Needle of suspicion on BJP leader Keshav Mourya in Dr. A.K. Bansal’s murder

keshav mouryaNew Delhi: Ahead of the upcoming assembly polls in Uttar Pradesh, Dr. A.K Bansal, senior doctor and business partner of UP BJP President Keshav Prasad Maurya, was shot dead in Allahabad in his own hospital on Thursday. Dr. A.K Bansal who worked at the Jeevan Jyoti hospital in the Rambagh area here, was killed by two men who broke into the hospital and started firing at the doctor. Now, needle of suspicion is on BJP leader Keshav Mourya in Dr. A.K. Bansal’s murder. Keshav Mourya has long list of cases of murder and other crimes against him.

The two accused then ran away. Keshav Prasad Maurya had mentioned his partnership with Bansal during the presentation of the affidavit of the 2014 Lok Sabha Polls.

Connection between Bansal and Maurya:

Maurya and Bansal were business partners. in Jeevan Jyoti Hospital, Jeevan Jyoti Nursing school and Maharishi University of Information Technology in Lucknow.The two also have had many joint accounts.However, the relations between the two partners remained strained during the last two years.Notably, Keshav Prasad Maurya’s wife, Raj Kumari Devi is also a partner in Jeevan Jyoti hospital and Clinic.According to sources, it was Dr. A.K Bansal who made Keshav Maurya’s criminal record public when he was became the BJP President.

“Dr. Bansal was a good friend of mine, he saved lakhs of lives. I blame SP government for not providing security to him. Incidents like these have happened in the past with him and he had appealed for security which was ignored by the state government that provides shelters to goons and criminals. I am surprised the attackers haven’t been caught yet. His death has pained me. I spoke to the police officials to speed up their hunt and have asked them to scan the CCTV videos but it is unfortunate that they haven’t been able to do much till now, Maurya told ABP News.

Murder details:

The police have formed four teams to probe the murder of the Allahabad doctor.

Angry over the murder, the doctors of Uttar Pradesh have announced to protest the incident with a strike on Friday.

Dr. A.K Bansal who was under treatment for three hours breathed his last on Thursday on the bed of his own hospital.

The incident took place around 7 pm in the Jeevan Jyoti Hopsital.

The police reached the spot as soon as they were informed.

A dog squad team also accompanied the police. Notably, Dr. A.K Bansal was one of the most famous doctors of Allahabad. The identity of the two accused is not yet known.

But earlier as well, Dr. A.K Bansal was attacked with a bomb in relation with a land dispute. It is being suspected that this dispute is the primary reason behind Bansal’s murder.

यूपी में गुंडाराज बताने वाले भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्या का डॉक्टर बंसल मर्डर से कनेक्शन, देखें आपराधिक रिकॉर्ड

इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के नामी डाक्टर और जीवन ज्योति हॉस्पिटल के डायरेक्टर
ए.के.बंसल की सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस जांच में जुटी हुयी है, इस मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। चुनावी माहौल के बीच हुई इस वारदात की पूरी रिपोर्ट चुनाव आयोग ने तलब कर ली है तथा जिलाधिकारी ने आयोग को प्राथमिक रिपोर्ट भी भेज दी है। अब तक की प्रथम द्रष्टया जांच में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वा सांसद केशव प्रसाद मौर्या शक के घेरे में हैं और पुलिस जल्दी ही उनसे इस मामले में पूछतांछ कर सकती है।

बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के बिजनेस पार्टनर थे —-

इसबीच यह बात भी चर्चा में है कि डाक्टर ए.के.बंसल बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के बिजनेस पार्टनर थे तथा पिछले कुछ दिनों से दोनों के रिश्ते आपस में ठीक नहीं थे,उनकी पत्नी राजकुमारी देवी भी डाक्टर बंसल के साथ पार्टनर थीं। इनके रिश्तों में पिछले करीब दो साल से काफी खटास आ गई थी, जांच के दौरान केशव प्रसाद मौर्य से पूछताछ की बात से पुलिस अधिकारियों ने इनकार नहीं किया है।

डाक्टर बंसल और केशव मौर्य के रिश्ते कैसे बिगड़े —-

सूत्रों का दावा है कि रिश्ते बिगड़ने के बाद डाक्टर बंसल और केशव मौर्य एक दूसरे को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे,यह अलग बात है कि दोनों ने अपने रिश्तों में आई तल्खी को कभी सार्वजानिक नहीं किया था. केशव और उनकी पत्नी राजकुमारी देवी डाक्टर बंसल के जीवन ज्योति हॉस्पिटल में पार्टनर थे तथा केशव ने साल 2014 के चुनावी हलफनामे में इसका जिक्र भी किया था.

