This is the girl who was used to frame and blackmail people in high profile sex scandal

blackmailThe police has at last nabbed the girl who was used to frame and blackmail people. She is an NRI who was used as a bait to blackmail 7 people and extort crores of rupees from them. Hong Kong based Ranveet Kaur later married a man of Kota and settled there.

Earlier, the SOG arrested a gang who used girls to become friends and then blackmail wealthy persons. They have extorted crores of rupees through such blackmailing. However, kingpin of the gang is absconding.

Investigations have revealed that the gang has extorted over Rs. 15 crore from their victims by threatening them to implicate in rape cases. The gang had been active in Jaipur, Alwar, Byawar, Kota, Udaipur and Bikaner.

Accused Akshat Sharma is resident of Sirsi Road and Vijay alias Sonu hails from Tonk Gate. Kingpin Nitesh Bandhu Sharma and blackmailer girls are absconcing.

A crack team of the Rajasthan police busted on Saturday an extortion racket in which dozens of men were blackmailed with false rape allegations and made to cough up lakhs.

accusedPolice’s Special Operations Group (SOG) said the gang, run by a group of individuals including two Jaipur-based lawyers who used trafficked women to honey-trap the targets, extorted around Rs 12-15 crore from at least 25 people.

SOG inspector general MN Dinesh said two people were arrested and identified them as Akshat Sharma and Vijay aka Sonu Sharma.

Police said Anand Shandilya and friends used to get girls from Rajasthan, Himachal Pradesh and Uttarakhand.

The girls would lure the men into making sexual relations with them.

After this, the gang would threaten them of lodging rape case unless they pay a hefty sum.

The extortion amount, in many cases, would go up to Rs 1 to Rs 2 crore. If anyone refused to pay up, fake case of rape was lodged against them.

In case the money was paid during the trial, the girls would turn hostile.

One of the high-profile targets of the gang was a doctor running a hair clinic in Jaipur.

Naveen Devani, a lawyer, was the kingpin of the operation that he ran with Anand Shandilya (45) and Nitesh Bandhu Sharma.

Devani and Shandilya primarily identified targets, mostly men of repute in local circles, while Akshat, Vijay and several other suspects allegedly trafficked girls from Jaipur, Ajmer and parts of Himachal Pradesh and Uttarakhand.

The SOG team chanced upon the racket while investigating Shandilya in a separate case.

The modus operandi of the gang was first to trap their ‘targets’ and collect evidence with which they could incriminate their targets.

The male members of the gang would approach the ‘victims’ posing as mediapersons with the purported “evidence” — including video clippings — and demand hefty hush money, “which in some cases went up to even Rs 1-2 crore”, the IG said. If any person refused to pay money, a fake case of rape was lodged.

During the trial the girl turned hostile in court if the money was paid.

Police initiated investigation against the gang based on a complaint lodged by one of the victims Dr Sunit Soni, who runs a hair transplant clinic in Jaipur.

He spent 75 days in jail after the gang lodged the fake rape case against him when he refused to pay them Rs 1 crore. The doctor’s family eventually paid the money, and the girls turned hostile in the court.

Police say the gang has so far committed more than 25 such cons in Jaipur, Udaipur, Alwar, Bikaner, Ajmer and have collected Rs 12-15 crore from these incidents through blackmailing. The gang mostly invested the money from the racket in real estate and surged on a lavish lifestyle, the police officer said.

All other accused are absconding and a massive manhunt is on to nab them, Dinesh added. To make a strong case against the gang, the IG appealed to all the victims of the gang to come forward and contact the SOG.

“Their identity will be kept confidential,” the police officer assured.

ये NRI लड़की यूं करती थी हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल, 7 को फंसा कर क्या नहीं किया उनके

जयपुर।हाई प्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने वाली कोई और नहीं एनआरआई लड़की निकली। एक साल में सात लोगों को ब्लैकमेल कर लड़की और गैंग ने मिलकर करीब चार करोड़ रुपए वसूल लिए। वसूली के बाद लड़की ने कोटा के युवक से शादी कर ली और एक नामी कोचिंग सेंटर में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने लगी थी। आखिर बुधवार शाम यह लड़की एसओजी के हत्थे चढ़ गई। यूं रचा लड़की ने ब्लैकमेलिंग का खेल…

– एसओजी ने युवती को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जहां दो दिन के रिमांड पर सौंप दिया।

– एसओजी में एडिशनल एसपी करण शर्मा ने बताया कि हॉगकांग निवासी रवनीत कौर 27 को गिरफ्तार किया गया हैं।

