Over 500 BJP supporters create terror in top police officers at Saharanpur

saharanpurDays after violence, Shanti Dolly, wife of SSP Love Kumar has revealed how frightened her small children were and how they screamed with fear when over 500 supporters of BJP MP entered their house and ransacked it. They were angered as the IPS officer had block their Shobha Yatra taken out without police permission.

House of police official attacked, CCTV cameras and public properties set on fire

Saharanpur in Uttar Pradesh witnessed communal clashes on Thursday after BJP MP Raghav Lakhanpal and other party leaders took out the “Ambedkar shobha yatra,” allegedly without police permission, through the communally sensitive parts of the city.

Senior Superintendent of Police, Saharanpur, Love Kumar, has ordered filing of FIR against Mr. Lakhanpal and over 500 others for the violence, vandalism and attack on the house of the Senior Superintendent of Police and the DM office.

Mixed population

Sadak Dudhli village, on the outskirts of Saharanpur, has a mixed population of Muslims and Dalits. No procession had been taken out here in the last seven years. After the Yogi Adityanath government took charge in Uttar Pradesh, Hindu groups, in coordination with local BJP leaders, announced that they would take out a procession, called ‘Shobha Yatra’ in local parlance, through the village. The police denied them permission as it was a communally sensitive area, but the BJP leaders went ahead. The procession was attacked with stones when it was about to enter the Muslim area of the village.

 

The ensuing clash stopped the BJP procession from being taken through the Muslim area. BJP supporters then went on a rampage and attacked the house of the Senior Superintendent of Police. The violent crowd allegedly broke CCTV cameras and furniture and set public properties on fire.

 

The western Uttar Pradesh town has been turned into a fortress with huge police deployment. Though the situation is under control, rumour mills have ensured that the region remains tense.

 

MP’s threat

 

Mr. Lakhanpal and BJP leaders have threatened that they would take the “shobha yatra” through Sadak Dudhli on April 23. The MP said “he would not allow Saharanpur to become Kashmir,” a comparison which provoked strong condemnation from SP leaders like Sudhir Panwar and Dalit activists like Satish Prakash.

 

Mr. Prakash condemned the BJP’s attempt to “misuse Ambedkar’s name to communally polarise the region.”

 

SP panel

 

The Samajwadi Party has formed a five-member team to probe the violence and submit a report in three days to party chief Akhilesh Yadav.

 

“Police took out a flag march in the village and the situation is under control,” Mr. Kumar told the media. He said two FIRs had been registered, one for the communal clash in which 10 persons from both sides had been booked and another for the attack on the SSP’s house and vandalism and rioting on the road in which BJP MP’s supporters were found to be involved.

 

The last time the city saw communal riots was in 2014 when a dispute over a land triggered into major communal clashes between Muslims and Sikhs, killing three persons and injuring many.

मेरे मासूम बच्चे डर के चीख रहे थे, मैं सहम गई हूं: IPS की पत्नी की आपबीती

एसएसपी लव कुमार की पत्नी शक्ति डॉली ने सहारनपुर बवाल पर कहा- ”मैंने अपने छह व आठ साल के बच्चों की आंखों में खौफ देखा।”

सहारनपुर. यूपी के सहारनपुर में शोभायात्रा से भड़की हिंसा के बाद यहां के एसएसपी लव कुमार की पत्नी का दर्द सामने आया है। उन्होंने बताया कि, ”मैं आइपीएस की पत्नी हूं। अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद जैसे संवदेनशील जिलों में पति के संग-संग रही हूं। लेकिन सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाने वाली एसएसपी कोठी पर ढाई घंटे तक जो मंजर मैंने देखा, उससे सहम गई हूं।” इस मामले पर जब dainikbhaskar.comने यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा- ”किसी भी अधिकारी के आवास में घुसना गलत है। हम दोषियों पर कार्रवाई करेंगे।” बता दें, गुरुवार को बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने समर्थकों के साथ एसएसपी के घर पर जमकर उत्पात मचाया था। पढ़ें, क्या कहा एसएसपी की पत्नी शक्त‍ि डॉली ने…

– ”मैं आइपीएस की पत्नी हूं। अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद जैसे संवदेनशील जिलों में पति के संग-संग रही हूं। लेकिन सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाने वाली एसएसपी कोठी पर ढाई घंटे तक कल जो मंजर मैंने देखा, उससे सहम गई हूं।”

– ”मैंने अपने छह व आठ साल के बच्चों की आंखों में जो खौफ देखा, उसे भूल नहीं सकती। पहले कभी वो इतनी जोर-जोर से चीख कर नहीं रोए, जितना उस शाम (गुरुवार) को।”