महर्षि युनिवर्सिटी आफ इन्फर्मेशन टेक्नालाजी को भी डाक्टर बंसल और केशव मौर्य चला रहे थे —-

केशव और डाक्टर बंसल इसके अलावा लखनऊ में महर्षि युनिवर्सिटी आफ इन्फर्मेशन टेक्नालाजी को भी चला रहे थे,दोनों ने एमओयू के ज़रिये अजय प्रकाश श्रीवास्तव से यह युनिवर्सिटी चलाने के लिए ली हुई थी तथा इलाहाबाद में डॉक्टर बंसल और केशव प्रसाद मौर्य के तीन अलग-अलग बैंकों में ज्वाइंट एकाउंट भी है। दोनों के साझा बैंक एकाउंट इलाहाबाद में पंजाब नेशनल बैंक की रामबाग शाखा, बैंक आफ बड़ौदा की कीडगंज शाखा और बैंक आफ इंडिया की जीरो रोड ब्रांच में हैं,हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने साझा तौर पर युनिवर्सिटी चलाने और इन तीनो बैंक एकाउंट का जिक्र अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया था.

बंसल के करीबियों के द्वारा चुनाव आयोग में की गयी शिकायत भी हो सकती है मर्डर की वजह —-

केशव मौर्य के यूपी बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद कथित तौर पर डाक्टर बंसल के कुछ करीबियों ने चुनाव आयोग में शिकायत कर तथ्यों को छिपाने के आधार पर उनका निर्वाचन रद्द किये जाने की मांग की थी,शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि केशव प्रसाद मौर्य HRD मिनिस्ट्री की संसदीय सलाहकार समिति का सदस्य रहते हुए चुपचाप यह युनिवर्सिटी चला रहे थे। आरोप यह है कि केशव के दबाव के चलते ही तमाम गड़बड़ियों की शिकायत होने के बावजूद यूजीसी जांच नहीं कर रही थी, केशव मौर्य और डाक्टर बंसल लखनऊ की जिस महेश युनिवर्सिटी को चला रहे थे, पिछले साल उस युनिवर्सिटी से जुड़े कुछ हाई प्रोफ़ाइल लोगों ने नौकरी देने के नाम पर एक युवती के साथ गैंग रेप भी किया था ।

इस मामले में इलाहाबाद के धूमनगंज थाने में युनिवर्सिटी के चांसलर अजय प्रकाश श्रीवास्तव, मैनेजर अनूप श्रीवास्तव और डिप्टी रजिस्ट्रार विनय सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी,केशव मौर्य और डाक्टर बंसल ने युनिवर्सिटी चलाने के लिए एमओयू दो मार्च साल 2013 में साइन किया था।

एसएसपी के अगुवाई में पुलिस की चार टीमें गठित कर दी गईं है —-

इलाहाबाद पुलिस के अफसरों का भी यही कहना है कि चैंबर में घुसकर डाक्टर बंसल की हत्या की कोई ठोस वजह फिलहाल सामने नहीं आई है,एसएसपी शलभ माथुर की अगुवाई में पुलिस की चार टीमें गठित कर दी गईं हैं, जो हर एंगल पर छानबीन करेंगी। जाहिर है ऐसे में जांच के दायरे में यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव मौर्य व उनकी पत्नी के साथ डाक्टर बंसल की पार्टनरशिप और पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्तों में आई तल्खी भी शामिल होगी.

