films ‘Bhavni Bhavai’ (1980), ‘Sadgati’ (1981), ‘Ardh Satya’ (1982), ‘Mirch Masala’ (1986) and ‘Dharavi’ (1992) won him huge plaudits, it didn’t make him a big buck star.

What’s more shocking is that despite appearing in highly acclaimed projects like Gandhi (1982, directed by Richard Attenborough), and garnering global recognition in films like ‘My Son the Fanatic’, ‘East Is East’ and ‘The Parole Officer’, ‘City of Joy’, ‘The Ghost and the Darkness’, he doesn’t make the kind of money we had expected. And many big names in the showbiz industry, despite churning out run-of-the-mill, illogical films have been successful in setting the cash registers ringing at the box office.

मुंबई। ओम पुरी का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 66 साल के थे। हालांकि, अभी साफ नहीं है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है या सिर पर चोट लगने से। बताया जा रहा है कि देर रात जब वे पानी पीने उठते थे, तभी गिर गए थे। जिससे उन्हें सिर पर चोट लगी। उनकी बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है। बता दें कि उन्होंने 100 से ज्यादा हिंदी और 20 हॉलीवुड मूवी में काम किया था। शुरुआत में कीं छोटी-मोटी नौकरियां…

– ओम पुरी ने बचपन से काफी स्ट्रगल किया।

– जब वे पांच साल के थे तो रेल की पटरियों से कोयला बीनकर लाया करते थे।

– जब वे 7 साल के थे, तो एक दुकान पर गिलास धोने का काम करने लगे।

– सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर वे कॉलेज पहुंचे। हालांकि इस दौरान वे कई छोटी-मोटी नौकरियां करते रहे।

– एनएसडी के बाद एफटीआईआई से एक्टिंग का कोर्स करने के बाद ओम ने मुंबई का रुख किया और धीरे-धीरे फिल्मों में अपनी जगह बनाई।

– आर्ट फिल्मों से टेलीविजन, कमर्शियल सिनेमा और हॉलीवुड की फिल्मों तक का सफर तय करके उन्होंने जबरदस्त कामयाबी पाई।

कौन थे ओम पुरी?

– ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर, 1950 को अंबाला में एक पंजाबी परिवार में हुआ था।

– हिंदी फिल्मों के अलावा पाकिस्तान और हॉलीवुड की फिल्मों में काम किया।

– पुरी ने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से ग्रेजुएशन किया।

– उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से भी पढ़ाई की। यहां नसीरुद्दीन शाह उनके क्लासमेट थे।

– उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के पटियाला से पूरी की। 1976 में पुणे के FTII से ट्रेनिंग ली थी।

– बाद में ओमपुरी ने अपने निजी थिएटर ग्रुप “मजमा” को बनाया था।

 

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