Why clean chit to kingpin of international sex racket? Others charged

sexJaipur: Questions are being raised as to why clean chit has been given to kingpin of international sex racket while others have been booked. It may be mentioned that two years ago 18 people, including 10 Thai girls, were arrested for allegedly running flesh trade in the garb of operating two spas at Banipark area in the state capital, police said on Sunday.

All the accused, 10 Thai girls and eight men, were booked at Sadar police station under prevention of immoral trafficking act, they said.

There were complaints from the local people that on the pretext of massage, prostitution racket was being carried in the Thai spas, police said.

After probing the plaints, the local police raided the Crystal Mall at Banipark and arrested the manager, four Thai girls and helpers at the Thai Harmony Spa. While six other Thai girls, three customers and manager of Crystal Spa were also arrested, they said.

The girls used to charge from `3,000 to `6,000 depending on the customers standard for one time massage and illicit relations, they said.

Police have recovered the visa and passports of the accused Thai girls and verifying their antecedents.

On November 2 night, six people, including one woman, were arrested for running a flesh trade racket from a hotel under Karni Vihar police station.

इंटरनेशनल सेक्स रैकेट के आरोपी को क्लीनचिट, कोर्ट में मुकर गई पुलिस

थाईलैंड की चार युवतियों के साथ आपत्तिजनक हालत में मिले थे आरोपी।

जयपुर. मसाज सेंटर में अनैतिक काम करने के आरोप में गिरफ्तार युवक को 15 माह बाद कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी, लेकिन मामले में उसके साथ आरोपी बनाए गईं थाईलैंड की चार लड़कियों और तीन लड़कों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया, जबकि सभी के खिलाफ एक ही सबूत थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या युवक की गिरफ्तारी ही गलत थी या पुलिस ने किसी रसूखदार के दबाव में उसको कोर्ट से बचा लिया? आपत्तिजनक हालत में मिले थे लड़के-लड़कियां…

– बता दें कि पुलिस ने नवंबर 2015 में सवाई जयसिंह हाइवे के क्रिस्टल मॉल में दबिश दी थी।

– जिसमें थाईलैंड की चार युवतियों के साथ आपत्तिजनक हालत में संदीप सिंह, राम जांगिड़, गुरुमीत सिंह व अशोक कुमार श्रीवास्तव को पकड़कर सभी को पीटा एक्ट में गिरफ्तार किया।

– तब रिपोर्ट बनाकर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एक ही सबूत माना और उनको कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया था।

– मामले की जांच कर रहे सदर टीआई ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन उसी दौरान पुलिस कमिश्नरेट के अफसरों की दखल के बाद मामले की जांच बदलकर झोटवाड़ा एसीपी आस मोहम्मद को सौंप दी गई। उन्होंने राम जांगिड़ को छोड़कर सभी को आरोपी मानते हुए चालान पेश कर दिया। उसके बाद पुलिस ने राम जांगिड़ के पक्ष में सीआरपीसी 169 में रिपोर्ट पेश करके क्लीन चिट दिलवा दी।

क्लीनचिट पर पुलिस महकमे में चर्चा

आरोपी राम जांगिड़ को पीटा एक्ट के मामले में कोर्ट से रियायत मिलना पुलिस महकमे में चर्चा में बना हुआ है। एक जैसे मामले में जब एक आरोपी को क्लीनचिट दे दी तो दूसरों को किस बेस पर दोषी माना? आरोपी के पिता रसूख वाले हैं, लिहाजा उसको क्लीनचिट दिलाने में सीएमओ, पुलिस हेडक्वार्टर और जयपुर कमिश्नरेट के आला अफसरों का हाथ हाेने से इनकार नहीं किया जा सकता।

सदर टीआई के मुताबिक, मसाज सेंटर की आड़ में अनैतिक काम हो रहा था। पुलिस को सभी आपत्तिजनक हालत में मिले थे, सबूत थे। मैं तो सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने की तैयारी में था, लेकिन जांच बदल दी गई।

वहीं एसीपी नीरज पाठक ने बताया कि विदेशी युवतियों व चार युवकों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था। सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत थे, इसीलिए तो गिरफ्तार किया था। ऐसे मामलों में पुलिस बिना सबूत कैसे गिरफ्तार करेगी ?

झोटवाड़ा एसीपी आस माेहम्मद ने कहा कि यह बड़ा मामला है। इस बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता। कभी मिलेंगे तभी बात करेंगे। (भास्कर संवाददाता ने एसीपी आस मोहम्मद को तीन दफा फोन कर मुलाकात का वक्त मांगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि अभी बिजी हूं।)

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