बंसल के परिवार वालों के बयान का इन्तजार है —-

पुलिस को फिलहाल डाक्टर बंसल के परिवार वालों के बयान का इन्तजार है, डाक्टर का अंतिम संस्कार आज शाम होना है तथा इलाहाबाद पुलिस इसके बाद ही डाक्टर बंसल के परिवार वालों का बयान दर्ज करेगी, हालाँकि बंसल के परिवार वालों ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई है।

बीजेपी के एक पूर्व विधायक के बेहद करीबी माने जाते हैं —-

डाक्टर बंसल ने पिछले साल हुए हमले में जिस बिल्डर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वह बीजेपी के एक पूर्व विधायक के बेहद करीबी माने जाते हैं, बंसल के रिश्तों के तार रसूखदार सियासी लोगों से जुड़े होने की वजह से ही चुनाव आयोग ने इलाहाबाद के इस सनसनीखेज मर्डर केस की रिपोर्ट यहाँ के डीएम से तलब कर ली है, डीएम दफ्तर के सूत्रों के मुताबिक़ डीएम ने एक शुरुआती रिपोर्ट आज चुनाव आयोग को भेज भी दी है.

केशव प्रसाद ने जताया दुख, सपा सरकार पर थोपी जिम्मेदारी —-

इस बीच यूपी बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इस घटना पर दुख जताया है, उन्होंने कहा कि डाक्टर बंसल उनके अच्छे मित्र थे, उन्होंने कहा कि जो भी घटना हुई है उसके लिए राज्य की सपा सरकार जिम्मेदार है, उन्होंने कहा कि वहां एक पुलिस चौकी भी है. मौर्य ने कहा कि इस घटना से उन्हें दुख पहुंचा है।

नाम इस्तेमाल किये बिना रियल स्टेट के कारोबार से भी जुड़े —-

एक आरोप यह भी है कि डाक्टर बंसल और केशव मौर्य अपने नाम का इस्तेमाल किये बिना रियल स्टेट के कारोबार से भी जुड़े थे, प्रापर्टी के विवाद में ही डाक्टर बंसल की गाड़ी पर पिछले साल इलाहाबाद के जार्ज टाउन इलाके में देसी बम से हमला किया गया था, हालांकि उस हमले में डाक्टर बंसल बाल- बाल बच गए थे ।

प्रापर्टी को लेकर ही मौर्य और बंसल में था विवाद और यही हो सकती है हत्या की वजह —-

सूत्रों का दावा है कि इलाहाबाद में करोड़ों की एक प्रापर्टी को लेकर ही केशव मौर्य और डाक्टर बंसल में विवाद हो गया था, सांसद बनने के बाद केशव मौर्य डाक्टर बंसल पर दबाव बनाने लगे थे। यही वजह है कि केशव मौर्य पिछले साल जब यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बने तो डाक्टर बंसल के करीबियों ने ही उनका क्रिमिनल रिकार्ड सार्वजनिक किया था ।

केशव प्रसाद मौर्य का आपराधिक रिकॉर्ड

  • धारा 302/120 B थाना कोखराज़, जनपद कौशांबी
  • धारा 153 A/188 थाना कोखराज़. जनपद कौशांबी
  • धारा 147/148/153/153 A/352/188/323/ 504 /506 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
  • धारा 147/295 A/153 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
  • धारा 420/467/465/171/188 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
  • धारा 147/352/323/504/506/392 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
  • धारा 153 A/353/186/504/147/332 थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशांबी
  • धारा147/332/504/332/353/506/380 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
  • धारा 147/148/332/336/186/427 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
  • धारा 143/353/341 थाना सिविल लाइन, जनपद इलाहाबाद

