Dreaded gangster Surinder Geong shot dead in encounter

shot deadThe Karnal police shot dead dreaded criminal Surinder Geong, a resident of Geong village in Kaithal district, in an encounter near Rahra village in the district this afternoon.

Congress national spokesperson Randeep Singh Surjewala reportedly feared threat to his life from Geong and had approached the Punjab and High Court for increasing his security cover.

According to police sources, Geong was running an extortion racket even from the jail. He had murdered Narinder Arora, a plywood dealer in Kaithal, in March 2006 and escaped to South Africa. He was later extradited to India in 2008 with the help of Interpol. After his extradition, Geong was put to trail in court that sentenced him to life imprisonment in 2014 in a murder case.

The Rohtak Commissioner had released Geong on parole, who was serving life imprisonment in a Jhajjar jail in a murder case, on May 23, 2016, for constructing his house but the parole was later cancelled on May 29 following objection by the Kaithal police. Since then he was at large and the police had been searching for his whereabouts.

The encounter began around 2 pm and continued for around 20 minutes. Several rounds were fired from both sides. The Karnal police shot him dead in retaliation as he had fired on them.

Karnal SP Jashandeep Singh Randhawa had assigned the duty to CIA-1 in charge Bijender Singh, who along with his team members, laid a trap near Rahra village. Geong donning an attire of a Sikh was travelling in a new Honda City car. As he reached near Rahra village, Bijender Singh and his team members surrounded him. Geong fired upon the police party and Bijender Singh had a narrow escape, said the SP.

Geong fled towards the village in the car but the police chased him, he added. Geong again fired at the police party but his car got stuck in a street. He tried to run away while firing at the police party. The police retaliated and Geong was killed, Randhawa said.

“The police have recovered two pistols, some cartridges and a Honda city car from the spot. We have started a combing operation in the nearby areas to nab Geong’s accomplices, if any,” he said.

After the operation, Karnal range IGP Subhash Yadav, SPs of Karnal, Kurukshetra, Kaithal and Jind also reached there.

Police uniform, ID-card recovered

Karnal: Geong was a wanted criminal in Haryana, Punjab, Uttar Pradesh and Delhi. He was involved in 37 cases in Haryana, of which 26 were registered in Kaithal, four Kurukshetra, two Jind, one each in Karnal and Hisar.

SP Jashandeep Singh Randhawa said Geong used to impersonate as a police officer. Two police uniforms—one bearing the logo of the Delhi Police and an ID-card of the Haryana Police with name Surinder Sheoran, and a police belt were found on his person after the encounter.

At the time of the incident, Geong was wearing a ‘Khakhi’  turban and brown shoes, which are usually worn by policemen.

Hundreds of persons witnessed the encounter that took place in the middle of a village. According to sources, Geong was once elected Sarpanch of Geong village.  “The body has been kept in the Assandh post-mortem house and members of his family have been informed ,” said the SP.

The Kaithal police were also in search of the gangster and were in the area at the time of encounter, but it was the Karnal police that engaged him and shot him dead, he said.

19 की उम्र में इस गैंगस्टर ने किया पहला मर्डर, दोनों हाथों से चलाता था गन

कैथल (हरियाणा). मोस्टवांटेड सुरेंद्र ग्योंग काे करनाल-कैथल पुलिस ने शनिवार दोपहर एनकाउंटर में मार गिराया। वह सरदार के वेश में भाग रहा था। सुरेंद्र के खिलाफ 4 राज्यों में हत्या लूट, अपहरण और फिरौती जैसे मामले दर्ज हैं। वह मकान की मरम्मत कराने के लिए 23 मई 2016 को झज्जर जेल से पैरोल पर आया था। 21 जून 2016 को सरेंडर करना था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। कोर्ट के भगोड़ा घोषित करने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और 50 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। 19 साल पहले पहला मर्डर किया, भाई भी हत्या के मामले में जेल में….