– ”उस शाम करीब साढ़े सात बजे बवाल को शांत कर जब पति घर पहुंचे तो दौड़ कर दोनों बच्चे पापा-पापा कहते हुए उनसे लिपट गए।”

– ”दूसरी और तीसरी क्लास में पढ़ने वाले मेरी बेटी व बेटे की आंखें रो-रो कर लाल हो चुकी थीं। कोठी में पूरी तरह से सांसद व उनके समर्थकों का कब्जा हो चुका था।”

उपद्रवियों को देख बच्चे रोने लगे और कहा- मम्मी, पापा को जल्दी बुलाओ

– एसएसपी की पत्नी का कहना है कि, ”जैसे ही कोठी पर हंगामा व नारेबाजी शुरू हुई तो वे कुछ समझ ही नहीं सकीं। फॉलोअर से पूछा तो बताया गया कि, सांसद आए हैं, तो मैंने उन्हें ऑफिस में बिठाने को कहा, लेकिन तभी सैकड़ों की भीड़ बढ़ी और तोड़फोड़ शुरू हो गई।”

– ”सांसद समर्थकों ने इतना दुस्साहस किया कि कैंप ऑफिस व आवास के बीच के दरवाजे को खोल कर अंदर गैलरी तक घुस गए।”

– ”उपद्रवियों को देख दोनों बच्चे ये कहते हुए रोने लगे कि मम्मी, पापा को फोन करके जल्दी बुलाओ डर लग रहा है। तभी फॉलोअर ने दौड़ कर दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया।”

भीड़ से आवाजें आ रही थीं- आज कप्तान को बंगले में घुसने नहीं देंगे

– ”भीड़ के बीच में जोर-जोर से आवाज आ रही थीं कि, आज कप्तान को बंगले में घुसने नहीं देंगे, देखते हैं अंदर कैसे आएगा..।”

– ”ये सुनने के बाद मैं दोनों बच्चों को गोद में लेकर कोठी के पिछले गेट से निकल कर काफी देर तक गाय के पास बैठी रही।”

– ”तभी कोठी में तैनात एक दारोगा दौड़ कर आया और हमे तीनों को सर्विलांस सेल दफ्तर में बैठाकर एसएसपी को फोन किया। इसके बाद देर शाम को एसएसपी ने आवास पर लौटे।”

परिवार का भयभीत होना स्वाभाविक: SSP लव कुमार

– इस मामले पर एसएसपी लव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा- ”400-500 के आसपास लोग होंगे, कुछ लोग नारेबाजी भी कर रहे थे।”

– ”किसी के भी घर में 400-500 लोग घुस जाएं तो परिवार का भयभीत होना स्वाभाविक है। मेरा परिवार शॉक्ड रह गया कि कैसे इतने लोग घर में घुस आए।”

मामले को फर्जी में तूल दिया जा रहा: बीजेपी सांसद

– dainikbhaskar.com से बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने कहा- ”ये मेरे खिलाफ साजिश है। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हम बस शिकायत करने एसएसपी आवास गए थे। इस मामले को फर्जी में तूल दिया जा रहा है।”

किसी अधिकारी के आवास में घुसकर उत्पात मचाना गलत: श्रीकांत शर्मा

– इस मामले पर यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा- ”ये खबर मैंने dainikbhaskar.com पर देखी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार अपने स्तर पर जांच करावा रही है।”

– ”अगर किसी व्यक्ति को कोई अपत्त‍ि थी तो पार्टी या सरकार को लिखित या मौखिक रूप से बता सकता था। उसका समाधान निकाला जाता। लेकिन किसी भी रूप में कानून को अपने हाथों में लेना गलत है। किसी अधिकारी के आवास में घुसकर उत्पात मचाना गलत है। जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।”

क्या है पूरा मामला

– उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गुरुवार को एक शोभायात्रा निकालने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई।

– अंबेडकर जयंती समारोह के उपलक्ष्य में यह शोभायात्रा आयोजित की गई थी और यह बिना प्रशासन की अनुमति के बलपूर्वक निकाली गई।

– इस इलाके में हिंसा फैलने की आशंका के चलते ऐसी शोभायात्राओं पर सालों से पाबंदी है।

– जबरन शोभायात्रा निकाले जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की और यात्रा छोटी कर दी। शोभायात्रा की दूरी छोटी किए जाने से नाराज बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने समर्थकों के साथ एसएसपी का घर घेर लिया। वहां सीसीटीवी कैमरा और कुछ कुर्सियों को तोड़ दिया गया। एसएसपी की नेम प्लेट भी उखाड़ दी गई।

– साथ ही भीड़ ने एसएसपी के आवास में भी तोड़फोड़ की।

– बता दें, सहारनपुर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है।

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