चुनाव आयोग में दाखिल किये गए हलफनामे का विवरण

मामले जहां संज्ञान लिया

सीरीयल नम्बर। खिलाफ आईपीसी की धारा लागू अन्य विवरण / अन्य अधिनियमों / धारा लागू
1 147, 332, 353, 153 ए, 504 7 C.LAW अधिनियम। मामला संख्या। 77/1996 पुलिस स्टेशन Paschimsharira जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश
2 143, 323, 504, 332, 353, 506, 380, 427, 7 C.LAW अधिनियम। 3/5 सार्वजनिक संपत्ति निवारण PSKarnailganj इलाहाबाद अपराध सं 431/1998 पुलिस स्टेशन Karnalganj इलाहाबाद यूपी
3 147, 148, 427, 323, 504, 506, 342, 448 प्रकरण No.548A / 1997 पुलिस स्टेशन JaurjTown इलाहाबाद यूपी
4 147, 295A, 153 ए मुकदमा संख्या 82/2011 पुलिस स्टेशन Mohbatpur पैसा जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश
5 420, 467, 468, 471, 188 मुकदमा संख्या 83/2008 पुलिस स्टेशन Mohbatpur पैसा जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश
6 147, 148, 153, 153 ए, 352, 188, 323, 504, 506 मुकदमा संख्या 218/2011 थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश
7 302, 120 बी 7 सीएलए एक्ट। मुकदमा संख्या 470/2011 थाना Kokhraj जनपद कौशाम्बी
8 153 ए, 188 मुकदमा संख्या 571/2011 थाना Kokhraj जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश
9   2/3 यूपी गैंगस्टर एक्ट मुकदमा संख्या 621/2011 थाना सैनी जनपद कौशाम्बी उत्तर प्रदेश

मामलों में जहां दोषी करार

सीरीयल नम्बर। खिलाफ आईपीसी की धारा लागू अन्य विवरण / अन्य अधिनियमों / धारा लागू
——— कोई मामलों ——–

IPCs का संक्षिप्त विवरण

धर्म, जाति, जन्म, निवास, भाषा, आदि की जगह है, के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और कर से संबंधित 4 आरोपों सद्भाव के रखरखाव के प्रतिकूल कार्य करता है (भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए-)

रिहायशी घर में चोरी करने के लिए संबंधित 1 शुल्क, आदि (आईपीसी की धारा -380)

इसका धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, आक्रोश धार्मिक भावनाओं या किसी भी वर्ग के लिए इरादा से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-295A)

हत्या से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-302)

दंगे के लिए सजा से संबंधित 4 प्रभार (आईपीसी की धारा-147)

इरादे से जानबूझकर अपमान से संबंधित शांति भंग करने के आरोप भड़काने के लिए 4 (आईपीसी की धारा -504)

3 अवज्ञा से संबंधित आरोपों विधिवत लोक सेवक द्वारा प्रख्यापित आदेश को (आईपीसी की धारा-188)

3 स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित आरोपों (आईपीसी की धारा-323)

3 आपराधिक धमकी से संबंधित आरोपों (आईपीसी की धारा-506)

2 आरोपों स्वेच्छा से अपने कर्तव्य से लोक सेवक रोकते चोट पहुंचाने से संबंधित (आईपीसी की धारा 332)

हमला या आपराधिक बल से संबंधित अपने कर्तव्य के निर्वहन से लोक सेवक रोकते 2 प्रभार (आईपीसी की धारा-353)

पचास रुपए की राशि को नुकसान हो सकता शरारत से संबंधित 2 प्रभार (आईपीसी की धारा-427)

दंगों से संबंधित 2 प्रभार, घातक हथियार से लैस (आईपीसी की धारा-148)

धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-468)

के रूप में वास्तविक फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग करने के लिए संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा 471-)

संबंधित 1 आरोपों बेहूदगी पैदा करने के इरादे से उत्तेजना देने के लिए दंगा-यदि दंगा करने के लिए प्रतिबद्ध है, अगर हो प्रतिबद्ध नहीं (आईपीसी की धारा-153)

कब्र पर उत्तेजना से अन्यथा हमला या आपराधिक बल से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-352)

आपराधिक साजिश की सजा से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा 120 बी-)

सजा से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-143)

गलत तरीके से बंधक से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-342)

घर-अतिचार से संबंधित 1 प्रभार (आईपीसी की धारा-448)

धोखा से संबंधित 1 शुल्क और संपत्ति का बेईमानी से उत्प्रेरण वितरण (आईपीसी की धारा-420)

मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी से संबंधित 1 आरोपों होगा, आदि (आईपीसी की धारा-467)

 

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