SDM wife harasses, teases husband on his appeal to stay away from corruption

sdmTarntaran (Punjab): International kabaddi player and captain of Indian team Bachitra Singh Dhillon has complained against his wife Anupreet Kaur who is posted as sub-divisional magistrate.

Anupreet Kaur has been terrorizing Bachitra Singh after his appeal to stay away from corruption. He alleged that even police is siding with Anupreet Kaur and has registered false cases against him. Dhillon made these allegations during a press conference.

लव मैरिज के बाद पता चली SDM पत्नी की ये करतूत, पति का किया ये हाल

तरनतारन। मुझे मेरी बीवी से बचाओ, मैंने उसे भ्रष्टाचार करने से रोका तो अपने एसडीएम पद का दुरुपयोग कर मुझ पर दो केस करवा दिए। इनमें हत्या प्रयास व दहेज प्रताड़ना और दूसरा नशा बेचने का है। यह आरोप जमानत पर बाहर आए अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले बचित्र सिंह ढिल्लों ने प्रेस कान्फ्रेंस में लगाए। पुलिस दे रही एसडीएम का साथ…

– उन्होंने पंजाब सरकार और पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मांग की कि उनके पास पुख्ता सुबूत है जिनसे साफ होता है कि दोनों मुकदमे झूठे दायर किए गए हैं। सिर्फ पुलिस मेरी पत्नी एसडीएम डा. अनुप्रीत कौर का साथ दे रही है, क्योंकि वह ऊंचे पद पर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उसके साथ इंसाफ न हुआ तो वह अपने खिलाड़ी साथियों को साथ लेकर संघर्ष करेंगे।

– कबड्डी खिलाड़ी बचित्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि एसडीएम डा. अनुप्रीत कौर के साथ उसकी 21 नवंबर 2014 को लव मैरिज हुई थी। मैरिज से पहले उसने उससे यह कह कर शादी की थी कि वह करप्शन से खिलाफ है और करप्शन नहीं करने देगा।

– ढिल्लों ने आरोप लगाते कहा कि शादी के कुछ समय बाद ही उसे अनुप्रीत की शिकायतें मिलने लगीं कि वह रिश्वत लेकर लोगों के काम कर रही है। जब उसने रोका तो आगे से वह कहने लगी कि करप्शन जॉब का एक पार्ट है।

– ढिल्लों ने बताया कि उसके जीजा का लीगल जमीनी काम था, जब उसने अनुप्रीत को कहा कि यह रिश्तेदारी का काम है उसे करवा दो लेकिन अनुप्रीत ने यह कह कर टाल दिया कि यह लीगल काम नहीं बल्कि इल्लीगल है। बाद में उसे पता चला कि अनुप्रीत के ही कुछ मुलाजिमों ने उसके जीजा से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेकर काम को करवा दिया है।

– इस बारे में जब उसने अनुप्रीत से पूछा तो दोनों में कहा सुनी हो गई। इसी बात से खफा अनुप्रीत ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए उस पर झूठा पर्चे दर्ज करवा दिए।

इतना ही नहीं मुझे बाद में पता चला कि उसका मैरिज सर्टिफिकेट भी एसडीएम अनुप्रीत कौर ने फर्जी साइन करवाकर बनवाया है। हालांकि मैने सर्टिफिकेट के लिए कोई एप्लीकेशन भी नहीं दी थी।

एसएसपी को मिलने का कह कर उठा ले गया एसएचओ

– कबड्डी खिलाड़ी बचित्र सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाते कहा कि 8 जुलाई 2015 को वह एसडीएम के सरकारी क्वार्टर में मौजूद था। उस समय उसका फोन बंद था। इसी दौरान सुबह उस समय के थाना सिटी प्रभारी सुखबीर सिंह आया और उसे एसएसपी को मिलने की बात कहकर उसे गाड़ी में बैठाकर ले गया।

– रास्ते में कहने लगा कि थाना सिटी से कोई जरूरी कागजात लेकर एसएसपी कार्यालय चलते हैं तभी वह उसके साथ थाने के अंदर चला गया। अंदर पहुंचते ही थाना प्रभारी ने उसे हवालात में बंद कर दिया। बाद में मुझ पर एसडीएम अनुप्रीत कौर को जान से मारने, दहेज प्रताड़ना और दूसरा एनडीपीएस एक्ट केस डाल दिया गया।

– हैरानी की बात तो यह रही है कि पुलिस ने मुझे सुबह उठाया और गिरफ्तारी रात 12 बजे वह भी फोरच्यून गाड़ी में काजीकोट नजदीक हेरोइन के साथ डाल दी। इतना ही नहीं मुझे नशीले पदार्थों का सेवन करने का आदी साबित कर दिया गया।

– यह सब एसडीएम डा. अनुप्रीत कौर के निर्देशों पर किया गया है। ढिल्लों ने कहा कि केस दर्ज करने के ठीक डेढ़ माह पहले वह कबड्डी मैच खेलने के लिए गया था। जिसके लिए उसका नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने डोप टैस्ट किया था।

– जिसमें उसकी रिपोर्ट कोई भी नशा न करने की पाई गई थी। लेकिन डेढ़ महीने बाद ही उसके खिलाफ केस सिर्फ एसडीएम अनुप्रीत कौर के रुतबे का दबाव के कारण हुआ। यही नहीं अनुप्रीत कौर और तरनतारन के सेहत विभाग के डॉक्टरों से मिलकर उसके डोप टैस्ट में उसे नशे का आदी भी साबित करवा दिया।

एसएचओ बोले, कभी चोर ने भी सच बोला है

– इधर उस समय के एसएचओ सुखबीर सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि बचित्र को इस केस में सजा हो चुकी है। जबकि बचित्र द्वारा लगाए जा रहे आरोप कोर्ट में विचार अधीन है। जब उनसे बचित्र को सुबह एसडीएम कोर्ट से उठाने और रात को गिरफ्तारी डालने संबंधी पूछा गया तो आगे से सुखबीर सिंह ने कहा कि कभी किसी चोर ने भी सच बोला है।

बचित्र ढिल्लों के लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं: अनुप्रीत

– आरोप तो हर कोई एक दूसरे पर लगा देता है पर बचित्र को कोर्ट ने आरोपी साबित किया है। रही बात डोप टैस्ट की यह टैस्ट डीआईजी और एसएसपी के सामने किया गया था। बचित्र इससे पहले डोप टेस्ट में नशे का आदी पाया गया था। जिसके कारण उसे कबड्‌डी टीम से बाहर कर दिया गया। अब वह जानबूझ पर मुझ पर आरोप लगा रहा है। बचित्र द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप बे-बुनियाद हैं।

-डाॅ. अनुप्रीत कौर, एसडीएम, अजनाला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *