“Main zillat ki zindagi naheen ji sakta”: DSP shoots self dead

suicideDSP Bhagwan Dass shot himself in the head with his service revolver in Police Lines, Panchkula. He was taken to a private hospital in Panchkula. After his condition remained critical for 12 days after the incident, the officer died on Sunday. He had written in his suicide note that he and his brother have been falsely implicated in the case. “Main zillat ki zindagi naheen ji sakta”: the DSP wrote and shot self dead

Two days after three persons of a family were shot dead during Holi celebrations in a village in Hisar district in Haryana, a Haryana police DSP who was booked for murder along with few others allegedly attempted suicide in Panchkula.

DSP Bhagwan Dass who was posted in Hisar was named as one of the accused by the family of the deceased. Swerving into action, Haryana police had immediately transferred him to State police headquarters in Panchkula and started a probe. On Wednesday morning, the officer allegedly shot himself in the head with his service revolver in Police Lines, Panchkula. He was taken to a private hospital in Panchkula, where his condition remains critical.

Nearly 255 km away in Hisar, the family of the three deceased led protests outside the police station refusing to cremate the bodies until the accused are arrested. However, the family agreed to conduct the cremation following an assurance from the police, after SP Rajender Meena visited the family.

When contacted, SP Rajendra Kumar Meena, Hisar said as many as 24 persons have been booked in the case for murder which includes, DSP Bhagwan Das. “The investigation is on. We have rounded up some of the accused named in the FIR and are verifying the allegations, following which any decision on arrest would be taken. The family which had been protesting has agreed to cremate the bodies.”

The incident took place on March 13, when enmity between two neighboring families in Sheikhpura village in Hisar took a violent turn. According to police, there was an altercation between two of the youth from the rival families, after which firing was reported, in which three family members were shot dead and few others were injured.

The deceased included a BSF jawaan, Pardeep, 30 who had returned home for Holi vacation, Mukesh Kumar, 30 and Ram Kumar Kasana, 60. In their complaint to the police, the victim’s family has alleged that the rival group opened fire after DSP Bhagwan Dass who was in the village had allegedly instigated them. Dass’s daughter is an elected Sarpanch from the village and the victim’s family belonged to former Sarpanch, Balbir Pradhan with whom the accused had traded barbs in the past.

मैं जिल्लत भरी जिंदगी नहीं जी सकता’, फिर DSP ने खुद को मार ली गोली

हांसी/हिसार. शेखपुरा गांव में 13 मार्च होली के दिन हुई फायरिंग में 3 लोगों की मौत के मामले में आरोपी डीएसपी भगवान दास की इलाज के 12वें दिन मौत हो गई है। बता दें कि इस केस में नामजदगी के बाद डीएसपी ने पंचकूला में अपनी सर्विस रिवाल्वर से 15 मार्च को गोली मार ली थी। उनका पंचकूला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। सोमवार डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सूचना से ही शेखपुरा गांव में तनाव की स्थिति बन गई है, लेकिन पुलिस ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।डीएसपी ने सुसाइड नोट में लिखा, जिल्लत भरी जिंदगी नहीं जी सकता, फंसाया है…

– मैं जिल्लत भरी जिंदगी नहीं जी सकता, मुझे और मेरे भाई को जानबूझकर मर्डर केस में फंसाया गया है।

– वहीं इसके बाद कई लोगों का नाम लिखने के बाद ही डीएसपी भगवानदास ने अपने आप को गोली मारी थी।

– यही नहीं, घटना से पहले सुबह करीब 8:15 बजे उन्होंने इस बारे में अपने भाई सुरेंद्र से भी बात की और आत्महत्या के फैसले के बारे में बताते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम भी बताए।

ट्रांसफर के अगले ही दिन मार ली थी खुद को गोली

– हांसी के शेखपुरा में फाग के दिन हुई फायरिंग में 3 लोगों की मौत के मामले में डीएसपी भगवान दास का नाम सामने आया था। जिसके फौरन बाद 14 मार्च को डीएसपी भगवान दास को पंचकूला पुलिस हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था।

– 15 मार्च की सुबह डीएसपी ने पुलिस लाइन में अपने सर्विस रिवाॅल्वर सिर पर गोली मार कर आत्महत्या करने की कोशिश की।

– एसीपी दलीप ने बताया कि घटना से एक दिन पहले उनकी डीएसपी भगवानदास से बात हुई थी।

– एसीपी दलीप ने कहा कि दोनों एक ही बैच के हैं। इस लहजे से दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते थे।

यह है पूरा मामला

– होली वाले दिन हांसी में पुरानी चुनावी रंजिश को लेकर दो गुटों में हुई फायरिंग में तीन की जान चली गई थी।

– गांव के अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एफआईआर में हिसार में तैनात डीएसपी हेडक्वार्टर भगवानदास सहित 24 लोगों को नामजद करते हुए 28 पर केस दर्ज किया गया था।

– पुलिस ने इस मामले की जांच मेंं एसआईटी गठित की है। पीड़ित पक्ष डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद ही अस्पताल से शव उठाने पर अड़ा रहा।

– गांव वालों ने डीएसपी की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन की चेतावनी दी। इसके बाद आरोपी डीएसपी का पंचकूला मुख्यालय में तबादला कर दिया गया था।

फोर्स की चप्पे-चप्पे पर नजर

– वैसे तो तिहरे हत्याकांड के बाद से ही गांव में पुलिस फोर्स तैनात हैं। सोमवार को डीएसपी के निधन की सूचना के बाद फोर्स को सतर्क कर दिया।

– सवेरे सदर थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली की भगवान दास का अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा, जिस पर वह लौट आए।

– गांव में सिरसा व हिसार की 25 पुलिस कर्मियों की एक-एक रिजर्व पुलिस है। जिनकी ड्यूटी 12-12 घंटे में लगाई जाती है। सोमवार को 19 होमगार्ड की तैनाती की गई।

चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा मामला

तिहरे हत्याकांड को चुनावी रंजिश से जोडक़र देखा जा रहा है। पिछले साल जनवरी में डीएसपी भगवान दास की बेटी पूजा ने सरपंची के चुनाव में बलबीर प्रधान को हराया था। इसके अलावा दोनों पक्षों में डेरा राजूनाथ के महंत फूलनाथ पर दर्ज हुए मामले को लेकर भी तनाव चल रहा था।

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