Suspicious death of whistle blower soldier puts Army in a fix

soldierSoldier found dead after accusing senior officers of harassment in TV interview. An army jawan from Kerala was found dead near his camp in Nashik a few days after he accused senior officers of harassment.(Twitter photo (@Ghost_of_army))

An army jawan from Kerala was found dead near his camp in Nashik, barely a few days after he accused senior officers of harassment, his family members said on Friday.

The body of gunner Roy Mathew was recovered on Thursday near his camp in Maharashtra.

Though the army believes it to be a case of suicide, family members of 33-year-old Mathew said they suspect foul play. They have demanded a probe into the circumstances leading to his death.

The alleged suicide comes amid of a spate of allegations of poor working conditions and harassment faced by jawans in the armed forces.

Roy went missing on Monday, a day after calling up his wife at Kollam to say that he had made a “big mistake”, an apparent reference to an interview he had given to a local television channel accusing senior officers of mistreatment at the Nashik camp.

His interview to a Marathi language channel was aired on Monday.

Though the channel had promised to keep his identity a secret, Roy told his wife, his senior officials came to know about it. Roy’s wife, Fini Mathew, said after the call he was incommunicado for last three days.

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“The CO (commanding officer) informed us that a body similar to that of Roy has been found and it was shifted to a hospital for post-mortem. Other than this we haven’t received any other information,” Roy’s brother John Mathew said.

Family members said they had contacted Nashik district administration but were told it was yet to receive any official communication from the army on his death.

According to family members of Mathew Roy he often complained to his wife about the alleged “slavery” prevailing in the unit. Often junior level employees were forced to do domestic work at officer’s residences.

Though the army had made it clear last year that it was planning to stop the “sahayak post” the system continued without any hindrance, he told his wife. He also said though some of the employees were happy do all errands including gardening and rearing dogs of the officers he simply hated to do such menial jobs.

Roy’s wife has petitioned chief minister Pinarayi Vijayan seeking his intervention over the issue.

Roy had travelled to his home on December 3 and returned to Nashik on December 23.

He joined army 13 years ago and was working as a gunner with the 214 Rocket Regiment in Nashik for the past one year.कोर्ट मार्शल से मर जाना अच्छा: जवान ने डायरी में लिखा; फैमिली का बॉडी लेने से इनकार

रॉय केरल के कोल्लम जिले के रहने वाले थे। वे सेना में 13 साल से नौकरी कर रहे थे। -फाइल

नासिक.महाराष्ट्र के देवलाली आर्मी कैंट में हुई गनर रॉय मैथ्यू (33) की मौत को लेकर नया खुलासा हुआ। रॉय की एक डायरी नासिक पुलिस को मिली है। जिसमें उसने मलयाली लैंग्वेज में नोट लिखा है। रॉय ने पत्नी और अपने कर्नल (जिनके साथ ड्यूटी पर अटैच थे) से माफी मांगते हुए लिखा- ”कोर्ट मार्शल से अच्छा तो मर जाना है।” दूसरी ओर, शनिवार को फैमिली ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बॉडी लेने से इनकार कर दिया। उनकी मांग पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। बता दें कि रॉय की बॉडी बैरक के एक कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी। वह पिछले महीने आर्मी में सहायक सिस्टम पर सवाल उठाने वाले एक स्टिंग में नजर आए थे। इसमें कुछ सहायक अफसरों के कुत्ते घुमाते नजर आ रहे थे। फैमिली ने बॉडी लेने से इनकार किया…

– आर्मी अफसर शनिवार सुबह फ्लाइट से रॉय की बॉडी लेकर तिरुवनंतपुरम पहुंचे। वहां मौजूद फैमिली ने पिछली रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए बॉडी लेने से इनकार कर दिया। दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की।

– फैमिली का कहना है कि अभी बहुत से सवाल हैं जिनके जवाब मिलना जरूरी है। बॉडी की पहचान करना भी मुश्किल है। आर्मी अफसरों ने पत्नी फिनी को रॉय का चेहरा भी नहीं देखने दिया। पत्नी का आरोप है कि रॉय के पैरों में पिटाई के निशान मिले हैं, जिसकी वजह से खून जम गया था। उन्होंने कहा, ”मुझे इंसाफ चाहिए। जानना चाहती हूं ये सब कैसे हुआ? मैं उन्हें देखना चाहती हूं।”

