Why Dhanbad’s deputy mayor Neeraj Singh murdered as assailants rain bullets on car

mayorFormer Deputy Mayor of Dhanbad Neeraj Singh and three others were killed in a shootout in the Jharkhand city on Tuesday evening. The firing took place near the Steel Gate locality, reported ANI. The assailants fled the site after the shooting.

Besides Singh, his bodyguard Laitu, driver Munna and a friend, Ashok Yadav, were also shot dead. Additional Director General of Police RK Mallik told CNN-News18 that the attack took place near Singh’s house.

According to reports, four assailants surrounded Singh’s car and opened fire. The police have yet to identify the shooters and ascertain their motive. They reportedly used AK-47s and fired more than 50 rounds at the vehicle.

A large number of Central Industrial Security Force personnel have been deployed outside Central Hospital, where Singh had been admitted after the firing. He succumbed to his bullet injuries later. Supporters of the former deputy mayor had gathered outside the hospital to protest against the deteriorating law and order situation in Jharkhand.

WHAT HAPPENED

Dhanbad’s former deputy mayor Neeraj Singh along with his friend Ashok Singh was returning home in his SUV.

As soon as his vehicle slowed down due to speed breakers, gunmen opened indiscriminate firing at his SUV. Singh seated in front of the vehicle took 17 bullets. The driver, bodyguard and Ashok Yadav were hit multiple times, ADG RK Malik said.

The four men were rushed to a local hospital but none could survive.

The police recovered at least 50 AK-47 bullet shells from the crime spot.

The police have launched a massive manhunt in Dhanbad and adjoining areas to nab the assailants. The attackers are believed to be outsiders, police said. An SIT has been formed to probe the incident.

Meanwhile, Chief Minister Raghubar Das has directed the DGP to maintain law and order in Dhanbad following the incident and asked him to nab the attackers as soon as possible.

भैया को गोली लगी है, हम नहीं बचेंगे’, मौत से पहले किया था आखिरी फोन

भैया को गोली लगी है, हम नहीं बचेंगे’, मौत से पहले किया था आखिरी फोन+11

धनबाद (झारखंड).शहर के पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह की अपराधियों ने कल रात गोली मारकर हत्या कर दी थी। हम आप को बता दें कि नीरज सिंह के साथ 3 लोगों की और मौत हुई थी, उनमें अशोक यादव भी एक था जो कि नीरज सिंह का असिस्टेंट (सहायक) था। अशोक को 2 गोली लगी थीं लेकिन अशोक यादव ने घायल होते हुए भी रघुकुल में कॉल करके सूचना दे दी थी कि उन सबके साथ ऐसा हादसा हो गया है। कॉल करके इससे बात की थी अशोक ने…

– अशोक के शरीर से खून बह रहा था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए अपने मोबाइल से रघुकुल में फोन किया और कहा भैया को गोली लगी है। जल्दी आइए, हम नहीं बचेंगे।

– इतना कहकरअशोक ने दम तोड़ दिया, नीरज की गाड़ी में अशोक यादव की लाश पड़ी थी, हाथ में मोबाइल था और वह कान में लगा हुआ था।

– अशोक यादव की सूचना पर ही रघुकुल से लोग भाग कर घटना स्थल पहुंचे ,नीरज सिंह को जीवित होने की संभावना को देखते हुए उन्हें सेंट्रल अस्पताल ले गए।

– अशोक यादव की इस बहादुरी और वफादारी की चर्चा बुधवार को पूरे शहर में होती रही, लोगों ने माना कि अशोक ने अंतिम दम तक नीरज सिंह को बचाने की कोशिश की।

2 दिन पहले माता-पिता को भेजा था गांव…

– अशोक ने 2 दिन पहले धनबाद-पटना गंगा-दामोदर एक्सप्रेस से अपने माता-पिता को गांव भेजा था।

– माता-पिता पटना से तारा धमौन, पटौरी समस्तीपुर गांव पहुंचे ही थे कि दूसरे दिन रात में 8 बजते-बजते खबर मिली कि बड़ा बेटा अशोक यादव अब इस दुनिया में नहीं रहा।

– अशोक के माता-पिता ने कहा कि उन्होंने अशोक की मोबाइल पर फोन किया जब फोन कोई नहीं उठा उठाया । बहुत देर बाद अशोक का फोन उसके किसी मित्र ने उठाया।

– उसने अशोक के घायल होने की बात कही फिर कुछ देर बाद टीवी में अशोक की मौत की खबर आ गई।

बेटा-बेटी नहीं देने गए परीक्षा…

अशोक यादव के पिता जेडी यादव ने कहा कि अब बहू समेत दो पोता शिवम व शुभम और एक पोती अन्नु कुमारी की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है।