– कैथल के गांव ग्योंग का रहने वाला सुरेंद्र के पिता ईश्रा की 12 एकड़ जमीन थी। सुरेंद्र कैथल पढ़ने जाता था।

– साल 1994 में एक दिन वापस लौटते हुए बस रोकने को लेकर ड्राइवर- कंडक्टर से झगड़ा हो गया। मारपीट का केस दर्ज हुआ। इसके बाद वह छोटा-मोटा क्राइम करने लगा।

– 1999 में गांव कौल के बैंक में एक व्यक्ति से एक लाख रुपए छीन लिए। पुलिस ने डकैती का केस दर्ज किया। इसके बाद शहर में पत्रकार परमानंद गोयल की हत्या कर दी।

– उस समय वह कृष्ण पहलवान के लिए काम करता था। एक दिन पैसों को लेकर दोनों में अनबन हो गई तो पहलवान की भी हत्या कर दी।

– दो हत्याओं के बाद शहर में सुरेंद्र ग्योंग की दहशत हो गई। वह आढ़तियों, डाॅक्टरों और व्यापारियों से फिरौती मांगने लगा। कैथल के ही करीब 60 लोगोंं से फिरौती वसूली। इसके बाद प्लाइवुड व्यापारी नरेंद्र अरोड़ा की हत्या कर दी। इसके बाद हत्या, डकैती, अपहरण व फिरौती का धंधा चलाता रहा।

– गैंगस्टर बनने के बाद परिवार की करीब 9 एकड़ जमीन बिक गई। 3 एकड़ जमीन सरकार ने कुर्क की हुई है।

– सुरेंद्र के बड़े भाई जोगेन्द्र पर भी हत्या, धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज है। वह धोखाधड़ी के एक मामले में लुधियाना जेल में बंद है।-जैसा की गांव के एक व्यक्ति ने बताया

दोनों हाथ से फायरिंग कर रहा था बदमाश

– मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर 2:15 बजे थे। सिर पर पगड़ी पहने दाढ़ी वाला एक व्यक्ति सामने से भागते हुए निकला। वह तुरंत राइट साइड वाली गली की तरफ मुड़ गया।

– 8-10 कदम जाने के बाद वह वापस दौड़ते हुए आया। दोनों हाथ से फायरिंग करते हुए वह दूसरी ओर भागने लगा तो नाले में पैर फंसने से जमीन पर गिर पड़ा।

– वह जमीन पर गिरे हुए ही दोनों हाथ से फायरिंग कर रहा था। जवाब में 5 लोग अलग-अलग कोने पर गोली चला रहे थे।

– करीब 14 मीटर दूर खंभे के पास खड़े व्यक्ति ने युवक को एक के बाद एक दो गोली मारी। इसके बाद वह गर्दन नहीं उठा सका।

– बाद में पता चला कि पुलिसवाले सुरेंद्र ग्योंग का एनकाउंटर कर रहे थे। गोली लगने के बाद मांस के टुकड़े व बाल छह फीट दूर दीवार पर जाकर गिरे हुए मिले।

कार पर राजस्थान का टेंपरेरी नंबर

– सुरेंद्र ग्योंग जिस होंडा सिटी गाड़ी में सवार था, उस पर राजस्थान का टेंपरेरी नंबर था। यह गाड़ी तिजारा अलवर राजस्थान से खरीदी गई है।

– उसकी जेब से 9 एमएम के 38 राउंड बरामद हुए हैं। उससे दो पिस्तौल मिली हैं, जिनमें एक में 12 व दूसरी में 5 राउंड थे।

– करनाल पुलिस ने दो एसएलआर और दर्जन भर 9 एमएम फायर किए। जबकि सुरेंद्र द्वारा पुलिस पर 7-8 फायर किए गए हैं। पुलिस ने सुरेंद्र द्वारा फायर किए गए खोल भी बरामद किए हैं।

जेल से सरपंच बना, चार्ज पंच को मिला

– सुरेंद्र ने 2005 में अम्बाला जेल में रहते हुए सरपंची का चुनाव जीता था। लेकिन सरपंच बनने के बाद वह जेल से नहीं छूटा तो एक पंच को चार्ज देना पड़ा।

दिल्ली पुलिस की वर्दी, हरियाणा पुलिस का आईकार्ड, बेल्ट व पगड़ी बरामद

– सुरेंद्र से दिल्ली पुलिस की बैच लगी वर्दी, हरियाणा पुलिस का आईकार्ड, लाल रंग के जूते व खाकी पगड़ी और पुलिस की बेल्ट बरामद हुई है।

– पुलिस के आईकार्ड पर सुरेंद्र श्योराण लिखा है। सुरेंद्र खुद को छिपाने के लिए पुलिस का वेश धारण करता था। इससे वह पुलिस की पहुंच से दूर था।

– घटना के समय सुरेंद्र ने पगड़ी पहन रखी थी। पुलिस को पहले ही पता चल गया था कि वह सरदार की वेशभूषा में है।

– खाकी पगड़ी पहने व दाड़ी बढ़ाए हुए है। सुरेंद्र पर कातिलाना हमला करने व आर्म्स एक्ट के तहत असंध थाने में केस दर्ज किया गया है।

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