– कोल्लम के एसपी एस. सुरेंद्रन ने बताया कि फिनी ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और एसपी ऑफिस में पति की संदिग्ध मौत की जांच के लिए शिकायत दी है। जिस पर पुलिस ने अफसरों के निगरानी में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज में दोबारा पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया।

जर्नलिस्ट से हो सकती है पूछताछ

– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपनी डायरी में रॉय ने मलयाली लैंग्वेज में लिखा- कोर्ट मार्शल से तो मर जाना अच्छा है। उसने फैमिली, पत्नी और कर्नल से माफी मांगी है।

– केस की जांच कर रही नासिक पुलिस ने डायरी कब्जे में ली है। इसे सुसाइड नोट के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस ने आर्मी यूनिट के जवानों से भी घटना की जानकारी ली।

– पुलिस मराठी वेबसाइट के लिए स्टिंग करने वाले जर्नलिस्ट से भी पूछताछ कर सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जवान की बॉडी पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।

– मैथ्यू केरल के कोल्लम जिले के रहने वाले थे। वे सेना में 13 साल से नौकरी कर रहे थे। नासिक में 214 रॉकेट रेजीमेंट में बतौर गनर तैनात थे।

– डॉक्टरों के मुताबिक, 33 साल के मैथ्यू की मौत 3 दिन पहले हो चुकी थी, उनकी बॉडी सड़ चुकी थी।

परिवार का दावा- मीडियाकर्मी ने धोखे में रखकर वीडियोबनाया

– जवान की पत्नी फिनी ने बताया, ”25 फरवरी को मैथ्यू ने उन्हें फोन किया था। वे रो रहे थे। वे कह रहे थे कि न्यूज चैनलों ने मेरी फोटोज दिखा दीं। उन्हें जान का खतरा भी महसूस हो रहा था। मैंने उनसे कहा कि चिंता मत कीजिए, सब ठीक हो जाएगा। इसके बाद मैंने दोबारा उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन फोन स्विच ऑफ था।”

– उन्होंने बताया कि एक मीडियाकर्मी को उन्होंने सहायकों की तकलीफें बताई थीं। एक पत्रकार ने भरोसा दिया था कि वह रिकॉर्डिंग नहीं करेगा। लेकिन बाद में पता चला कि धोखे में रखकर चुपके से इंटरव्यू रिकॉर्ड कर लिया गया। उन्हें डर था कि उनकी नौकरी चली जाएगी। और इसके लिए बड़ी मुश्किल में पड़ जाएंगे।

– मैथ्यू के पिता ने कहा, ”हमारे पास न तो पैसा है, न राजनीतिक पहुंच है। कोई ऐसा नहीं है जो हमारी मदद कर सके। मैं जानना चाहता हूं कि आखिर मेरे बेटे के साथ क्या हुआ?”

आर्मी ने कहा- पछतावा होने पर किया सुसाइड

– आर्मी ने एक बयान में कहा है कि इसकी पूरी आशंका है कि रॉय ने अपने सीनियर्स को नीचा दिखाए जाने या आर्मी की गलत इमेज पेश करने की गलती का एहसास होने पर यह कदम उठाया होगा। जवान 25 फरवरी से अपनी आर्टिलरी से बिना बताए गायब था।

– वीडियो क्लिपिंग में जवानों की आइडेंटिटी नहीं बताई गई थी। इस वजह से मैथ्यू के खिलाफ जांच करने का कोई सवाल ही नहीं था।

क्या था स्टिंग में?

– एक मराठी न्यूज वेबसाइट के स्टिंग में अधिकारियों के बच्चों को स्कूल ले जाते और उनके कुत्तों को टहलाते आर्मी जवानों का वीडियो शूट किया गया था।

– स्टिंग ऑपरेशन आने के बाद मैथ्यू पर आर्मी का इंटरनल इन्वेस्टिगेशन चल रहा था। हालांकि, आर्मी इससे इनकार कर रही है।

– पुलिस के एक सोर्स के मुताबिक, “जांच इस बात की हो रही थी कि एक कर्नल रैंक के ऑफिसर के साथ सहायक के रूप में पोस्टेड मैथ्यू का वीडियो आने के बाद कहीं उसे परेशान तो नहीं किया जा रहा था।”

– बता दें कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद मैथ्यू से कई ऑफिसर्स ने पूछताछ की थी।

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