Why this folk singer was outcast? Was married at age 12

this folk singer was outcastTeejan Bai (born 24 April 1956) is an exponent of Pandavani, a traditional performing art form, from Chhattisgarh, in which she enacts tales from the Mahabharata, with musical accompaniments.

She has been awarded the Padma Shri in 1988, and Padma Bhushan in 2003 by Government of India, besides 1995 Sangeet Natak Akademi Award in 1995, given by Sangeet Natak Akademi, India’s National Academy of Music, Dance & Drama.

However, life has not been easy for Teejan. She was married off at the age of just 12 years. She was born in tribe where women are barred from singing. That was why she was outcast.

पंडावनी गायिका तीजन बाई आज अपना 61वां जन्मदिन मना रही हैं। उनका जन्म 24 अप्रैल, 1956 को हुआ था। देश-विदेश में पंडावनी लोक गायिकी को पहचान दिलाने वाली तीजन बाई की जिंदगी का सफर आसान नहीं रहा है। इसी गायिकी की वजह से उन्हें समाज ने बेदखल कर दिया था। समाज से निकाले जाने के बाद भी उन्होंने गाना नहीं छोड़ा। नाना को सुनकर बढ़ी गाने के प्रति रुचि...

तीजन और पंडावनी एक-दूसरे के पूरक हैं। भिलाई के गांव गनियारी में जन्मी इस कलाकार के पिता का नाम चुनुकलाल परधा और माता का नाम सुखवती था। पारधी जनजाति की तीजन अपने नाना ब्रजलाल को महाभारत की कहानियां गाते-सुनाते देखतीं थी। धीरे-धीरे उन्हें ये कहानियां याद हो गई। उनकी लगन और प्रतिभा को देखकर गायक उमेद सिंह देशमुख ने उन्हें प्रशिक्षण दिया।

तीजन की शादी 12 साल की उम्र में हो गई थी। पारधी जनजाति की महिलाओं को गाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन तीजन गाना नहीं छोड़ना चाहती थी। इसी वजह से पति ने छोड़ दिया और कम्युनिटी ने उन्हें बेदखल कर दिया। तीजन ने अपनी झोपड़ी बनाई और उसी में रहने लगी। पड़ोसियों से खाना मांगकर खाती थी। उनके साथ ये सब हुआ फिर भी उन्होंने गाना नहीं छोड़ा। वो कभी अपने पहले पति के पास लौटकर नहीं गई। बाद में दोनों के बीच तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने दो बार और शादी की, लेकिन ये शादी भी सफल नहीं हो पाई। उन्होंने अपने ग्रुप के हारमोनियम प्लेयर तुकाराम से शादी की, जो उनके चौथे पति हैं।

 

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