BJP leader weeps inconsolably when denied ticket, was preparing for last 5 years, to contest as independent now

bjp leader crying for ticketLucknow: Distribution of tickets for Uttar Pradesh assembly elections has caused rebellion among rank and file of party. Many hopefuls who have been denied tickets have openly revolted and raise anti-Modi and anti-Shah slogans. They have also alleged that tickets have been sold to outsiders for over Rs. one crore per ticket.

Similar incident occurred at Devaria where face-blackened posters of Union Minister Kalraj Mishra were beaten with footware. Here Deepak Mishra alias Shaka, son of former minister Durga Mishra had been aspiring for BJP ticket for last 5 years, but the ticket has been given to someone else. This BJP leader wept nconsolably when denied ticket. He contest as independent now.

BJP से टिकट ना मिलने पर फूट फूट कर रोया नेता, 5 साल से कर रहा था तैयारी निर्दलीय लड़ेगा चुनाव, 1 करोड़ में बिका टिकट

लखनऊ, देवरिया में भाजपा द्वारा टिकट वितरण को लेकर घमासान मचा है। बुधवार को पूरे देवरिया में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के कालिख लगे और जूतों की माला पहने फोटो चस्पा की गयी। पिछले पांच साल से बरहज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तैयारी और प्रचार करने वाले एक नेता उस समाय फूट फूट कर रिने लगे जब उन्हें पता चला कि उनका टिकट काट दिया गया है।

बीजेपी से टिकट की उम्मीद लगाए पूर्व मिनिस्टर के बेटे दीपक मिश्र ने विधानसभा में जी-जान लगाके प्रचार किया था लेकिन जब उम्मीदवार किसी और को घोषित कर दिया गया तो सारी मेहनत पर पानी फिरता देख दीपक सबके सामने फूट-फूट कर रोने लगे। बीजेपी की टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ने का अरमान लिए पूर्व मंत्री दुर्गा मिश्र के बेटे दीपक उर्फ शाका मिश्रा टिकट कटने के बाद इतने आहत हुए कि अपने समर्थकों के सामने फूट-फूट कर रोने लगे।

बता दें कि सलेमपुर विधानसभा से विजयलक्ष्मी गौतम को टिकट काट दिया गया है। वहीं बरहज से भाजपा के सबसे पहले विधायक और मंत्री स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद मिश्र के पुत्र दीपक मिश्र शाका जी का टिकट काट दिया गया है। दीपक की ये हालत देख कर देवरिया में भाजपा कार्यकर्ता भी गुस्से में है।

मीडिया से बातचीत में दीपक ने कहा “ये मेरी राजनीतिक हत्या है, बरहज के सम्मान को एक करोड़ में बेच दिया गया, इसका जवाब जनता देगी।”

वहीं इस दौरान वे अपना संतुलन खो बैठे और फूट-फूट कर रोने लगे कयास लगाए जा रहे हैं कि अब दीपक मिश्र निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। दीपक मिश्र के चुनाव लड़ने से भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी हो जायेगी। यूपी में 300 कमल खिलाने का दावा कर रहे भाजपा नेताओं का एक कमल यहाँ से मुरझा सकता है।

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