– शिवम, शुभम व अन्नु राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ाई कर रहे हैं। शुभम बुधवार को दसवीं व अन्नु ग्यारहवीं की परीक्षा देने नहीं गए।

– जेडी यादव के दो बेटे दीपक यादव व राजेश यादव दिल्ली में कंपनी में नौकरी में करते हैं विदु,ान की खबर पाकर धनबाद के सरायढेला पहुंचे हैं।पिता जसपाल ने बताया कि जब शनिवार रात एकम घर आया था तो उसने रोलेक्स की घड़ी पहनी हुई थी। अगले दिन उनको घड़ी मिली तो वह 19 मार्च रात 1 बजकर 44 मिनट पर रुकी हुई थी। उन्होंने कंपनी अधिकारियों से इस घड़ी को दिखाकर पूछा तो पता चला कि दीवार, फर्श या कहीं ओर लगने पर यह बहुत कम टूटती है। जोर से झटका लग जाने पर इसकी सुइयां रुक जाती हैं। पिता ने कहा कि उनको आशंका है कि जब सीरत, विनय व जगतप्रीत उनके बेटे को पीट रहे थे, तो उस समय यह घड़ी कहीं लगी और वहीं पर रुक गई। एकम की आखरी निशानी के रूप में पिता ने इसको अपने पास रखा है।

ये है पूरा मामला

फेज-3बी 1 की कोठी नंबर-116 के बाहर रविवार सुबह 19 मार्च को सूटकेस में एक लाश मिली थी। लाश थी इसी कोठी में 15 दिन पहले किराए पर रहने आए एकम ढिल्लों की। 6 फुट साढ़े 3 इंच के एकम की लाश को दो बाय ढाई फुट के सूटकेस में डालकर उसकी बीवी सीरत ही ठिकाने लगाने जा रही थी। उसने बाहर खड़े ऑटो ड्राइवर की मदद ली। ऑटो ड्राइवर के हाथ में खून लगा तो उसने शोर मचाया। सीरत सूटकेस छोड़कर भाग निकली और ऑटोवाले ने पुलिस बुला ली थी।

earlier report

धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर समेत 4 की हत्या, बदमाशों ने AK 47 से कार पर की फायरिंग

धनबाद.यहां बदमाशों ने मंगलवार शाम पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की कार पर फायरिंग की। हमले में नीरज सिंह के अलावा उनके दोस्त अशोक यादव, बॉडी गार्ड और ड्राइवर की भी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हमले के वक्त डिप्टी मेयर घर लौट रहे थे। घर के कुछ दूर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने एके 47 से उन पर फायरिंग की। सीआईएसएफ की टुकड़ी शहर में तैनात की गई है। नीरज ने कांग्रेस के टिकट पर असेंबली इलेक्शन लड़ा था। मेयर को लगी 17 गोलियां…

– एडीजी आरके मलिक ने बताया कि, घटना सरायढ़ेला थाना इलाके में करीब 7 बजे हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने एके 47 से गोलियां चलाईं। मौके से करीब 50 खोखे मिले हैं। हमलावरों की तलाश में घेराबंदी की गई है।

– नीरज सिंह ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठे थे। जबकि बॉडी गार्ड मुन्ना और अशोक यादव पिछली सीट पर थे। मेयर का घर (रघुकुल) धनबाद में है।

– हमले के बाद नीरज के सपोर्टर्स ने उन्हें सेंट्रल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान नीरज की मौत हो गई, उन्हें 17 गोलियां लगी थीं। बाकी तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

ब्रेकर पर गाड़ी स्लो हुई, तभी हमला

– पुलिस के मुताबिक, नीजर जिस रोड पर जा रहे थे, वहां स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी स्लो। इसी का फायदा उठाकर बदमाशों ने हमला कर दिया।

– पुलिस को शक है कि हमलावर दूसरे शहर से आए थे। चश्मदीदों के मुताबिक, हमले के बाद एक स्कार्पियो को वहां से गुजरते देखा गया। हमले से पहले रेकी भी की गई थी।

– बताया जा रहा है कि धनबाद के झरिया विधायक संजीव सिंह के घर की सिक्युरिटी बढ़ाई गई। संजीव सिंह और नीरज सिंह के बीच टकराव बना रहता था।

हॉस्पिटल में भड़के नीरज के सपोर्टर

– रात 8.30 बजे डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। खबर लगते ही उनके करीब 300 सपोर्टर सेंट्रल अस्पताल पहुंच गए। यहां सिटी एसपी अंशुमान कुमार के साथ धक्का-मुक्की हुई। – सीएम रघुवर दास ने डीजीपी को लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने का ऑर्डर दिया है। पुलिस से हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा गया है।

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