– मूलरूप से उसके पिता पंजाब में फरीदकोट के रहने वाले हैं।

– व्यवसाय के चलते वे हॉगकांग गए थे और वहां पर भारतीय मूल की हॉगकांग की नागरिक महिला से शादी कर ली थी।

– उन्हीं की बेटी रवनीत कौर 2008 में अपनी दादी के पास जालंधर में रहने के लिए आई थी।

– इसके बाद वह हॉगकांग अपने पिता के पास नहीं गई।

यहां आकर बदल गई ये लड़की

– 2012 में उसने एक यूनिवर्सिटी जयपुर में तीन साल के बीबीए कोर्स में एडमिशन लिया।

– उसी यूनिवर्सिटी में एमबीए कर रहे रोहित से उसकी दोस्ती हो गई।

– रवनीत कौर ने दो साल बीबीए का कोर्स करने के बाद ही बीच में छोड़ दिया। इसके साथ ही वह आर्थिक तंगी के कारण नौकरी की तलाश करने लगी।

– इस बीच जयपुर में रहते हुए उसकी प्रोपर्टी का काम कर रहे अक्षत शर्मा उर्फ सागर पुरी से जान-पहचान हो गई थी।

– अक्षत ने उसे अपने ही ऑफिस में नौकरी दे दी।

– इसके बाद 2013 में रवनीत कोटा में रहने चली गई।

– कोटा जाने के बाद भी रवनीत की अक्षत से फोन पर बातचीत होती रही।

– गैंग बनाने के बाद अक्षत ने रवनीत कौर को जयपुर बुलाया और हाईप्रोफाइल लोगों को फंसाकर मोटी कमाई करने की योजना बनाई।

– रवनीत काैर कोटा छोड़कर जयपुर आ गई और सिरसी रोड स्थित अक्षत शर्मा के बगल के फ्लैट में रहने लगी थी।

– एक साल तक एडवोकेट नीतेश बंधु, नवीन देवानी, अक्षत शर्मा, विजय और आनंद शांडिल्य के साथ गैंग में शामिल होकर हाई प्रोफाइल लोगों को फंसाकर रुपए एंठने लगी थी।

सात लोगों को फंसाया, लेकिन 10 लाख रुपए मिले

– युवती ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि गैंग ने सात लोगों को फंसाकर करीब चार करोड़ रुपए की ऐंठे।

– उसे सातों केस में केवल 10 लाख रुपए ही दिए थे बाकी रुपए गैंग के लोगों ने बांट लिए।

– गैंग के लोगों से रुपए मांगने पर उसे धमकाया। इस पर उसने एक साल बाद गैंग को छोड़ दिया।

– इसके बाद वह वापस कोटा चली गई और रोहित से शादी कर ली।

– शादी के बाद कोचिंग सेंटर में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने लगी।

– एडिशनल एसपी करण शर्मा ने बताया कि युवती के द्वारा बताई हुई बात की तस्दीक की जाएगी।

– इसके बाद ही पता चलेगा कि किसने कितनी रकम ली हैं।

– इसके लिए गिरफ्तार हो चुके आरोपियों को आमने सामने बैठाया जाएगा।

EARLIER STORY

जयपुर।नामचीन लोगों को ढूंढ़कर उनसे युवतियों की दोस्ती कराने के बाद उनको दुष्कर्म के केस में फंसाकर करोड़ों रुपए वसूलने वाले दो आरोपियों को एसओजी ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का सरगना व अन्य आरोपी अभी फरार हैं। आरोपियों के तार आनंदपाल गैंग से भी जुड़े हैं। जानिए कई शहरों में फांसा लोगों को ….

– एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पिछले ढ़ाई साल में 25 लोगों से 15 करोड़ रुपए दुष्कर्म के केस में फंसाने के बाद राजीनामा करने की एवज में वसूल किए।

– आरोपी अक्षत शर्मा सिरसी रोड और विजय उर्फ सोनू टोंक फाटक का रहने वाला है। एसओजी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

– एसओजी गिरोह के अन्य आरोपी एडवोकेट नवीन देवानी व नीतेशबंधु शर्मा और युवतियों की तलाश कर रही है। नवीन गिरोह का सरगना है।

– आरोपियों ने जयपुर, अलवर, ब्यावर, कोटा, उदयपुर व बीकानेर में लोगों को फंसाकर पैसे हड़पने की वारदातें कबूली हैं।

– आरोपी पहले प्रतिष्ठित लोगों को ढूंढते थे और उनके पास युवतियों को दोस्ती करने के लिए भेज देते थे।

दोस्ती के बाद फंसाने के लिए ठोस सबूत तलाशते थे

– दोस्ती होने के बाद आरोपी व युवतियां संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म केस दर्ज कराने के लिए ठोस सबूत जमा कर लेते थे।

– इसके बाद संबंधित व्यक्ति को आरोपी ब्लेकमेल कर करोड़ों रुपए की डिमांड करते थे। आरोपियों के तार आनंदपाल गैंग से भी जुड़े हैं।
– एसओजी के आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि इस संबंध में गिरोह से पीड़ित वैशालीनगर निवासी डा. सुनीत सोनी ने एसओजी में शिकायत की थी।

– आरोपी अक्षत व विजय ने शिप्रापथ, जालूपुरा, करधनी इलाके में ब्लेकमेल करने की वारदातें कबूली हैं। आरोपी अक्षत मूलतया भीलवाड़ा का रहने वाला है।

– अक्षत व विजय गिरोह के लिए मीडियाकर्मी बनकर वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी अक्षत व विजय को कमिश्नरेट की पुलिस पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है।

क्राइम चेनल किया शुरू

– पूछताछ में दाेनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले क्राइम चेनल व इंडिया-24 शुरू किया था, लेकिन वह फ्लॉप हो गए। मामले की जांच एडिशनल एसपी करन शर्मा व ललित शर्मा के सुपरविजन में की गई है।

– पीड़ित सुनीत ने पहले वैशालीनगर थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन पुलिस ने परिवाद लेकर ही खानापूर्ति कर दी।
– 75 दिन तक जेल में रहने के बाद आरोपियों को 1.05 करोड़ रुपए देकर राजीनामा किया।
पड़ताल में सामने आया कि डा. सुनीत सोनी का वैशालीनगर इलाके में हेयर ट्रांसप्लांट का क्लिनिक है। कुछ माह पहले एक युवती सुनीत के क्लिनिक पर हेयर ट्रांसप्लाट के लिए आई थी। – इस दौरान दोनों का संपर्क हुआ था। इसके बाद युवती सुनीत को झांसे में लेकर पुष्कर ले गई और वहां पर एक रिसोर्ट में रूकी।

– वहां से सुनीत युवती को छोड़कर वापस जयपुर आ गया था, लेकिन उस युवती ने सुनीत को वापस तबीयत खराब होने की बात कहकर बुला लिया था। इसके दो दिन बाद आरोपी अक्षत व विजय ने मीडियाकर्मी बनकर युवती से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी और उससे करोड़ रुपए की डिमांड की।

– जब सुनीत ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो युवती ने योजना के अनुसार सुनीत के खिलाफ पुष्कर थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।

– पुष्कर पुलिस ने जांच के बाद सुनीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

– 75 दिन सुनीत जेल में रहे। इस दौरान सुनीत ने गिरोह के अक्षत, विजय व एडवोकेट नवीन व नीतेश, सुनील गुप्ता व प्रेम शर्मा से संपर्क किया।

– आरोपी कोर्ट में युवती के बयान बदलवाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की डिमांड की। बाद में सौदा 1.05 करोड़ रुपए में तय हुआ। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने युवती के बयान बदलवा दिए।

ऐसे फंसाया था सुनीत तो

– एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षत के दांतों में प्रोबल्म थी। डा. सुनीत की पत्नी डेंटल चिकित्सक थी। ऐसे में अक्षत सुनीत की पत्नी के पास उपचार कराने गया था।

– दोनों को पैसे वाला देखकर एक उत्तराखंड की युवती से संपर्क कर योजना बनाई। इसके बाद आरोपियों ने सुनीत के पास हेयर ट्रांसप्लांट के लिए युवती को सुनीत के पास भेजा था।

वारदात के लिए यहां से लेकर आते थे युवतियों को

– एसअोजी के एडिशनल एसपी करन शर्मा ने बताया कि आरोपी वारदात से पहले अजमेर, उत्तराखंड, जयपुर व कोटा इलाके में रहने वाली युवतियों से संपर्क करते थे।

– यह युवतियां पहले से ही अनैतिक कामों में लिप्त रहती हैं। ऐसे में उनके साथ मिलकर आरोपी अक्षत व विजय और एडवोकेट नवीन व नीतेश बंधु योजना बनाते थे। इसके बाद ही आरोपी वारदात को अंजाम देते।

 

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