Congress worker got burnt alive in car returning after rally from Bhopal

accidentCongress worker 26 years old Rahul Sahu got burnt alive in car returning after rally from Bhopal to Neemuch. The car fell from a bridge and caught fire. While two others managed to come out, Rahul got trapped in the vehicle and burnt alive in front of all.

इस जलती कार में लड़का मांग रहा था मदद, जिंदा ही जलकर हो गया खाक

नीमच/नागदा. भोपाल में हुई पार्टी की रैली से लौटते वक्त कांग्रेस नेताओं की कार नागदा के पास पुल से बेकाबू होकर 60 फीट नीच गिर गई। कार के पुल से नीचे गिरते ही उसमें आग लग गई। उसमें सवार दो लोगों को तो वहां पहुंचे शख्स ने बचा लिया, लेकिन तीसरे सवार 26 साल के राहुल साहू की मौके पर ही सबके सामने दर्दनाक मौत हो गई। जलती कार में वह मदद मांगता रह गया। उसकी चीखों से माहौल थर्रा गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अाखिरकार वह जिंदा ही जलकर हो गया खाक…

– हादसे के चश्मदीद और दो लोगों की जिंदगी बचाने वाले कमल सिंह बेस ने बताया कि मैं ब्रिज के पास स्थित मुक्तिधाम का कर्मचारी हूं। गुरुवार तड़के एक तेज आवाज सुनी।

– बाहर निकला तो पहले तो कुछ नहीं दिखाई दिया। कुत्तों के भोंकने की आवाज पुल के नीचे से आ रही थी। किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ तो ब्रिज के नीचे झांका तो आग जैसा नजारा दिखा।

– पहले तो कुछ नहीं समझा पाया लेकिन हिम्मत कर मौके पर पहुंचा। वहां आग की लपटों से कार घिरी थी। हालांकि, उस वक्त लपटें तेज नहीं थीं। तभी देखा कि पीछे की सीट से कोई निकलने की कोशिश कर रहा है।

– जैसे ही देखा एक पल की देर किए बगैर मैंने उसे हाथ दिया और बाहर भी निकाल लिया। इसके बाद उसी सीट पर दूसरा व्यक्त भी छटपटा रहा था। काफी हिम्मत कर उसे निकाला और उसे भी घसीटकर दूर ले गया।

– वापस जलती कार के पास आया तो देखा ड्राइवर बुरी तरह फंसा था और चारों तरफ से आग से घिरा जल रहा था। उसकी तेज चीखों से मैं थर्रा गया।

– वह बचाने की गुहार भी लगा रहा था। काफी कोशिशों के बावजूद उसे बचा नहीं पाया। वो जिंदा ही जलकर खाक हो गया। काश! कि मैं उसे बचा पाता। यह मलाल जिंदगी भर रहेगा।

मां का रो-रो कर बेहाल थी तो पत्नी बेसुध

– गुरुवार दोपहर 2 बजे नीम चौक स्थित निवास पर राहुल की लाश पहुंची तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

– राहुल की लाश देखकर पत्नी जया बिलख पड़ी। मां उषा बाई लाश को गले लगाकर आंसू बहा रही थी। डेढ़ महीने का बेटा गर्व इन सब से अनजान होकर आने-जाने वाले लोगों का चेहरा देख रहा था।

– महिलाएं दिलासा दे रही थी पर उनके आंसू नहीं थम रहे थे। परिवार में मासूम गर्व के पास मां और दादी बची है। घर की जिम्मेदारी जया पर आ गई है।

– मृतक राहुल दूध डेयरी चलाता था। डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी जया से हुई थी। राहुल की दिलचस्पी पॉलिटिक्स में थी। वह पार्षद का चुनाव लड़ना चाहता था।

– लाश 10 मिनट घर रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए चीताखेड़ा स्थित मुक्तिधाम ले गए। जहां मुखाग्नि मामा के लड़के ने दी।

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