Hindus in Pakistan allowed to worship in this Shiv Mandir after two decades

mandirA Pakistani court on Monday allowed Hindus to worship at a Shiva temple in Abbottabad district which had been off limits to them for 20 years.

A bench of the Peshawar High Court headed by Justice Ateeq Hussain Shah permitted Hindus to worship at the Shiv Jee temple of Khyber Pakhtunkhwa under section 20 of the Constitution.

The temple had been closed for any religious activity over a property dispute.

In 2013, a Hindu non-governmental organisation filed a petition with the PHC Abbottabad bench that they had purchased the property through lease by a legal owner.

The petitioner pleaded that after partition of the subcontinent, the NGO has been looking after the temple.

पाकिस्तान के शिव मंदिर में हिंदुओं को 20 साल बाद मिली पूजा की इजाजत

पेशावर. पाकिस्तान की एक कोर्ट ने एबटाबाद जिले के एक शिव मंदिर में हिंदुओं को 20 साल बाद पूजा की इजाजत दी है। प्रॉपर्टी के विवाद की वजह से कोर्ट के आॅर्डर पर इसमें सभी तरह की रिलीजियस एक्टिविटीज को रोक दिया गया था। हिंदू एनजीओ ने लगाई थी पिटीशन…

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 2013 में इस केस को लेकर एक हिंदू एनजीओ ने पेशावर हाईकोर्ट की एबटाबाद बेंच में पिटीशन लगाई थी।

– इस एनजीओ ने इस मंदिर से जुड़ी प्रॉपर्टी इसके असली मालिक से लीज के जरिए खरीदी थी।

– एनजीओ का दावा है कि वह भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद से ही इस मंदिर की देख रेख करता रहा है।

SC ने दिया था समाधि को दोबारा बनाने का ऑर्डर

– बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने दो साल पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रोविंस में एक समाधि को फिर से बनाने का आॅर्डर दिया था।

– परमहंस जी महाराज की इस समाधि को 1997 में कुछ कट्टरपंथियों ने तोड़ दिया था।

तब कोर्ट ने लगाई थी हिंदू मंदिर तोड़ने पर रोक

– 2012 में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने कराची के लक्ष्मीनारायण मंदिर को तोड़ने पर रोक लगा दी थी।

– यह मंदिर कराची बंदरगाह के पास है और पोर्ट ट्रस्ट ने इसे गिराने की मांग की थी।

– माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 200 साल पूर्व किया गया था।

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