12 years old boy is youngest father in India, identity concealed under POCSO Act

childKochi: A 12-year-old boy from Kochi in Kerala has been confirmed as the youngest father in the country. The mother, who is 16 years old, had given birth to the child in November 2016 at a hospital in Ernakulam and a medical test was recently conducted to find out who the father of the child was.

After the delivery of her child, the girl had named the 12-year-old boy as the father. According to a report in The Hindu, the paternity of the child was confirmed after a DNA test was conducted on both the child and the boy.

Both the boy and the 16-year old girl are relatives and a case under the Protection of Children from Sexual Offences (POSCO) Act was registered on the basis of the statement given by the girl, the police said. The two were later let off on bail.

Meanwhile, the families of the two children and the hospital where the medical tests were conducted are tight-lipped over the issue.

केरल में 12 साल का लड़का पिता बना, देश में सबसे कम उम्र में पैटरनिटी कन्फर्म हुई

प्रोटेक्टशन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत इस मामले में पेरेंट्स की पहचान पब्लिक नहीं की गई है। – सिम्बॉलिक इमेज

कोच्चि.केरल में 12 साल के लड़के के पिता बनने का मामला सामने आया है। घटना पिछले साल की है, लेकिन जेनेटिक प्रोफाइलिंग के जरिए अब ये कन्फर्म हो पाया है कि लड़के ने 16 साल की लड़की से रिश्ते बनाए थे। लड़के पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।क्या है मामला….

– अखबार ‘द हिंदू’ के मुताबिक, लड़की ने पिछले साल नवंबर में एर्नाकुलम के एक हॉस्पिटल में बच्ची को जन्म दिया।

– प्रोटेक्टशन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत इस मामले में पेरेंट्स की पहचान पब्लिक नहीं की गई है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ इसी एक्ट के तहत केस दर्ज जरूर कर लिया गया।

– जेनेटिक प्रोफाइलिंग के जरिए इस बात के सबूत जुटा लिए गए हैं कि आरोपी लड़का ही बच्ची का पिता है। इस टेस्ट के रिजल्ट्स इसी हफ्ते आए हैं।

डॉक्टरों ने क्या कहा?

– तिरुअनंतपुरम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ एन्डोक्रोनोलॉजी के एचओडी डॉ. पीके. जब्बार ने इस मामले पर कहा- “लड़का एक खास मेडिकल कंडीशन की वजह से पिता बना। मेडिकल टर्मिनोलॉजी में इसे ‘प्रिकॉशियस प्यूबर्टी’ यानी वक्त के पहले सेक्शुअली एक्टिव होना माना जाता है।”

– आमतौर पर लड़कियों में प्यूबर्टी 10 से 14 साल, जबकि लड़कों में 12 से 16 साल के बीच होती है। इस दौरान उनमें फिजिकल चेंज आते हैं। कुछ मामलों में ये प्यूबर्टी वक्त से पहले हो जाती है और इसे ही मेडिकल साइंस में ‘प्रिकॉशयस प्यूबर्टी’ कहा जाता है।

12 साल की उम्र का ऐसा पहला मामला

– जब्बार के मुताबिक, मेडिकल साइंस में इसे बहुत हैरानी या अलग मामले के तौर पर नहीं देखा जाता क्योंकि ‘प्रिकॉशयस प्यूबर्टी’ के कई केस सामने आते हैं। हालांकि, वो ये भी मानते हैं कि उनके करियर में 12 साल के लड़के के पिता बनने का यह पहला मामला ही सामने आया है।

– डॉक्टर ने बताया कि जन्म लेने वाली बच्ची और उसके पिता के ब्लड सैम्पल तब लिए गए थे, जब बच्ची 18 दिन की थी। इसके बाद डीएनए टेस्ट किया गया और इसे साफ हो गया कि आरोपी लड़का ही बच्ची का पिता है।

लड़की का रिश्तेदार है आरोपी

– बच्ची का जन्म नवंबर 2016 में हुआ था। जब उसे जन्म देने वाली लड़की से पूछताछ हुई तो उसने एक लड़के का नाम बताया।

– विक्टिम और आरोपी करीबी रिश्तेदार हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि लड़की की फैमिली ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने उसकी परवरिश का जिम्मा चाइल्ड लाइन अथॉरिटी को सौंप दिया।

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