How 21 persons drowned as boat broke into two at Patna?

boatPATNA:  Divers have recovered 21 bodies, including that of minors, after a boat ferrying 40 capsized in the Ganga river in Bihar’s Patna. 10 were rescued and the search for missing persons is still on. Of those rescued, six people have been admitted in the Patna Medical College and Hospital.

“So far 21 persons have been reported to be dead in the boat tragedy,” Pratyay Amrit, Principal Secretary of Disaster Management department told news agency Press Trust of India. The vessel, which had taken people for a free ride from the Ganga Ghat, was reportedly overcrowded and capsized at around 6 pm.

In dramatic visuals, rescuers could be seen diving to save the people. Locals are also seen approaching the spot on other boats to help. Bihar Chief Minister Nitish Kumar has asked Patna’s District Magistrate Sanjay Aggarwal to look into the lapses that led to the incident.

Mr Kumar has also ordered Patna district administration to provide compensation to the families of the dead. People had gathered at Patna’s Ganga Diara to witness a three-day kite festival which is held every year on the occasion of Makar Sankranti. Further festivities in the Ganga diara area have been called off.

पटना में नदी किनारे से 30 फीट की दूरी पर टूटी नाव; भीड़ चीखती रही, 20 सेकेंड में डूब गए 21 लोग

पटना.यहां एनआईटी घाट के पास शनिवार शाम एक नाव गंगा नदी में डूब गई। अब तक 21 शव निकाले गए हैं। इनमें कुछ बच्चे भी हैं। कई लोग अब भी लापता हैं। हादसा NIT घाट के पास हुआ। मकर संक्रांति के मौके पर गंगा पार पतंगबाजी हो रही थी। इस वजह से भारी भीड़ थी। नाव पर भी कैपेसिटी से ज्यादा लोग सवार थे। किनारे से करीब 30 फीट की दूरी पर नाव टूट गई। भीड़ चीखती रह गई। लेकिन महज 20 सेकेंड में 21 लोगों की डूबने से मौत हो गई। कई लोग तैरकर बाहर भी आ गए। मौके पर बचाव के इंतजाम न होने से लोगों ने हंगामा किया। क्यों और कैसे हुआ हादसा…

1# कब हुआ हादसा? घाट पर क्यों मौजूद थे लोग?

– हादसा शनिवार शाम करीब 6 बजे हुआ। जब लोग मकर संक्रांति के उत्सव के दिन होने वाले पतंगबाजी उत्सव में हिस्सा लेकर लौट रहे थे।

– दोपहर को ही यहां हालात बिगड़ चुके थे। भीड़ इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि उसे काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

2# नाव पर कितने लोग सवार थे? क्यों हुआ हादसा?

– प्रशासन को जितनी उम्मीद थी, उससे ज्यादा लोग गंगा पार कर सबलपुर दियारा पहुंचे थे। नावें कम थीं।

– पतंगबाजी का इवेंट खत्म होने के बाद लोग तुरंत लौटना चाहते थे। इसी के चलते नाव ओवरलोड हुई।

– सबलपुर दियारा से लौटते वक्त नाव 25 मीटर दूर जाने पर ही डगमगाने लगी। नाव में से धुआं निकलने लगा।

– किनारे पर मौजूद लोग यह चीखते सुनाई दिए कि नाव बीच में से टूट गई है। एक-दो लोगों ने नाव से पानी में छलांग लगा दी।

– नाव में तेजी से पानी भरा और देखते ही देखते वह डूब गई। किनारे से दो लोग तुरंत बाकी लोगों की जान बचाने नदी में कूदे। किनारे से जैकेट्स भी फेंकी गई।

– ये पूरा हादसा हजारों लोगों की भीड़ के सामने 20 सेकेंड में हो गया।

3# हादसे के बाद क्या हुआ?

– कई लोग तैरकर बाहर आए। जो लोग थोड़ा तैरना जानते थे, उन्हें किनारे मौजूद लोग लोगों ने पानी में उतरकर बाहर निकाला। (आगे की स्लाइड में देखें वीडियो)

– हादसे के बाद सामने आए वीडियो में रेस्क्यू ऑपरेशन चलता नजर आया। डूबने वालों को बचाने के लिए उनकी तरफ लाइफ जैकेट्स फेंकी गईं। इसके अलावा कुछ लोग पानी में डूबने वालों को बचाने के लिए कूदे।

– कुछ लोग तैरकर घाट तक आ गए। लेकिन, ज्यादातर लोग पानी में डूब गए।

– सीएम नीतीश कुमार ने घटना की जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर.के. महाजन को घायलों का इलाज कराने का आदेश दिया।

– मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने का एलान किया गया।

– जदयू ने नाव हादसे के बाद मकर संक्रांति पर रविवार को रखा गया दही-चूड़ा का भोज रद्द कर दिया।

– गंगा किनारे रविवार को नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक प्रोग्राम था। उसे भी रद्द कर दिया गया।

4# लोगों ने हंगामा क्यों किया?

– जिन लोगों ने हादसे में अपने परिवार के लोगों को खोया, उनका आरोप है कि हादसे के दो घंटे बाद NDRF और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। वहीं, लोगों ने मौके पर एंबुलेंस मौजूद नहीं होने और बाद में अस्पताल में लोगों को ठीक तरह से इलाज नहीं मिलने पर भी हंगामा किया।

5# चश्मदीदों ने क्या कहा?

– पटना हादसे के एक चश्मदीद विपुल Dainikbhaskar.com को बताया कि मैं अपने चार दोस्तों के साथ गंगा पार से आया था, लौटते वक्त काफी भीड़ हो गई। जिस नाव पर सवार था, उस पर 60 से ज्यादा लोग सवार थे। मैं और मेरा एक दोस्त नाव से उतर आए, लेकिन बाकी दोनों दोस्त उसी नाव पर सवार थे।’

– “नाव नदी में जैसे ही आगे बढ़ी तो डूब गई। कुछ लोग तैरकर घाट पर वापस आ गए। कई डूब गए।’

– एक अन्य चश्मदीद ने बताया, “जो भी बोट्स दियारा से लोगों को ले जा रही थीं, उन पर कैपेसिटी से ज्यादा लोग सवार थे। जो नाव डूबी, उस पर भी क्षमता से ज्यादा लोग थे। किनारे से थोड़ी ही दूर पर जाते ही नाव डगमगाने लगी और डूब गई।’

6# आगे क्या?

– सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल यह पता करेगा कि नदी किनारे मकर संक्रांति के प्रोग्राम के लिए ऑर्गनाइजर्स ने क्या इंतजाम किए थे? नाव पर इतने लोग कैसे सवार हुए? क्या नाव पर लाइफ जैकेट्स थीं? कितने गोताखोर मौके पर थे?

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